
लखनऊ के सरकारी अस्पताल में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मरीजों के साथ खड़े होकर पर्ची कटवाई। इस दौरान उन्हें कोई पहचान नहीं सका। वह पर्ची लेकर सीधे ओपीडी में डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर को बीमारी बताने के बजाय अस्पताल की व्यवस्था के बारे में पूछना शुरू किया। इस पर डॉक्टर ने उन्हें पहचान लिया।
इसके बाद डिप्टी सीएम बाहर निकल आए और अस्पताल की दूसरी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने लगे। अपने 54 मिनट के विजिट में उन्होंने मरीजों से उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्यकर्मियों से पूछताछ की। अव्यवस्थाएं मिलने पर भड़क उठे। उन्हें सही करने का निर्देश दिया।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भी हैं। वे आज मास्क लगाकर चिनहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे थे।



बेड पर चादर ना मिलने पर भड़के
निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था, वार्डों की बदहाली और लापरवाही पर डिप्टी सीएम भड़क उठे। जनरल वार्ड में कई बेड पर चादर नहीं मिली और अस्पताल परिसर में गंदगी देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, तब तक जिम्मेदार अधिकारी घर नहीं जाएंगे।
डिप्टी सीएम ने जिम्मेदारों को नोटिस जारी करने और सफाई एजेंसी का एक सप्ताह का भुगतान काटने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सफाई ना दिखने पर लगाई फटकार
इसके बाद वह पैथोलॉजी विभाग पहुंचे। यहां मरीजों की लंबी कतार लगी थी। उन्होंने टेक्नीशियन से पूछा कि एक मरीज का ब्लड सैंपल लेने में कितना समय लगता है? जवाब मिलने के बाद उन्होंने जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। ताकि मरीजों को ज्यादा देर तक इंतजार न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान एक्स-रे कक्ष के आसपास धूल-मिट्टी दिखाई दी। इस पर उन्होंने तुरंत सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां रखी अलमारी खोलकर स्टॉक भी जांचा। इसके बाद वह ओपीडी कक्ष नंबर 5 में पहुंचे और डॉक्टर से अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों की संख्या के बारे में जानकारी ली।
जनरल वार्ड की स्थिति देख हुए नाराज
डिप्टी सीएम जब जनरल वार्ड नंबर 28 पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर नाराज हो गए। वार्ड में कई बेड पर चादर नहीं बिछी थी। साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं थी। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि मरीजों की देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शौचालयों की स्थिति भी देखी, जो संतोषजनक नहीं मिली। इस पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। हालांकि फायर एस्टिंग्यूसर सिलेंडर की एक्सपायरी डेट जांचने पर वह सही पाई गई।

मोबाइल दुरुस्त करने के दिए निर्देश
केंद्र के सभागार में उस समय आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। आशाओं ने डिप्टी सीएम को बताया कि उनके मोबाइल फोन खराब हैं। जिससे काम में दिक्कत हो रही है। इस पर डिप्टी सीएम ने तुरंत सीएमओ डॉ. एनबी सिंह को फोन लगाकर मोबाइल ठीक कराने या बदलने के निर्देश दिए।
साथ ही आशा कार्यकर्ताओं का बकाया भुगतान भी तत्काल कराने को कहा। सीएमओ को तत्काल सीएचसी पहुंचकर समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए।
पीने के पानी पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान पीने के पानी की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। पानी की पाइप को जाली से बांधकर रखा गया था और आसपास गंदगी थी। इस पर डिप्टी सीएम ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
अस्पताल में रुक कर व्यवस्थाएं करें दुरुस्त
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त होने तक वे अस्पताल परिसर से नहीं जाएं। दवाओं के काउंटर पर कतार लंबी लगी थी। सीएचसी अधीक्षक को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश कहा। उन्होंने कहा कि पांच मिनट के भीतर मरीजों को दवा मिल जानी चाहिए।

