
यूपी पुलिस की दरोगा भर्ती परीक्षा में आए एक सवाल पर विवाद रुक नहीं रहा है। लखनऊ में सपा दफ्तर के बाहर मंगलवार रात इस पर एक होर्डिंग लगा दिया गया। इस पर लिखा है- हां, मैं हूं अवसरवादी…। इस होर्डिंग पर नीचे लिखा है- सिद्धार्थ मिश्रा, जलालपुर, अंबेडकरनगर।
इससे पहले कल ही दिन में एक भगवाधारी युवक यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के मुख्यालय सुसाइड करने पहुंच गया था। उसने खुद पर बॉटल से केरोसीन छिड़कना शुरू कर दिया। देखते ही वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत पकड़ लिया। उसने आरोप लगाया कि परीक्षा में आए सवाल को बनाने वाले के खिलाफ FIR दर्ज नहीं हो रही है।

प्रश्न पत्र से शुरू हुआ विवाद, अब बना सियासी मुद्दा
उप निरीक्षक नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा की पहली पाली में पूछे गए एक प्रश्न में ‘अवसरवादी’ के विकल्प के रूप में ‘पंडित’ शब्द दिए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। अभ्यर्थियों और विभिन्न संगठनों ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए सवाल उठाए।
मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सफाई दी और जांच के आदेश भी जारी कर दिए। इसी बीच राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं।

भर्ती बोर्ड ऑफिस में जान देने पहुंचा था भगवाधारी
लखनऊ में पुलिस भर्ती बोर्ड मुख्यालय पर भगवाधारी युवक ने मंगलवार को सुसाइड की कोशिश की। वह अपने साथ बोतल में केरोसीन लेकर पहुंचा था। बोर्ड के मेन गेट से अंदर घुसते हुए उसने अपने ऊपर केरोसीन छिड़कना शुरू किया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत पकड़ लिया।
उसका आरोप है कि भर्ती बोर्ड ने दरोगा भर्ती परीक्षा में पंडित को अवसरवादी से जोड़कर जानबूझकर सवाल पूछा। इसके खिलाफ मेरी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं हो रही है। ब्राह्मणों को बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा है। आज अभी एक सिपाही ने मुझे गाली दी। युवक की पहचान बुलंदशहर के रहने वाले दीपक शर्मा के रूप में हुई।

सवाल, जिस पर हो रहा बवाल-
दरअसल, दरोगा भर्ती परीक्षा के पहले दिन शनिवार (14 मार्च) को सामान्य हिंदी के प्रश्नपत्र में पूछा गया था- अवसर के हिसाब से बदल जाने वाले को क्या कहेंगे? इसके 4 विकल्पों में पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी थे। सवाल सामने आते ही विरोध शुरू हो गया।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा- यह मामला स्वीकार्य नहीं है। जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। भाजपा के ब्राह्मण विधायकों ने भी विरोध जताते हुए सीएम को लेटर लिखकर कार्रवाई की मांग कर दी।
अगले दिन सीएम योगी ने सभी भर्ती बोर्ड को निर्देश दिए। कहा कि जाति, धर्म को लेकर अमर्यादित टिप्पणी न की जाए। यह कतई बर्दाश्त नहीं है। बार-बार ऐसी गलती करने वालों को प्रतिबंधित किया जाए।

भर्ती बोर्ड बोला- जांच का आदेश दिया गया
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने भी इस प्रश्न का संज्ञान लिया। बोर्ड ने X पर लिखा- उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों के भर्ती की लिखित परीक्षा की पहली पाली में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं हैं। बोर्ड बताना चाहता है कि कोई भी प्रश्नपत्र खुद लोकल लेवल पर निर्धारित नहीं किए जाते।
पेपर को वो संस्थाएं बनाती हैं जो यह तय करती हैं कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की गोपनीयता किसी भी तरह से भंग न हो। इस गोपनीयता को बनाए रखने के लिए बोर्ड स्तर पर भी कोई भी अधिकारी, कर्मचारी प्रश्नपत्रों को नहीं देख सकता। प्रश्नपत्रों के सील्ड पैकेटों को परीक्षा केंद्रों पर ही परीक्षा कक्ष में खोला जाता है। बहरहाल, इस प्रश्न पर जांच का आदेश दिया गया है। जांच के बाद दोषी सिद्ध होने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।

दरोगा भर्ती में ‘पंडित’ पर बवाल, जान देने पहुंचा भगवाधारी : लखनऊ में भर्ती बोर्ड ऑफिस में घुसा, केरोसीन छिड़का; पुलिसवालों ने पकड़ा

लखनऊ में पुलिस भर्ती बोर्ड मुख्यालय पर भगवाधारी युवक ने मंगलवार को सुसाइड की कोशिश की। वह अपने साथ बोतल में केरोसीन लेकर पहुंचा था। बोर्ड के मेन गेट से अंदर घुसते हुए उसने अपने ऊपर केरोसीन छिड़कना शुरू किया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत पकड़ लिया।

