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अंतराष्ट्रीय

राजधानी लखनऊ ईद की छुट्‌टी समाप्त होने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था ठीक नहीं हो पाई है। शहर की सफाई व्यवस्था बे- पटरी हो गई है।

By admin · April 22, 2024 · 1 min read
नालियां साफ करने के बाद उसका कूड़ा कई दिन तक नहीं उठता है। इसकी वजह से परेशानी बढ़ जाती है। - Dainik Bhaskar
नालियां साफ करने के बाद उसका कूड़ा कई दिन तक नहीं उठता है। इसकी वजह से परेशानी बढ़ जाती है।

ईद की छुट्‌टी समाप्त होने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था ठीक नहीं हो पाई है। शहर की सफाई व्यवस्था बे- पटरी हो गई है। शहर के कई वार्ड में कूड़ा नियमित नहीं उठ रहा है। स्थिति यह है कि कुछ जगहों पर टीम आती भी है तो कूड़ा वार्ड में ही डंप कर दिया जा रहा है।

इसकी वजह से ज्यादातर वार्ड में सड़क डंपिंग जोन बन गए है। वर्तमान और पूर्व पार्षदों का कहना है कि शिकायत के बाद भी उनके यहां कोई कार्रवाई नहीं होती है। इसकी वजह से ज्यादातर वार्ड में कूड़ा उठाने का काम ठप हो गया है। आरोप है कि एक तरफ कूड़ा न उठाए जाने से लोग बाहर इधर उधर कूड़ा फेंकने को मजबूर हैं।

सूखा और गीला कूड़ा भी अलग नहीं हो पाया

शहरों में स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए गीला व सूखा कूड़ा अलग अलग उठान की व्यवस्था की गई थी। इसके लिए बकायदा अलग अलग कंपाउंड की गाड़ियां हैं।शान के आदेश के बाद भी कूड़ा उठाने में लापरवाही हो रही है।

ईस्माइल गंज वार्ड द्वितीय में इन दिनों में ईकोग्रीन की गाड़ियों से कूड़ा खुले में डंप किया जा रहा है। शहर की LDA कॉलोनी कानपुर रोड,आशियाना, शारदा नगर, मानसरोवर, ट्रांसपोर्ट नगर, सरोजनी नगर सहित दर्जनों इलाकों में कूड़ा नहीं उठने की शिकायत मिल रही है। इन इलाकों में सबसे खराब स्थिति है

चिनहट, कानपुर रोड LDAकालोनी, साउथ सिटी, राजाजीपुरम, जानकीपुरम, विकास नगर, अलीगंज, त्रिवेणीनगर, आलमबाग क्षेत्र व पुराने लखनऊ की स्थिति सबसे खराब है। यहां पर नियमित ईको ग्रीन की गाड़ी पहुंची ही नहीं है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम के अधिकारियों को कई बार फोन भी करते है लेकिन मदद नहीं मिलती है। यहां तक की अब पार्षदों की भी कोई सुनवाई नहीं बची है।

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