लखनऊ नगर निगम में कार्यदाई संस्था के माध्यम से काम करने वाले ढाई हजार कर्मचारियों को कम वेतन मिल रहा। इसको लेकर सफाई कर्मचारी नाराज हैं।

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लखनऊ नगर निगम में कार्यदाई संस्था के माध्यम से काम करने वाले ढाई हजार कर्मचारियों को कम वेतन मिल रहा। इसको लेकर सफाई कर्मचारी नाराज हैं। दो बार अधिकारियों से मिलकर उनकी तरफ से वेतन बढ़ाने की मांग की गई है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं होने पर कर्मचारियों ने नाराजगी व्यक्त की है।

उनका कहना है कि अगर समय पर उनकी मांग नहीं सुनी गई तो वह अपनी मांगों को लेकर मुखर होंगे। इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों और संबंधित कार्यदाई संस्था की होगी। उनका कहना है कि हमारी भी मेहनत से शहर स्वच्छता रैंकिंग में नंबर तीन पर आया है, लेकिन हमारी ही नहीं सुनी जा रही। घर का खर्च नहीं चला पा रहे।

ढाई हजार सफाई कर्मचारियों को समस्या

लखनऊ नगर निगम के जोन 2, 5 और 8 में 8, 200 रुपए के करीब सैलरी 2,500 सफाई कर्मचारियों को मिलती है। यह लोग लॉयन एनवायरो के तहत काम करते हैं। जबकि जोन 1,3,4 और 7 में 10,200 रुपए सफाई कर्मचारी को सैलरी मिलती है। यह लोग LSA के लिए काम करते हैं। इसमें करीब 4,200 सफाई कर्मी हैं। कर्मचारी नेता नरेश वाल्मीकि का कहना है कि समान काम के लिए एक ही संस्था नगर निगम में काम करने पर वेतन में इतना बड़ा अंतर है। वेतन के मामले में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। कोई सुनने वाला नहीं है।

लखनऊ में सफाई कर्मचारी कम वेतन मिलने पर नाराज हैं।
लखनऊ में सफाई कर्मचारी कम वेतन मिलने पर नाराज हैं।

न्यूनतम वेतन से भी कम मिल रही सैलरी

सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें न्यूनतम वेतन मिल रहा है, जो कि शासन की तरफ से अन स्किल्ड लेबर के लिए बनाए गए नियम करीब 13 हजार रुपए मासिक सैलरी से भी कम है। हमें सिर्फ 8,200 रुपए मिल रहे हैं। कमल वाल्मीकि और सुनील धानुक बताते हैं कि शासन की तरफ से न्यूनतम वेतन के जो नियम तय किए गए हैं कम से कम उन्हें इतनी तनख्वाह तो मिलनी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। हम लोगों ने कई बार इसकी मांग की है। अब आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।

भीषण गर्मी में कर रहे काम फिर भी कम वेतन

राम कुमार भाटी और नंदू वाल्मिकी बताते हैं कि हम लोग भीषण गर्मी में काम कर रहे हैं, फिर भी हमें कम वेतन मिल रहा है। शहर को साफ सुंदर बनाने में हम सफाई कर्मचारियों का भी बड़ा योगदान है। इसी से शहर की स्वच्छता रैंकिंग नंबर 3 तक पहुंची है। उन्होंने बताया कि हमारा पीएफ भी देर से जमा किया जा रहा है। या फिर नहीं जमा किया जा रहा है। ऐसे में कैसे काम किया जाएगा।

नगर आयुक्त ने मांगी रिपोर्ट

सफाई कर्मियों के द्वारा नगर आयुक्त से शिकायत करने के बाद अब पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान पूरे मामले पर रिपोर्ट सौंपेंगे। की क्या कारण है कि शहर में सफाई कर्मियों को कम सैलरी मिल रही है। वहीं, सफाई कर्मचारियों का कहना है की नगर आयुक्त गौरव कुमार ने उन्हें आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द पूरे मामले में उचित कार्रवाई करेंगे।

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