
शंकराचार्य ने कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौवंशों की प्राण रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए मतदाताओं से अपील की कि वे ऐसे प्रत्याशियों को वोट दें, जो गौवंशों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हों।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि संत और राजा दोनों एक नहीं हो सकते। संत का पद ऊंचा है और राजा का पद नीचे। योगी आदित्यनाथ संत हैं, मुख्यमंत्री नहीं।
योगी मंत्रिमंडल विस्तार और पीडीए से जुड़े सवाल पर शंकराचार्य ने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह राजनीतिक विषय है और उनका विषय नहीं है।
मीडिया द्वारा पेश किए जा रहे आंकड़े भ्रामक
केरल और पश्चिम बंगाल में गौ रक्षा यात्रा न निकालने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मीडिया द्वारा पेश किए जा रहे आंकड़े भ्रामक हैं। उनके मुताबिक सरकारी आंकड़ों में केरल में 8 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 15 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ में 25 प्रतिशत गौवंश वृद्धि दर्ज हुई है, जबकि सबसे अधिक गिरावट उत्तर प्रदेश में सामने आई है। इसी वजह से उत्तर प्रदेश में यह यात्रा निकाली जा रही है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा वार यात्रा निकालने का उद्देश्य यह संदेश देना है कि गौवंशों और उनसे जुड़ी आस्थाओं की अनदेखी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।

विमानों के उपयोग पर ध्यान देना चाहिए
प्रधानमंत्री द्वारा सोना कम खरीदने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है और जल्द ही 100 रुपए के पार पहुंच सकता है। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण जनता को सोना खरीदने से बचने की सलाह दी जा रही है।
साथ ही उन्होंने सरकारी खर्चों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सबसे ज्यादा ईंधन विमानों में खर्च होता है और कम ईंधन वाले विमानों के उपयोग पर ध्यान देना चाहिए।
धर्म और राजनीति को साथ लेकर चलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह धर्म का कार्य कर रहे हैं, लेकिन राजनीति पहले से हर क्षेत्र में प्रभाव बनाए हुए है, इसलिए धर्म भी उसकी चपेट में आ रहा है।
भाजपा नेताओं की यात्रा में गैर मौजूदगी पर उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि भाजपा नेता गौ रक्षा के मुद्दे पर आगे आएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में पूर्व विधायक रमेश चंद दुबे द्वारा आयोजित नेत्र चिकित्सा शिविर के उद्घाटन कार्यक्रम में भी शामिल हुए।

