
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने दो दिन पहले यूपी के अलग–अलग हिस्सों में आए ज़बरदस्त आंधी-तूफान और इससे हुई जनहानि पर गहरी चिंता जताई है। प्रदेश सरकार से अपील की है कि वे प्रभावित परिवारों की मदद में पूरी उदारता बरते और हर संभव सहयोग प्रदान करें, जिससे लोग अपने उजड़े घर–बार को फिर से संवार सकें।
त्वरित मदद देकर सरकार उपलब्ध कराए रोजगार के अवसर
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि तूफान से 111 लोगों की मौत हो गई। 72 लोग घायल हो गए। 242 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए। फसलें बर्बाद हो गईं और आजीविका का साधन छिन गया। ऐसे में सरकार को तुरंत सक्रिय होकर राहत कार्यों में तेजी लानी चाहिए। प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद, मकान निर्माण में सहायता और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने जैसे ठोस कदम उठाए जाएं, जिससे वे दोबारा अपनी जिंदगी पटरी पर ला सकें।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से जनता पर नया बोझ
मायावती ने केंद्र सरकार की पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में की गई बढ़ोतरी पर भी निशाना साधा। चेतावनी दी कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपए प्रति लीटर की नई बढ़ोतरी करोड़ों गरीब, मेहनतकश, किसान और मध्यम वर्गीय परिवारों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित करेगी।
महंगाई ने जनता का जीना मुहाल कर दिया
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि पेट्रोल-डीजल महंगे होने से ट्रांसपोर्ट, खेती और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। इससे गरीब परिवारों का पालन-पोषण और भी दुष्कर हो जाएगा। खेती-किसानी पर सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि खाद, बीज, सिंचाई और मंडी तक माल पहुंचाने का खर्च बढ़ जाएगा। मध्यम वर्गीय परिवारों की मासिक खर्च बढ़ने से बचत का कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
मायावती ने केंद्र सरकार से मांग की है कि महंगाई को बढ़ावा देने वाली इस अनवरत वृद्धि को तुरंत रोका जाए। सरकार को सार्थक कदम उठाकर पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों को नियंत्रित करना चाहिए। यही समय की मांग है और जनता भी इसी की उम्मीद कर रही है।

