जालौन: उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, तकनीक आधारित और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में जालौन जनपद में लग…
जालौन: उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, तकनीक आधारित और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में जालौन जनपद में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में अब स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, आईसीटी कंप्यूटर लैब और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को डिजिटल माध्यम से सीखने और तकनीकी ज्ञान हासिल करने का अवसर मिल रहा है।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय के अनुसार, जनपद में 245 स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं। इसके अलावा 45 आईसीटी कंप्यूटर लैब और 3 डिजिटल लाइब्रेरी भी संचालित की जा रही हैं। इन सुविधाओं के जरिए विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
जालौन के परिषदीय विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लास के जरिए छात्र-छात्राएं अब विषयों को केवल किताबों के माध्यम से पढ़ने के बजाय डिजिटल सामग्री देखकर और अभ्यास करके समझ रहे हैं।
गणित, अंग्रेजी समेत कई विषयों को स्मार्ट बोर्ड और डिजिटल माध्यम से समझाया जा रहा है। कठिन विषयों को चित्र, उदाहरण और दृश्य सामग्री के जरिए समझाने से विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई अधिक आसान और रोचक बन रही है।
शिक्षकों द्वारा भी डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल कर कक्षा में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
बदलते दौर में कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए जालौन के सरकारी विद्यालयों में 45 आईसीटी कंप्यूटर लैब स्थापित की गई हैं।
इन कंप्यूटर लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को कंप्यूटर संचालन और डिजिटल तकनीक की बुनियादी जानकारी दी जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को स्कूली स्तर से ही तकनीकी रूप से सक्षम बनाने में मदद मिल रही है।
जनपद में 3 डिजिटल लाइब्रेरी भी संचालित की जा रही हैं। इन डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अलावा विभिन्न विषयों की डिजिटल अध्ययन सामग्री और ज्ञानवर्धक संसाधनों तक पहुंच मिल रही है।
डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता से बच्चों में स्वयं अध्ययन करने, नई जानकारी खोजने और विषयों को बेहतर तरीके से समझने की आदत विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
जालौन के कंपोजिट विद्यालय खरूसा और पूर्व माध्यमिक विद्यालय बम्हन मिनोरा में स्मार्ट क्लास और आधुनिक शैक्षिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्मार्ट बोर्ड पर गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों को डिजिटल माध्यम से समझाया जा रहा है। विद्यार्थी केवल स्क्रीन पर सामग्री देखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्मार्ट बोर्ड पर स्वयं अभ्यास कर पढ़ाई में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
इससे कक्षा में बच्चों की भागीदारी बढ़ रही है और शिक्षकों को भी विषयों को सरल तरीके से समझाने में मदद मिल रही है।
सरकारी विद्यालयों में तकनीक आधारित शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों को खेलकूद और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को बेहतर बनाना है।
जालौन के सरकारी स्कूलों में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिन डिजिटल संसाधनों तक ग्रामीण बच्चों की पहुंच पहले सीमित थी, वे अब विद्यालय स्तर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से बच्चे तकनीक से परिचित होने के साथ भविष्य की पढ़ाई और रोजगार की बदलती जरूरतों के लिए भी खुद को तैयार कर रहे हैं।
जालौन के परिषदीय विद्यालयों में 245 स्मार्ट क्लास, 45 आईसीटी कंप्यूटर लैब और 3 डिजिटल लाइब्रेरी की उपलब्धता इस बात का संकेत है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर डिजिटल और तकनीक आधारित स्वरूप अपना रही है।
स्मार्ट बोर्ड पर पढ़ाई करते बच्चे, कंप्यूटर लैब में तकनीकी ज्ञान हासिल करते विद्यार्थी और डिजिटल लाइब्रेरी से अध्ययन सामग्री का उपयोग करते छात्र-छात्राएं आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की ओर बढ़ते जालौन की तस्वीर पेश कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उन्हें डिजिटल रूप से सक्षम और भविष्य के लिए तैयार करना है। जालौन में चल रहे ये प्रयास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखे जा रहे हैं।
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Source: Filmitics

