Skip to content
October 25, 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
मां को गालियां दीं, लेकिन मैं उन्हें माफ करता हूं… जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी की देश से बड़ी अपील, राष्ट्रपति ने पेपर लीक कानून संशोधन को दी मंजूरी, राज्यों में फास्ट ट्रैक अदालतों का रास्ता साफ *RBI का नया नियम : अब बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा पर देना होगा एकसमान ब्याज, चाहे सरकारी हो या प्राइवेट… अब चढ़ावा आठ सदस्यीय निगरानी टीम के हवाले, नई व्यवस्था 25 जुलाई से लागू विदिशा ट्रस्ट ने ‘वाइब्रेंट विदिशा’ के 15वें संस्करण का आयोजन किया; लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र स्थित हुसड़िया चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम डालने के आरोप को लेकर विवाद हिंसक हो गया। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस देख रहे एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला किया गया। विश्व योग दिवस पर प्रेरणा वाटिका पार्क में हुआ भव्य योग कार्यक्रम।
anya

बेटी की शादी के लिए अब ₹1 लाख, बच्चों की पढ़ाई पर भी मदद; मछुआरा परिवारों के लिए योगी सरकार का बड़ा ऐलान –

September 8, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

लखनऊ। बेटी की शादी का खर्च हो या बच्चों की पढ़ाई का बोझ, सीमित आमदनी वाले मछुआरा परिवारों के सामने अक्सर आर्थिक चुनौतियां बनी रहती हैं। ऐसे परिवारों को राहत दे…

लखनऊ। बेटी की शादी का खर्च हो या बच्चों की पढ़ाई का बोझ, सीमित आमदनी वाले मछुआरा परिवारों के सामने अक्सर आर्थिक चुनौतियां बनी रहती हैं। ऐसे परिवारों को राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मत्स्य पालक कल्याण कोष के तहत मिलने वाली सहायता का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। अब पात्र मछुआरा परिवारों को बेटी की शादी के लिए 51 हजार रुपये की जगह 1 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही कक्षा 9 और 10 में पढ़ने वाले बच्चों के लिए भी छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है।

सरकार की नई व्यवस्था के तहत पात्र मछुआरा परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए कुल 1 लाख रुपये की सहायता निर्धारित की गई है। इसमें 60 हजार रुपये बेटी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजे जाएंगे। इसके अलावा 25 हजार रुपये शादी के उपहार और 15 हजार रुपये विवाह आयोजन के लिए निर्धारित किए गए हैं।इस फैसले का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर मछुआरा परिवारों को बेटी के विवाह के दौरान होने वाले खर्च में सहायता उपलब्ध कराना है। सरकार की ओर से सहायता को सीधे बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था से पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।

सरकार ने केवल विवाह सहायता तक ही योजना को सीमित नहीं रखा है। मछुआरा परिवारों के कक्षा 9 और 10 में पढ़ने वाले बच्चों को भी छात्रवृत्ति देने का प्रावधान किया गया है। पात्र विद्यार्थियों को 10 महीने तक हर महीने 150 रुपये की सहायता मिलेगी। इसके अलावा 750 रुपये की वार्षिक अतिरिक्त सहायता भी निर्धारित की गई है।

इस योजना में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही गई है। ऐसे में सरकार का फोकस परिवार की तत्काल आर्थिक जरूरत के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा को जारी रखने पर भी दिखाई देता है।

हालांकि, इस सहायता का लाभ हर मछुआरा परिवार को नहीं मिलेगा। इसके लिए पात्रता की शर्तें निर्धारित की गई हैं। परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही योजना के तहत निर्धारित अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना भी जरूरी होगा।

योगी सरकार के इस फैसले को मछुआरा समुदाय के लिए सामाजिक और आर्थिक सहायता के तौर पर देखा जा रहा है। एक तरफ विवाह के समय मिलने वाली सहायता को लगभग दोगुना कर दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ किशोर बच्चों की पढ़ाई के लिए भी नियमित आर्थिक सहयोग का प्रावधान किया गया है।अब सवाल यह है कि बढ़ी हुई आर्थिक सहायता से मछुआरा परिवारों को जमीनी स्तर पर कितना फायदा मिलता है। फिलहाल, सरकार के इस फैसले ने बेटी की शादी और बच्चों की शिक्षा, दोनों से जुड़ी आर्थिक चिंताओं को एक साथ संबोधित करने की कोशिश की है।

div

Source: Filmitics

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और खबरें

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *