Ayodhya News: अयोध्या में एकलव्य निषाद छात्रावास को लेकर निषाद समाज की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। निषाद समाज के मंदिर में हुई बैठक में छात्रावास को खाली करा…
Ayodhya News: अयोध्या में एकलव्य निषाद छात्रावास को लेकर निषाद समाज की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। निषाद समाज के मंदिर में हुई बैठक में छात्रावास को खाली कराने और उसे निषाद समाज को सौंपे जाने की मांग को लेकर चर्चा हुई। बैठक में समाज के लोगों ने इस मुद्दे पर अपने-अपने विचार रखे, हालांकि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है।
समाज के पदाधिकारियों के मुताबिक, मामले को लेकर प्रशासन और शासन स्तर पर बातचीत चल रही है। अगली बैठक में आगे की रणनीति तय किए जाने की बात कही गई है।
बैठक में श्यामलाल निषाद ने कहा कि यदि छात्रावास निषाद समाज के नाम पर है तो उसके अधिकार और आवंटन पर भी समाज का हक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर साधु-संतों से भी बातचीत की जा रही है।
उन्होंने बताया कि निषाद समाज जल्द ही जिले के उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेगा और छात्रावास से संबंधित दस्तावेज व अपनी मांग अधिकारियों के सामने रखेगा।
श्यामलाल निषाद ने कहा कि यदि सरकार निषाद समाज की मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो 2027 के विधानसभा चुनाव में समाज इसका राजनीतिक जवाब देगा।
उन्होंने अपने बयान में निषाद समाज की राजनीतिक भूमिका की ओर इशारा करते हुए कहा कि जिस तरह निषादों ने भगवान श्रीराम की नैया पार लगाई थी, उसी तरह समाज के लोग नाव चलाना भी जानते हैं और जरूरत पड़ने पर “बीच मझधार में नाव घुमाना” भी जानते हैं।
यह बयान श्यामलाल निषाद की ओर से दिया गया राजनीतिक संदेश है।
निषाद समाज के अध्यक्ष संतोष निषाद ने समाज की एकजुटता की सराहना की। उन्होंने कहा कि छात्रावास से जुड़े मामले को लेकर राज्य सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारियों से लगातार बातचीत चल रही है।
उन्होंने बताया कि मामले को सुलझाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संत-महात्माओं से भी चर्चा की गई है।
मामले की पैरवी और कानूनी प्रक्रिया को लेकर महर्षि वेदव्यास छात्रावास समिति की भूमिका भी बताई गई है। समिति के अध्यक्ष मनीराम निषाद, श्यामलाल निषाद और समाज के अन्य बुद्धिजीवी इस मामले को आगे बढ़ाने तथा विधिक प्रक्रिया देखने में जुटे हैं।
समाज की ओर से दावा किया गया है कि मामले से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं और इसी आधार पर छात्रावास को निषाद समाज को सौंपने की मांग की जा रही है।
संतोष निषाद के मुताबिक, यह छात्रावास पूर्व में कलराज मिश्र और पूर्व सांसद/विधायक लल्लू सिंह की निधि से गरीब और असहाय छात्रों के लिए बनाया गया था।
उन्होंने कहा कि छात्रावास से संबंधित आवश्यक दस्तावेज समाज के पास मौजूद हैं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर निषाद समाज की ओर से छात्रावास को लेकर अपना पक्ष रखा जा रहा है।
निषाद समाज के अध्यक्ष संतोष निषाद ने अयोध्या धाम के संतों, प्रशासन और शासन से मामले में हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के सखा निषादराज से जुड़ी इस धरोहर को समय रहते आपसी समझौते या कानूनी प्रक्रिया के तहत खाली करवाकर समाज को सौंपा जाना चाहिए।
हालांकि छात्रावास के अधिकार और आवंटन को लेकर अंतिम स्थिति क्या होगी, यह आगे प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।
बैठक में समाज के लोगों ने छात्रावास से जुड़े मामले पर चर्चा की, लेकिन किसी अंतिम निर्णय पर सहमति नहीं बन सकी। अब अगली बैठक में निषाद समाज आगे की रणनीति तय करेगा।
समाज की ओर से संकेत दिया गया है कि आने वाले दिनों में प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में अपना पक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
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Source: Filmitics







