केंद्र सरकार की ओर से 2,000 रुपये तक के यूपीआई और RuPay मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर फीस न लेने के निर्देश के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस ने केंद्र स…
केंद्र सरकार की ओर से 2,000 रुपये तक के यूपीआई और RuPay मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर फीस न लेने के निर्देश के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोलने का आरोप लगाया है। वहीं, बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस के दावे को फेक बताते हुए कहा कि 2,000 रुपये से ऊपर के UPI पेमेंट पर 0.5 प्रतिशत चार्ज लगाने का कोई सरकारी आदेश नहीं है।
राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल दिया है। उन्होंने कहा कि 2,000 रुपये से ऊपर के मर्चेंट UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है। राहुल गांधी के मुताबिक, ऐसे ट्रांजैक्शन की संख्या भले ही करीब 5 प्रतिशत हो, लेकिन UPI के कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू का लगभग 65 प्रतिशत इन्हीं से आता है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फीस नहीं ली जाएगी, लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फीस आखिर कहां से आएगी। उन्होंने दावा किया कि इसका असर कीमतों के जरिए ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की जीरो-MDR नीति का विरोध करती रही हैं और मोदी सरकार उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिकी दबाव के सामने सरेंडर करने का आरोप लगाया।
मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फ़ीस लगाने का रास्ता खोल दिया है।अब ₹2,000 से ऊपर के merchant UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है। इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ़ 5% हो, लेकिन UPI के कुल transaction value का करीब 65% इन्हीं में है।सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फ़ीस नहीं…
अमित मालवीय ने कांग्रेस के दावे को बताया फेक
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस के दावे को खारिज करते हुए कहा कि 2,000 रुपये से ऊपर UPI पर 0.5 प्रतिशत टैक्स लगाए जाने की बात पूरी तरह झूठी है। उन्होंने कहा कि 5,000 रुपये के भुगतान पर 25 रुपये और 10,000 रुपये पर 50 रुपये वसूले जाएंगे, ऐसा कोई सरकारी आदेश, टैक्स या कंज्यूमर चार्ज नहीं है। अमित मालवीय के मुताबिक, 14 सितंबर की अधिसूचना में केवल 2,000 रुपये तक के UPI और RuPay ट्रांजैक्शन पर जीरो-चार्ज प्रोटेक्शन को स्पष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि 2,000 रुपये से ऊपर के UPI पेमेंट पर 0.5 प्रतिशत चार्ज तय नहीं किया गया है और UPI यूजर्स से कोई चार्ज नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि Person-to-Person यानी P2P UPI ट्रांजैक्शन किसी भी राशि पर मुफ्त हैं। भविष्य में यदि MDR लागू किया जाता है तो वह सीमित मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर होगा, उपभोक्ताओं पर नहीं।
इंसेंटिव के जरिए UPI को सपोर्ट कर रही सरकार: BJP
₹2,000 से ऊपर UPI पर 0.5% टैक्स? कांग्रेस का दावा पूरी तरह झूठा है।₹5,000 के भुगतान पर ₹25 और ₹10,000 पर ₹50 वसूले जाएंगे, ऐसा कोई सरकारी आदेश, टैक्स या consumer charge नहीं है।14 सितंबर की अधिसूचना ने सिर्फ ₹2,000 तक के UPI और RuPay transactions पर zero-charge… pic.twitter.com/eZCAdLIJNK
अमित मालवीय ने कहा कि कांग्रेस की ओर से 25 रुपये और 50 रुपये की जो गणना बताई जा रही है, वह किसी सरकारी फीस शेड्यूल पर आधारित नहीं है, बल्कि काल्पनिक 0.5 प्रतिशत दर के आधार पर की गई है। उन्होंने बताया कि UPI को फ्री रखने के लिए सरकार पेमेंट इकोसिस्टम को इंसेंटिव देती रही है। FY22 से FY24 के दौरान सरकार ने क्रमशः 1,389 करोड़ रुपये, 2,210 करोड़ रुपये और 3,631 करोड़ रुपये के इंसेंटिव दिए। FY26 में 2,196.21 करोड़ रुपये का इंसेंटिव सपोर्ट दिया गया, जबकि FY27 के लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
अमित मालवीय ने कहा कि UPI को मजबूत और टिकाऊ बनाने की चर्चा को जनता से वसूली बताना गलत है। उन्होंने कहा कि UPI पर जनता से 0.5 प्रतिशत टैक्स नहीं लगाया जा रहा है और कांग्रेस को आरोप लगाने से पहले तथ्यों को देखना चाहिए।
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Source: Filmitics







