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September 25, 2026
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ड्रोन नियम, पीएलआई और आयात प्रतिबंध ने मिलकर बदली तस्वीर, ‘मेक इन इंडिया’ ने खड़ा किया भारत का ड्रोन इकोसिस्टम: स्मित शाह

September 25, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। मेक इन इंडिया पहल के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीएफआई) के अध्यक्ष स्मित शाह ने शुक्रवार को कहा कि प…

नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। मेक इन इंडिया पहल के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीएफआई) के अध्यक्ष स्मित शाह ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ने भारत में ड्रोन उद्योग के विकास की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने कहा कि ड्रोन क्षेत्र उन उद्योगों में शामिल है, जिन्हें मेक इन इंडिया से सबसे अधिक लाभ मिला है और आज देश का पूरा ड्रोन इकोसिस्टम इसी नीति आधारित बदलाव का परिणाम है

न्यूज एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में स्मित शाह ने कहा कि मेक इन इंडिया के तहत सरकार ने कारोबार को आसान बनाने, विनिर्माण को बढ़ावा देने और नई तकनीकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि ड्रोन उद्योग में हुए बदलाव इस बात का प्रमुख उदाहरण हैं कि किस तरह सही नीतियां किसी नए क्षेत्र को तेजी से आगे बढ़ा सकती हैं

स्मित शाह ने आगे कहा, ड्रोन क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा बदलाव ड्रोन नियम 2021 के लागू होने के बाद आया। इन नियमों ने उद्योग के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दिया और पूरे इकोसिस्टम को अधिक खुला एवं निवेश अनुकूल बनाया

उन्होंने बताया कि पहले जहां ड्रोन उद्योग कई नियामकीय चुनौतियों का सामना कर रहा था, वहीं नए नियमों ने कंपनियों, स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए अवसरों के द्वार खोल दिए। इससे देश में ड्रोन तकनीक के विकास और उपयोग को नई गति मिली

ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ने कहा, सरकार द्वारा शुरू की गई उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना ने घरेलू ड्रोन विनिर्माण को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

उन्होंने कहा कि इस योजना के जरिए कंपनियों को वित्तीय प्रोत्साहन मिला, जिससे देश में ड्रोन निर्माण क्षमता बढ़ी और स्थानीय कंपनियों को प्रतिस्पर्धी बनने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि इससे भारत में ड्रोन निर्माण का माहौल तैयार हुआ और उद्योग को दीर्घकालिक विकास का आधार मिला

स्मित शाह ने कहा कि ड्रोन नियम 2021 और पीएलआई योजना के साथ-साथ ड्रोन आयात पर लगाए गए प्रतिबंध ने भी उद्योग को नई दिशा दी

उन्होंने कहा कि इन तीनों नीतियों ने मिलकर देश में संपूर्ण ड्रोन इकोसिस्टम तैयार करने का काम किया। आयात प्रतिबंध के कारण घरेलू कंपनियों को अपनी तकनीक और उत्पाद विकसित करने का अवसर मिला, जिससे आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला

डीएफआई के अध्यक्ष ने कहा कि मेक इन इंडिया के तहत बनाई गई इन नीतियों ने केवल ड्रोन निर्माण ही नहीं बढ़ाया, बल्कि अनुसंधान, नवाचार, रोजगार और स्टार्टअप गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया

स्मित शाह ने आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज देश में जो ड्रोन इकोसिस्टम दिखाई देता है, वह मेक इन इंडिया और नीति उदारीकरण के संयुक्त प्रभाव का परिणाम है

उन्होंने कहा कि ड्रोन क्षेत्र में जिस तेजी से विकास हुआ है, वह इस बात का प्रमाण है कि स्पष्ट नीति, प्रोत्साहन योजनाएं और उद्योग समर्थक दृष्टिकोण मिलकर किसी भी उभरते क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी

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Source: NewsNation TV

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