div class=”d1172d9b”
div class=”edd8d071″div
div
div class=”f3e032cb”
div class=”f46ba790″div
div class=”fe1b7d06″div
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बैंच ने जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद एक अपार्टमेंट व एक होटल के अवैध निर्माण को गिराने को लेकर शपथपत्र दाखिल करने को कहा है। अपार्टमेंट और होटल हुसैनगंज इलाके में हैं। जिसे गिराने के संबंध में 19 मई 2022 के आदेश को मानने के संबंध में एलडीए को शपथपत्र दाखिल करने को कहा है।
div class=”cf559a0e b06c8b9b rendered”
div id=”Ad–28928716–Bhaskar–Article–M.DAB_AS_MID_300x250″ class=”fbad50ce” data-google-query-id=””
div id=”google_ads_iframe_/28928716/Bhaskar/Article/M.DAB_AS_MID_300x250_0__container__”div
div
div
कोर्ट ने अपने आदेश में अगली सुनवाई तक एलडीए के सचिव को यह शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए न्यायालय ने 3 जुलाई की तारीख दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की बैंच ने शांति शरण मिश्रा की ओर से 2014 में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया है।
अवैध निर्माण गिराने की फाइन हो गई गायब
पिछली सुनवाई के समय कोर्ट के सामने यह आया था कि 6 सितंबर 2014 को पारित अंतरिम आदेश के बावजूद हुसैनगंज इलाके में अपार्टमेंट व एक होटल का अवैध निर्माण कर लिया गया। जबकि इस निर्माण के सम्बंध में एलडीए ने कोई नक्शा नहीं पास किया है।
पिछली तारीख पर सुनवाई के समय एलडीए ने ये माना था कि अवैध निर्माण को गिराने के आदेश से संबंधित फाइल गायब हो गई है। जिस पर पिछली तारीख पर कोर्ट ने इस मामले से संबंधित सभी जिम्मेदार अफसरों के नाम मांगे थे।
विपक्षियों को नोटिस जारी
इस बार की सुनवाई पर एलडीए की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उसके एक जूनियर डिवीजन असिस्टेंट ने जानबूझकर व विपक्षियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से फाइल एक ऐसे अभियंता को दे दी थी, जिसका इलाके के अवैध निर्माण के संबंध में कोई दायित्व नहीं था। साथ ही एलडीए ने कोर्ट को बताया कि 24 मई को अवैध निर्माण को गिराने के आदेश के अनुपालन के सम्बंध में विपक्षियों को नोटिस जारी कर दिया है। सुनवाई के बाद न्यायालय ने एलडीए के सचिव को शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया।

