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UP STF ने ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की तस्करी करने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लखनऊ में स्कॉर्पियो से इंजेक्शन की सप्लाई करने जा रहे थे, तभी STF ने पकड़ लिया। तस्करों ने बताया कि लखनऊ के आसपास के जिलों में अवैध इंजेक्शन की सप्लाई करते हैं।
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STF ने बताया, लंबे समय से बिहार राज्य से अवैध रूप में ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन की तस्करी की शिकायत मिल रही थी। इसके बाद टीम गठित की गई। मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग गिरोह बनाकर बिहार से बड़ी मात्रा में ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन मंगाकर लखनऊ के आस-पास के जिलों में अवैध रूप से सप्लाई करने ले जा रहे हैं।
सूचना पर STF टीम बताए गए जगह पर पहुंची। इस दौरान एक स्कार्पियो (यूपी 32 जीआर 9609 ) आती हुई दिखाई दी, जिसे रोककर तलाशी ली गई। उसमें अवैध रूप से रखी हुई 2 बोरियों में ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन मिले। पूछताछ में आरोपियों की पहचान बुद्धेश्वर पारा के रहने वाले अनमोल पाल पुत्र अवधेश पाल और संडीला, हरदोई के रहने वाले दिनेश कुमार पुत्र भुन्नालाल के रूप में हुई।
जानवर से ज्यादा दूध निकालने के लिए करते हैं इस्तेमाल
पूछताछ में दोनों ने बताया कि मायापुरम थानाक्षेत्र पारा में बने गोदाम में भारी मात्रा में अवैध इंजेक्शन रखे हैं। उनकी निशानदेही पर 2.80 लाख रुपए के ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन बरामद किया गया। जिसकी कीमत 1 करोड़ 37 लाख है।
आरोपियों ने बताया कि इनका गिरोह बिहार से हाई डेंसिटी के ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन पार्सल के जरिए मिनरल वाटर बताकर मंगाता है। आरोपियों ने बताया कि ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन में फिनाइल का भी इस्तेमाल किया जाता है।
जिसे आवश्यकतानुसार अपने हिसाब से अलग-अलग साइज के एम्पुल में पैक करके उसकी सप्लाई लखनऊ और आस-पास के जिलों में की जाती है। इस इंजेक्शन का इस्तेमाल पशुओं के दूध निकालने, सब्जियों एवं फलों को कम समय में ज्यादा बड़ा करने के लिए किया जाता है। यूपी एसटीएफ अवैध ऑक्सीटोसीन इंजेक्शन की बिहार से सप्लाई करने वालों के विषय में पड़ताल कर रही है।




