div class=”d1172d9b”
div class=”edd8d071″div
div
div class=”f3e032cb”
div class=”f46ba790″div
div class=”fe1b7d06″div
लखनऊ में पेट्रोल-डीजल में मिलावट का खेल हो रहा है। आबकारी टीम ने 29 अगस्त को राजधानी में दो अलग-अलग जगह छापेमारी करके 3600 लीटर स्पिरिट पकड़ा। जांच में सामने आया है कि टैंकर में 12 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल था।
div class=” cf559a0e b06c8b9b ”
div id=”Ad–28928716–Bhaskar–Article–M.DAB_AS_MID_300x250″ class=”fbad50ce”div
div
इसमें से करीब 600 लीटर पेट्रोल पाइप के जरिए ड्रम में भरा जा रहा था। टैंकर का डिजिटल लॉक भी टूटा हुआ था। पेट्रोल निकालने के बाद टैंकर में स्पिरिट मिलाने का खेल किया जा रहा था।
आगे सिलसिलेवार पढ़ते हैं जांच में क्या-क्या खामियां मिली है?
div class=”f3e032cb “
div class=”f46ba790″टैंकर से पेट्रोल-डीजल निकालकर उसमें स्पिरिट मिलाने का खेल चल रहा था।div
divdiv
कई सालों से चल रहा मिलावट का खेल
लखनऊ में आबकारी टीम ने आदर्श सिंह, मुंशीलाल, राम कुमार शर्मा और देवांश शर्मा को मौके से पकड़ा था। पूछताछ में सभी ने स्वीकार किया कि टैंकर से पेट्रोल निकालकर स्पिरिट मिलाया जा रहा था। स्पिरिट मिलाने का खेल बीते कई साल से चल रहा है। फिलहाल आबकारी टीम इस अवैध कारोबार में शामिल फरार चार अन्य की तलाश में छापेमारी कर रही है।
डिजिटल लॉक तोड़कर निकालते हैं पेट्रोल-डीजल
OTP से टैंकर खुलने का दावा राजधानी लखनऊ में फेल हो गया है। DSO ने बताया कि टैंकर में लगने वाला डिजिटल लॉक खोलकर पेट्रोल निकाला जा रहा था। पेट्रोलियम विभाग ने दावा किया था कि डिजिटल लॉक लगने के बाद ताला तब खुलेगा जब वन टाइम पासवर्ड (OTP) डाला जाएगा। पेट्रोल पंप मालिक या अधिकृत प्रतिनिधि के मोबाइल पर OTP आएगा।
div class=”f3e032cb “
div class=”f46ba790″आबकारी की टीम ने स्पिरिट से भरे ड्रम भी बरामद किए थे।div
divdiv
कानपुर से लखनऊ समेत 11 जिलों में होती है सप्लाई
कानपुर से लखनऊ समेत आसपास के 11 जिलों के पेट्रोल पंप मालिकों को डिजिटल लॉक का फायदा मिलने का दावा किया जा रहा था। कानपुर पेट्रोल व डीजल सप्लाई का बड़ा केंद्र है। यहां भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम व इंडियन ऑयल तीनों के डिपो हैं।
इन डिपो से कानपुर नगर, कानपुर देहात, लखनऊ, बाराबंकी, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर व महोबा समेत 11 जिलों को टैंकरों के जरिए पेट्रोल व डीजल की सप्लाई की जाती है।
div class=”f3e032cb “
div class=”f46ba790″टैंकर से पेट्रोल-डीजल निकालकर ड्रमों में भरे गए थे।div
divdiv
गाड़ियों हो रहीं खराब
यह भी पता चला है कि इस स्पिरिट को शराब नहीं बल्कि पेट्रोल में मिलाने की तैयारी थी। आबकारी टीम को अवैध स्पिरिट के पास पेट्रोलियम पदार्थ भी मिले। इससे ये साफ हो गया कि बरामद स्पिरिट का प्रयोग पेट्रोल में मिलाकर टैंकर में भरना था। छापेमारी के बाद सवाल यह उठने लगा कि अगर शहर में इस तरह से पेट्रोल बेचा जा रहा तो आपकी गाड़ी भी खराब हो सकती है।
सस्ते दाम में बेच देते हैं पेट्रोल-डीजल
आबकारी की टीम की छापेमारी में यह भी पता चला कि टैंकर में 500-600 लीटर पेट्रोल निकाला गया था। अवैध पकड़ी गई स्पिरिट को खाली किए गए टैंकर मे मिलाने की तैयारी थी। वैसे डिपो में स्पिरिट मिलाया जाता है। लेकिन जितना पेट्रोल में मिलाया जा रहा है।
ड्रम में भरने वाले पेट्रोल-डीजल को सस्ते दाम में बेचने का खेल किया जाता है। ये चोरी किए पेट्रोल-डीजल बेचकर लाखों रुपए का चूना लगा रहे हैं।

