Uplive News

UPLive News is a trusted Hindi digital news platform delivering fast, accurate, and unbiased coverage of breaking news, politics, business, sports, entertainment, technology, lifestyle, education, and local updates from Uttar Pradesh, India, and around the world. Our mission is to provide factual journalism through text, photos, and videos while keeping readers informed with reliable and timely news.

अंतराष्ट्रीय

Rajdhani लखनऊ में बड़ा इमामबाड़ा से निकला 72 ताबूतों का जुलूस:चूमा-नम आंखों से की जियारत, कर्बला के शहीदों को विदाई दी

By admin · August 5, 2025 · 1 min read

लखनऊ में मंगलवार को बड़ा इमामबाड़ा में कर्बला में शहीद होने वाले 72 शहीदों के ताबूतों की जियारत कराई गई। इस मौके पर मौलाना तकी रज़ा ने मजलिस को खिताब करते हुए जनाबे सकीना की शहादत का जिक्र किया तो लोगों की आंखें भर आई।

बड़ा इमामबाड़ा प्रांगण में 72 ताबूत रखे गए। इन पर अकीदत मंदों ने फूल चढ़ाएं अगरबत्ती जलाकर दुआ मांगी। मजलिस के बाद बड़ा इमामबाड़ा में 72 ताबूत का जुलूस निकाला गया, जिसका हजारों की संख्या में लोगों ने जियारत की। सभी श्रद्धा के साथ ताबूत को छूते और चूमते हुए नजर आए। ताबूत देखते ही अजादारों की आंख नम हो गईं और लोग गम में डूब गए।

कार्यक्रम की 4 तस्वीरें देखिए

लखनऊ में मंगलवार को बड़ा इमामबाड़ा में कर्बला में शहीद होने वाले 72 शहीदों के ताबूतों की जियारत कराई गई।
लखनऊ में मंगलवार को बड़ा इमामबाड़ा में कर्बला में शहीद होने वाले 72 शहीदों के ताबूतों की जियारत कराई गई।
बड़ा इमामबाड़ा प्रांगण में 72 ताबूत रखे गए। इन पर अकीदत मंदों ने फूल चढ़ाएं अगरबत्ती जलाकर दुआ मांगी।
बड़ा इमामबाड़ा प्रांगण में 72 ताबूत रखे गए। इन पर अकीदत मंदों ने फूल चढ़ाएं अगरबत्ती जलाकर दुआ मांगी।
ताबूत देखते ही अजादारों की आंख नम हो गईं और लोग गम में डूब गए।
ताबूत देखते ही अजादारों की आंख नम हो गईं और लोग गम में डूब गए।
हजरत इमाम हुसैन के छह माह के मासूम बेटे हजरत अली असगर के झूले की जियारत करवाई गई।
हजरत इमाम हुसैन के छह माह के मासूम बेटे हजरत अली असगर के झूले की जियारत करवाई गई।

ताबूतों पर चढ़ाए अकीदत के फूल

इरम जौनपुर ने अपने विशेष अंदाज में 72 ताबूतों का परिचय बताया। परिचय को हजरत इमाम हुसैन के चाहने वाले ध्यान से सुन रहे थे। इमामबाड़ा में उपस्थित लोग ताबूतों पर कपड़े की चादरें और फूलों के हार डाल रहे थे।

ताबूतों के अलावा हजरत इमाम हुसैन की सवारी का प्रतीक जुलजनाह, हजरत अब्बास का अलम और हजरत इमाम हुसैन के छह माह के मासूम बेटे हजरत अली असगर के झूले की जियारत करवाई गई।

इमामबाड़ा परिसर में बारिश में भी अकीदतमंद जुलूस में डटे रहे।
इमामबाड़ा परिसर में बारिश में भी अकीदतमंद जुलूस में डटे रहे।

इमाम हुसैन ने मानवता का संदेश दिया

मौलाना आसिम रिजवी ने कहा- लखनऊ के बड़ा इमाम में यह परंपरागत 72 ताबूतों का जुलूस विगत 45 वर्षों से निकाला जा रहा है। ताबूतों के जुलूस का उद्देश्य है कि कर्बला के मैदान में 10 मोहर्रम को शहीद होने वाले 72 शहीदों की प्रति लोगों को जानकारी दी जाए।

मौलाना आसिम रिजवी ने कहा- लखनऊ के बड़ा इमाम में यह परंपरागत 72 ताबूतों का जुलूस विगत 45 वर्षों से निकाला जा रहा है।

मौलाना ने कहा- कर्बला में हजरत इमाम हुसैन की शहादत इंसानियत को बचाने के लिए थी। हजरत इमाम हुसैन कर्बला के मैदान से यह संदेश दिया कि कभी किसी गलत व्यक्ति का साथ नहीं देना चाहिए। हजरत इमाम हुसैन ने यह संदेश दिया कि जीवन में जब चुनौतियां आए तो हमें घबराना नहीं है बल्कि उसका मुकाबला करना है।

और खबरें