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अंतराष्ट्रीय

लखनऊ में 13 साल के बच्चे की मोबाइल चलाते-चलाते मौत:बहन बोली- फ्री फायर गेम खेल रहा था; बिस्तर पर अचेत पड़ा मिला

By admin · October 16, 2025 · 1 min read

विवेक कश्यप की बुधवार को मोबाइल पर गेम खेलते-खेलते मौत हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। - Dainik Bhaskar
विवेक कश्यप की बुधवार को मोबाइल पर गेम खेलते-खेलते मौत हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

लखनऊ में 13 साल के बच्चे की मोबाइल चलाते-चलाते मौत हो गई। वह बिस्तर पर अचेत पड़ा था। लेकिन, बहन को कुछ समझ नहीं आया। उसने बिस्तर पर पड़े मोबाइल को चार्जिंग पर लगा दिया। भाई को चादर ओढ़ा दी।

कुछ देर बाद बहन कामकाज से फुर्सत पाकर भाई को खाना खाने के लिए उठाने पहुंची। उसे चादर हटाकर हिलाया-डुलाया। लेकिन बच्चे के शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। बहन चीखने-चिल्लाने लगी। परिवार में कोहराम मच गया।

मामला इंदिरा नगर थाना क्षेत्र का है। परिजनों का कहना है कि लड़का फ्री फायर गेम खेलने का आदी था। घटना के समय भी गेम खेल रहा था। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

लखनऊ के इंदिरा नगर थाना क्षेत्र में मोबाइल चलाने के दौरान 13 साल के लड़के की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया।
लखनऊ के इंदिरा नगर थाना क्षेत्र में मोबाइल चलाने के दौरान 13 साल के लड़के की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया।

रात 11 बजे तक गेम खेलता था विवेक

मूलत: सीतापुर के नैमिष ठाकुर नगर का रहने वाला विवेक कश्यप (13) लखनऊ में परमेश्वर एन्क्लेव कॉलोनी, शिवाजीपुरम में रहता था। वह दो भाइयों में छोटा था। बड़ा भाई लक्ष्मण अपने परिवार के साथ मुंशी पुलिया के पास रहता है।

पिता की मौत हो चुकी है। मां प्रेम कुमारी और बहनें अंजू, चांदनी और पिंकी घरों में चूल्हा–चौका करती हैं।

विवेक की मौत के बाद बहन अंजू, चांदनी और पिंकी का रो रोकर बुरा हाल है।
विवेक की मौत के बाद बहन अंजू, चांदनी और पिंकी का रो रोकर बुरा हाल है।

परचून की दुकान पर काम करता था

बहन चांदनी ने बताया– विवेक तकरोही में एक परचून की दुकान पर काम करता था। काम से वापस आने के बाद फ्री फायर गेम खेलने में लग जाता था। रात को 10 से 11 बजे तक खेलता था। इस दौरान किसी से बात नहीं करता था। अगर कोई बोल देता तो सामान फेंकने लगता। काफी गुस्सा करता था।

बहन चांदनी ने बताया- काम से वापस आने के बाद विवेक फ्री फायर गेम खेलने में लग जाता था।

बहन ने बताया, भाई विवेक आज काम पर नहीं गया था। सुबह से ही मोबाइल पर गेम खेल रहा था। हम लोग काम पर गए थे। घर में बहन अंजू थी। बहन से बोला कि जाकर घर के काम खत्म कर लो। इस पर बहन बर्तन धोने चली गई। दोपहर 12 बजे काम निपटा कर कमरे में आई तो भाई विवेक अचेत अवस्था में पड़ा था।

विवेक ने कोई जवाब नहीं दिया

उसे लगा कि सो रहा है, क्योंकि अक्सर गेम खेलते खेलते सो जाता था। मोबाइल में फ्री फायर गेम चल रहा था। गेम को वैसे ही बंद करके चार्जिंग में लगा दिया। उसको चादर ओढ़ा दी। काफी समय तक नहीं उठा तो खाना के लिए उठाया गया। विवेक ने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर आस-पास के लोगों की मदद से लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस का कहना है कि मौत की वजह पता नहीं चली है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

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