अयोध्या। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के चयन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। CEO के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी ने…
अयोध्या। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के चयन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। CEO के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी ने अपनी प्रक्रिया पूरी करते हुए अंतिम रिपोर्ट राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास को सौंप दी है। कमेटी ने CEO पद के लिए तीन योग्य प्रत्याशियों का पैनल न्यास के समक्ष रखा है। अब इन नामों पर अंतिम निर्णय और CEO की आधिकारिक घोषणा राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की ओर से की जाएगी।
CEO चयन की यह प्रक्रिया व्यापक स्तर पर शुरू की गई थी। शुरुआत में 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों की कड़ी स्क्रीनिंग और शॉर्टलिस्टिंग के बाद 16 प्रत्याशियों को अंतिम चरण के लिए चुना गया। इसके बाद 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में इन सभी 16 प्रत्याशियों से प्रत्यक्ष संवाद और मूल्यांकन किया गया। इस पूरी चयन प्रक्रिया के लिए 6 जुलाई 2026 को सर्च कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी में न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली समेत तीन सदस्य शामिल रहे। चयन प्रक्रिया में रक्षा, न्यायपालिका और प्रशासन के अनुभव का इस्तेमाल किया गया, ताकि CEO पद के लिए ऐसे उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया जा सके, जिनमें संस्थागत नेतृत्व, प्रशासनिक क्षमता और बड़े स्तर के प्रबंधन का अनुभव हो।
चयन प्रक्रिया को तकनीक और मैनुअल मूल्यांकन के संयुक्त मॉडल के जरिए आगे बढ़ाया गया। 3 से 6 अगस्त तक ऑनलाइन संवाद प्रक्रिया आयोजित की गई, जबकि इसके बाद अंतिम चरण के प्रत्याशियों का अयोध्या में प्रत्यक्ष संवाद हुआ। इस पूरी कवायद में अलग-अलग स्थानों पर टीमों ने समानांतर रूप से काम किया। प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली-NCR, पुणे और संबलपुर में टीमों ने समानांतर मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी की। बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों से लेकर अंतिम 16 प्रत्याशियों और फिर तीन नामों के पैनल तक पहुंचने के दौरान योग्यता, नेतृत्व क्षमता और संस्थागत प्रबंधन विशेषज्ञता को प्रमुख आधार बनाया गया।
सर्च कमेटी ने पूरी चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और योग्यता आधारित बताया है। खास तौर पर CEO पद के लिए तैयार किए गए अंतिम पैनल में ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी गई है, जिनके पास संस्थागत नेतृत्व और प्रबंधन से जुड़ा व्यापक अनुभव है।
अब सभी की निगाहें राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं। तीन नामों के पैनल में से किसे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का CEO बनाया जाता है, इसका अंतिम फैसला न्यास करेगा। आधिकारिक घोषणा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े इस महत्वपूर्ण संस्थागत दायित्व की कमान किसे सौंपी जाती है। CEO का पद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के प्रशासनिक और संस्थागत संचालन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में हजारों आवेदनों से शुरू हुई यह चयन प्रक्रिया अब तीन नामों के अंतिम पैनल तक पहुंच चुकी है और जल्द ही न्यास की ओर से इस पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है।
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Source: Filmitics

