फतेहपुर। जिले के एक साधारण किसान परिवार के बेटे ने अपनी मेहनत और खेल प्रतिभा के दम पर फतेहपुर का नाम रोशन किया है। कक्षा 9 के छात्र प्रद्युम्न पाल ने रोल बॉल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया है। 31 अगस्त को देहरादून से स्वर्ण पदक जीतकर फतेहपुर लौटे प्रद्युम्न का परिवार और कोच ने जोरदार स्वागत किया। बेटे की उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है।
पीएसी गेट नंबर-4, राधानगर फतेहपुर निवासी स्वराज पाल के पुत्र प्रद्युम्न पाल पिछले करीब चार वर्षों से लगातार रोल बॉल खेल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हुए दो बार गोल्ड मेडल और एक बार सिल्वर मेडल अपने नाम किया है।प्रद्युम्न ने बताया कि कक्षा चार से ही उनकी रोल बॉल खेल में रुचि रही है। लगातार अभ्यास, अनुशासन और मेहनत के चलते उन्होंने कम उम्र में ही इस खेल में अपनी अलग पहचान बनाई। देहरादून में आयोजित प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया।
31 अगस्त को जब प्रद्युम्न गोल्ड मेडल लेकर अपने घर पहुंचे तो परिजनों और कोच विनय श्रीवास्तव ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। इस दौरान परिवार के लोगों ने प्रद्युम्न की सफलता पर खुशी जताते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।प्रद्युम्न ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच विनय श्रीवास्तव और परिवार के लोगों को दिया। उन्होंने कहा कि बचपन से ही उन्हें रोल बॉल खेलने का शौक है और आगे भी वह पूरी मेहनत और लगन के साथ खेलते रहेंगे। उन्होंने साथी खिलाड़ियों को भी नियमित एक्सरसाइज करने, पौष्टिक भोजन लेने और पूरे मन से अभ्यास करने की सलाह दी।वहीं, कोच विनय श्रीवास्तव ने प्रद्युम्न की मेहनत और खेल के प्रति समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रद्युम्न ने लगातार मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है और भविष्य में भी उससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है
।प्रद्युम्न की लगातार सफलता से उनके पिता स्वराज पाल भी बेहद खुश हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से जिले में खिलाड़ियों के लिए बेहतर खेल मैदान और अभ्यास की सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि फतेहपुर में प्रतिभावान खिलाड़ियों की कमी नहीं है। यदि उन्हें बेहतर खेल सुविधाएं, प्रशिक्षण और अभ्यास के लिए उचित स्थान मिले तो जिले के कई और खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फतेहपुर का नाम रोशन कर सकते हैं।प्रद्युम्न की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। कम उम्र में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीत चुके प्रद्युम्न अब आगे भी खेल के क्षेत्र में सफलता हासिल कर फतेहपुर और देश का नाम रोशन करने का सपना देख रहे हैं।

