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September 4, 2026
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Mirzapur The Movie Review: मुन्ना भैया की वापसी ने बढ़ाया रोमांच, रवि किशन ने जीता दिल –

September 4, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

Mirzapur The Movie Review: मुन्ना भैया की वापसी ने बढ़ाया रोमांच, रवि किशन ने जीता दिल

Mirzapur The Movie Review: लंबे इंतजार के बाद ‘मिर्जापुर’ की दुनिया बड़े पर्दे पर पहुंच चुकी है। अली फजल, पंकज त्रिपाठी और दिव्येंदु जैसे कलाकारों से सजी यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। करीब तीन घंटे लंबी इस फिल्म में मिर्जापुर की सत्ता, बदले और वर्चस्व की वही दुनिया देखने को मिलती है, जिससे दर्शक वेब सीरीज के दौरान जुड़ चुके हैं।

फिल्म की कहानी मिर्जापुर की गद्दी और उसके इर्द-गिर्द चल रही सत्ता की लड़ाई पर केंद्रित है। इस बार कहानी में बब्बन बबुआ के रूप में रवि किशन की एंट्री होती है, जिसकी नजर कालीन भैया की सल्तनत पर है।

बब्बन का मकसद कालीन भैया को रास्ते से हटाकर मिर्जापुर पर अपना कब्जा जमाना है। इसके लिए वह राजनीतिक और आपराधिक नेटवर्क का सहारा लेता है। फिल्म में कई पुराने चेहरे और किरदार इस संघर्ष को आगे बढ़ाते हैं, जिससे कहानी में बदला, साजिश और टकराव लगातार बना रहता है।

फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज रवि किशन हैं। बब्बन बबुआ के किरदार में उनका अंदाज दमदार नजर आता है। एक्शन से लेकर भावनात्मक दृश्यों तक, अभिनेता अपने किरदार में प्रभाव छोड़ते हैं।

पंकज त्रिपाठी एक बार फिर कालीन भैया के रूप में अपनी पकड़ बनाए रखते हैं। वहीं दिव्येंदु की वापसी मुन्ना भैया के प्रशंसकों के लिए खास आकर्षण है। उनका किरदार फिल्म में वही बेबाक और शरारती अंदाज लेकर आता है, जिसकी दर्शकों को उम्मीद रहती है।

अली फजल, रसिका दुग्गल, श्वेता त्रिपाठी और बाकी कलाकार भी कहानी को मजबूती देते हैं।

निर्देशक गुरमीत सिंह ने ‘मिर्जापुर’ की दुनिया को बड़े पर्दे पर विस्तार देने की कोशिश की है। फिल्म में एक्शन और ड्रामा का अच्छा मेल देखने को मिलता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी कमजोरी इसकी लंबाई और कहानी का फैलाव बन जाती है।

करीब तीन घंटे के रनटाइम के दौरान कुछ जगह फिल्म अपनी गति खो देती है। कई हिस्सों में घटनाक्रम पहले से अनुमान लगाने योग्य लगता है। यही वजह है कि वेब सीरीज जैसी कसावट फिल्म में हर जगह महसूस नहीं होती।

अगर आप ‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज के फैन हैं और मुन्ना भैया, कालीन भैया और इस पूरी दुनिया को बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं, तो फिल्म आपको थिएटर तक खींच सकती है। खासतौर पर दिव्येंदु और रवि किशन का प्रदर्शन देखने लायक है।

हालांकि, अगर आप तेज रफ्तार और बेहद कसी हुई कहानी की उम्मीद कर रहे हैं, तो फिल्म कुछ जगह निराश कर सकती है।

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Source: Filmitics

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