UP Politics 2027: उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों रायबरेली के ऊंचाहार से कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय चर्चा के केंद्र में हैं। वजह है मुख्यमंत्री योगी…
UP Politics 2027: उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों रायबरेली के ऊंचाहार से कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय चर्चा के केंद्र में हैं। वजह है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से उन्हें कैबिनेट बैठक में शामिल कराने के लिए हेलीकॉप्टर भेजा जाना। मनोज पांडेय उस वक्त ऊंचाहार में आयोजित श्री शिवमहापुराण कथा में मौजूद थे। मुख्यमंत्री की ओर से हेलीकॉप्टर भेजे जाने के बाद वह लखनऊ पहुंचे और कैबिनेट बैठक में शामिल हुए। खुद मनोज पांडेय ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।
ऊंचाहार में 11 से 17 सितंबर तक श्री शिवमहापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा का वाचन प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा कर रहे हैं और इसके आयोजन में कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय की प्रमुख भूमिका है। 13 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस धार्मिक कार्यक्रम में पहुंचे और कथा में शामिल हुए।
इसी आयोजन के दौरान अगले दिन कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए मनोज पांडेय को लखनऊ पहुंचना था। समय की कमी को देखते हुए उनके लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई। हेलीकॉप्टर से लखनऊ पहुंचकर उन्होंने कैबिनेट बैठक में हिस्सा लिया। मनोज पांडेय ने मुख्यमंत्री के इस स्नेह और विश्वास के लिए आभार जताया।
इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में मनोज पांडेय की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बढ़ती नजदीकी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई राजनीतिक विश्लेषणों में उन्हें BJP के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में शामिल करते हुए देखा जा रहा है। NDTV ने भी ऊंचाहार की शिव कथा को लेकर BJP और सपा के बीच राजनीतिक चर्चा बढ़ने का उल्लेख किया है।
मनोज पांडेय का राजनीतिक सफर भी इस चर्चा को और महत्वपूर्ण बनाता है। वह पहले समाजवादी पार्टी में रहे और बाद में BJP में शामिल हुए। मौजूदा सरकार में उनका कैबिनेट मंत्री होना उन्हें यूपी की सत्ता के महत्वपूर्ण राजनीतिक चेहरों में रखता है।
ऊंचाहार की शिवमहापुराण कथा अब सिर्फ धार्मिक आयोजन तक सीमित चर्चा का विषय नहीं रह गई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मंत्री, विधायक और कई अन्य प्रमुख लोगों की मौजूदगी ने भी इसे राजनीतिक नजरिए से चर्चा में ला दिया है।हालांकि किसी धार्मिक आयोजन में किसी नेता की मौजूदगी को सीधे चुनावी रणनीति का प्रमाण मानना उचित नहीं होगा। लेकिन 2027 विधानसभा चुनाव से पहले रायबरेली जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में इतने बड़े आयोजन और उसमें प्रमुख नेताओं की भागीदारी का राजनीतिक विश्लेषण जरूर हो रहा है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं। ऐसे में BJP के भीतर ब्राह्मण नेतृत्व की भूमिका और सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर होने वाली चर्चाओं के बीच मनोज पांडेय की सक्रियता पर नजर रहना स्वाभाविक है।हेलीकॉप्टर से कैबिनेट बैठक में बुलाए जाने की घटना को लेकर समर्थक इसे मुख्यमंत्री के विश्वास और प्रशासनिक प्राथमिकता के तौर पर देख रहे हैं, जबकि राजनीतिक हलकों में इसे मनोज पांडेय के बढ़ते प्रभाव के संकेत के रूप में भी चर्चा मिल रही है।अब बड़ा सवाल यही है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मनोज पांडेय की राजनीतिक भूमिका किस तरह आकार लेती है और रायबरेली समेत पूरे उत्तर प्रदेश में BJP की रणनीति में उनका कद कितना बढ़ता है।
रश्मि सिंह एक अनुभवी पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें हिंदी पत्रकारिता, न्यूज़ रिपोर्टिंग और डिजिटल मीडिया का व्यापक अनुभव है। उन्होंने मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है और अपने पत्रकारिता करियर में कई बड़े मीडिया संस्थानों और न्यूज़ चैनलों के साथ काम किया है।राजनीति, जनसरोकार, उत्तर प्रदेश की सियासत और समसामयिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है। खबरों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों के लिए रोचक अंदाज में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है। डिजिटल पत्रकारिता के बदलते दौर में रश्मि सिंह का प्रयास है कि पाठकों तक तेज, विश्वसनीय और आसान भाषा में तथ्य आधारित खबरें पहुंचें।
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Source: Filmitics







