लखनऊ के बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) में पीजी स्टूडेंट्स से कैंपस में छेड़छाड़ का मामला सामना आया है।

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BBAU कैंपस में शुक्रवार देर रात तक छात्राओं का प्रदर्शन जारी रहा। - Dainik Bhaskar
BBAU कैंपस में शुक्रवार देर रात तक छात्राओं का प्रदर्शन जारी रहा। लखनऊ के बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) में पीजी स्टूडेंट्स से कैंपस में छेड़छाड़ का मामला सामना आया है। छात्रा के मुताबिक यूनिवर्सिटी के ऑफिस स्टाफ ने उसे जबरन गलत तरीके से छूने का प्रयास किया।

घटना के बाद प्रॉक्टर समेत डीन और वार्डन से इसकी लिखित शिकायत की गई। बावजूद इसके ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे शुक्रवार देर रात हॉस्टल की छात्राओं में गुस्सा फूटा और स्टूडेंट्स ने हॉस्टल परिसर में प्रदर्शन किया।

मौके पर प्रॉक्टर एमपी सिंह समेत कई प्रशासनिक अफसर पहुंचे। स्टूडेंट्स को समझाने का प्रयास किया पर वो नहीं माने। जिसके बाद देर रात कैंपस में पुलिस भी पहुंची। इसके बाद भी छात्राओं का आक्रोश कम नहीं हो रहा था। प्रदर्शन कर रही छात्राओं की मांग है कि आरोपी स्टाफ के खिलाफ जब तक एक्शन नहीं हो जाता, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

ये था पूरा मामला

प्रॉक्टर को भेजी गई लिखित शिकायत के अनुसार 6 मार्च को ये घटना हुई थी। विश्वविद्यालय के संघमित्रा महिला छात्रावास के ऑफिस स्टाफ विनय ने उन्हें हॉस्टल रूम में इलेक्ट्रिक कैटल मिलने के कारण फाइन जमा करने के बहाने बुलाया था।

इस दौरान अचानक से उसे किस करने का प्रयास करने लगा। इस दौरान उसके सीने पर, कमर पर और गर्दन को भी छूने लगा। जब छात्रा ने इसका विरोध किया, तो आरोपी स्टॉफ ने उसे गालियां देना शुरू कर दिया। साथ ही धमकी देते हुए अंजाम भुगतने की बात भी कही।

2 दिन बीत जाने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

छात्रा के मुताबिक अचानक हुई इस घटना से वो सदमे में हैं। पर हिम्मत करते हुए उसने पहले हॉस्टल वार्डन से शिकायत की। और फिर प्रॉक्टर को संबोधित लिखित शिकायती पत्र प्रॉक्टर के अलावा डीन स्टूडेंट वेलफेयर और वार्डन को भी भेजा पर 2 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

हॉस्टल रूम में केटल मिलने पर पेनाल्टी लगाने के बहाने बुलाया

पीड़ित छात्रा के मुताबिक 2 मार्च को निरीक्षण के दौरान हॉस्टल में उसके कमरे में इलेक्ट्रिक केटल मिली थी। उस केटल से वो बुखार के दौरान पानी गर्म करके पीती थी। निरीक्षण के दौरान उसकी इलेक्ट्रिक कैटल को जब्त कर लिया गया।

अगले दिन यानी 3 मार्च को जब उसने मैट्रन रेनू सिंह को फोन किया तो उसे बताया गया कि फाइन जमा करने और भविष्य में इसका प्रयोग न करने का लिखित आश्वासन देने के बाद ही उसे कैटल वापस दी जाएगी।

इस बीच 5 मार्च को जब वो डीन स्टूडेंट वेलफेयर के ऑफिस में फाइन जमा करने पहुंची तो ऑफिस स्टॉफ विवेक मिला, और उसने बताया कि हॉस्टल वार्डन मीनाक्षी के पास ही फाइन जमा होगा।

और वहां जाकर फाइन जमा करे। इसके अगले ही दिन विनय का उसके पास कॉल आया कि ऑफिस में आकर उससे मिले वो उसकी कैटल वापस दिला देगा। इस बीच जब छात्रा उससे मिलने पहुंची तो कमरे में अकेला पाकर उसने ये हरकत शुरू कर दी।

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