
लखनऊ में चौराहों पर पुलिस हाई अलर्ट पर है। बैरिकेडिंग के साथ पुलिस बल मुख्य सड़कों पर उतारा जा रहा है। पुलिस जवान लाठी और सेफ्टी जैकेट से लैस हैं। यह तैयारी वकीलों की हड़ताल पर जाने के ऐलान के बाद की जा रही है।
दरअसल, विभूतिखंड थाने में होली पर हुए विवाद के बाद वकीलों और पुलिस में टकराव है। वकील मामले में आज पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर अपने ऊपर लगे मुकदमे वापस करने की मांग रखेंगे। पुलिस ने विवाद के बाद 150 वकीलों के खिलाफ एफआईआर कर लिया था।
अवध, लखनऊ और सेंट्रल बार एसोसिएशन ने आपात बैठक बुलाई, जिसमें आज से न्यायिक कार्य बहिष्कार का ऐलान किया। हाईकोर्ट और जिला कोर्ट के कामकाज आज ठप हैं।
आपात बैठक में 11 प्रस्ताव पास, वकीलों की कार्रवाई तेज
लखनऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश प्रसाद तिवारी, मंत्री ब्रज भान सिंह, सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद सिंह कुशवाहा और मंत्री अमरेश सिंह की अगुआई में लाइब्रेरी हॉल में संयुक्त बैठक हुई। बैठक में 11 प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें वकीलों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

बोले- वकीलों की छवि खराब करने की साजिश कर रही पुलिस
बैठक में वकीलों ने कहा कि पुलिस यातायात डायवर्जन और स्कूल बंद कराकर वकीलों की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। मांग की कि विभूति खंड थाने के दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित किया जाए। अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर को फर्जी बताते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाए। अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए। कहा कि पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति भ्रामक है।
वकीलों के विरोध के बाद एक इंस्पेक्टर समेत 9 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि, पुलिस ने भी दो नामजद और अन्य अज्ञात वकीलों पर मुकदमा दर्ज किया है। अधिवक्ताओं ने साफ कहा है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज होगा।

पुलिसकर्मियों पर भी केस, लेकिन विवाद बरकरार
विवाद बढ़ने के बाद एक इंस्पेक्टर समेत नौ पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। पुलिस ने भी दो नामजद वकीलों समेत कई अज्ञात अधिवक्ताओं पर मुकदमा दर्ज किया है, जिसे वकीलों ने फर्जी बताया है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज होगा।

