
लखनऊ के चिनहट इलाके में डॉयल- 112 में टेलीकॉलर प्रियंका की मौत डूबने से हुई थी। इस बात की पुष्टि सोमवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई। पोस्टमार्टम कराने पहुंचे परिजनों ने मीडिया से बातचीत करने से मना करने के साथ किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया। हालांकि पुलिस से संदेह के आधार पर हिरासत में लिए गए युवक से कड़ाई से पूछताछ करने की बात कही। वहीं पुलिस को भी मामले में कुछ खास नहीं मिला है।
युवती प्रियंका कनौजिया (24) सीतापुर सन्दना थानाक्षेत्र की रहने वाली थी। प्रियंका डॉयल-112 में जॉब करती थी। वह लखनऊ के गंगा विहार में किराए के कमरा लेकर रहती थी। रविवार दोपहर करीब 12 बजे कठौता के पास रहने वाले प्रियांशु रावत ने प्रियंका के डूबने की सूचना दी थी। जिसके बाद शव बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया था।

एसीपी विभूतिखंड राधारमण सिंह ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में प्रियंका अकेले की कठौता झील की तरफ जाते नजर आई थीं। अभी तक की जांच में ऐसा लग रहा है कि प्रियंका ने झील में कूदकर जान दे दी है। आत्महत्या की असल वजह की पुलिस जांच कर रही है।
प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या की बात साफ नहीं
पुलिस ने घटना के बाद प्रियंका के परिचित व सूचना देने वाले प्रियांशु व एक अन्य युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। लेकिन उनसे पूछताछ में भी कुछ खास नहीं मिल सका। एसीपी विभूतिखंड ने बताया कि प्रियंका के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकाली गई है। प्रियंका ने प्रेम- प्रसंग के चलते आत्महत्या की है, पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। परिजन भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। परिवार ने कोई लिखित में तहरीर भी नहीं दी है।

चप्पल से की थी शिनाख्त
सूचना देने वाले प्रियांशु ने बताया कि वो प्रियांका का दोस्त है। दोनों की घर के पास ही मुलाकात होती थी। इससे ज्यादा कुछ नहीं था। घटना वाले दिन उसके घर के पास गया था लेकिन कोई मिलने आया था तो वापस चला गया।
इसके बाद प्रियंका अकेले ही कहीं निकल गई। कुछ देर बाद आसपास के लोगों से कठौता में शव मिलने की सूचना मिली तो भागकर देखने पहुंचा। बाहर रखी चप्पल से शिनाख्त कर ली।

