
रामजी लाल सुमन के घर पर हमले के बाद सपा सांसद हाईकोर्ट पहुंचे। रामजी लाल सुमन के एडवोकेट इमरान उल्लाह ने कोर्ट में तर्क दिया कि सांसद पर हमले हो रहे हैं। उनकी हत्या भी हो सकती है। जीभ काटने को एक करोड़ की सुपारी दी गई है। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे पता चलता है कि यूपी में कानून और व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।
बुधवार को कोर्ट ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुना। सुनवाई के बाद जस्टिस राजीव गुप्ता और जस्टिस हरवीर सिंह ने की कोर्ट ने यूपी और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। अब मामले की अगली सुनवाई 28 मई को होगी।
1. संगठनों को राज्य सरकार का संरक्षण
सुनवाई के दौरान रामजीलाल सुमन के एडवोकेट इमरान उल्लाह ने कोर्ट में तर्क दिया कि- खुलेआम अलग-अलग संगठनों की ओर से रामजीलाल सुमन को धमकियां दी जा रही हैं, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई न होना यह साबित करता है कि संगठनों को राज्य सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
2. सांसद की हो सकती है हत्या
दलील दी गई कि रामजीलाल सुमन पर लगातार हमले हो रहे हैं। हमें आशंका है कि सांसद की हत्या भी हो सकती है। आगे कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल है कि रामजीलाल की जुबान काटने के लिए एक करोड़ रुपए की सुपारी दी गई है।
3. यूपी सरकार में कानून और व्यवस्था ध्वस्त
सांसद के घर पर 100 लोगों से ज्यादा लोगों ने पहुंचकर हमला किया और बुलडोजर लेकर पहुंचे थे। इस मामले में 100 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे पता चलता है कि यूपी में कानून और व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।
4. रामजी लाल सुमन की सुरक्षा सुनिश्चित हो
उन्होंने कहा- कहा कि हम राज्य सरकार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन रामजीलाल की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। राज्य सरकार के वकील ने दलील दी कि रामजीलाल को दोहरी सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए।
अलीगढ़ में सपा सांसद के काफिले पर हो चुका है हमला

सपा सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले पर रविवार को हमला हुआ था। रामजीलाल सुमन 20 गाड़ियों के काफिले के साथ आगरा से बुलंदशहर जा रहे थे। अलीगढ़ के खेरेश्वर चौराहे पर क्षत्रिय समाज के कुछ युवा सड़क पर उतर आए। सांसद के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
इस पर काफिले की गाड़ियां तेजी से भागने लगीं। इससे करीब 500 मीटर आगे जाकर काफिले की 5 गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इस पूरी घटना में 6-7 लोग चोटिल हो गए।
यहां से सांसद का काफिला फिर आगे बढ़ा। तभी गभाना टोल प्लाजा से पहले क्षत्रिय समाज के युवक अचानक हाईवे पर आ गए। काफिले पर टायर और पत्थर फेंकने लगे। हमले के बाद समर्थकों और पुलिसकर्मियों ने रामजीलाल को सुरक्षा घेरे में ले लिया। सपा सांसद बुलंदशहर में एक दलित परिवार से मिलने जा रहे थे।

12 अप्रैल को राणा सांगा जयंती पर छावनी में तब्दील हो गया था आगरा

राणा सांगा पर दिए गए विवादित बयान के बाद से सपा सांसद रामजीलाल सुमन पर करणी सेना हमलावर है। 12 अप्रैल को राणा सांगा की जयंती पर करणी सेना ने आगरा के कुबेरपुर में गढ़ी रामी में रक्त स्वाभिमान सम्मेलन आयोजित किया था। इसमें देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से करणी सेना के कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे थे। सम्मेलन में किसी के हाथ में डंडा तो किसी के हाथ में तलवार थी।
आगरा में कर्फ्यू जैसे हालात हो गए थे। सपा सांसद के आवास की किलेबंदी कर दी गई थी। पूरे शहर में 10 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। रामजीलाल सुमन के घर को जाने वाले रास्ते को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।

19 अप्रैल को सपा सांसद से मिलने पहुंचे थे अखिलेश यादव

19 अप्रैल को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आगरा पहुंचे थे। अखिलेश यादव रामजीलाल सुमन के आवास पर उनसे मुलाकात की थी। इस मुलाकात पर को लेकर करणी सेना ने समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोला।
एक दिन बाद 20 अप्रैल को ओकेंद्र राणा ने अपने फेसबुक पेज पर दोनों की मुलाकात की हंसते हुए एक फोटो डाली। इस फोटो के जरिए ओकेंद्र राणा ने एक बार फिर से रामजी लाल और अखिलेश यादव को कड़ी चेतावनी दी है।
अखिलेश ने कहा था- आज मैं अपनी पार्टी के दलित सांसद रामजीलाल सुमन के साथ खड़ा हूं। मुझे गोली मारने की धमकी दी जा रही है। जैसे फूलन देवीजी को मारा वैसे मुझे भी मारने की धमकी दी गई है। वो पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वैसे तो सरकार को खुद संज्ञान लेना चाहिए और केस करना चाहिए। हमारे समाजवादी के लोग अगर शिकायत लेकर जा रहे हैं तो उनकी FIR नहीं दर्ज हो रही है।
पढ़िए रामजीलाल सुमन ने राणा सांगा को क्या कहा था

सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने 21 मार्च को राज्यसभा में कहा था- भाजपा वालों का तकिया कलाम हो गया कि मुसलमानों में बाबर का DNA है। फिर हिंदुओं में किसका DNA है? बाबर को कौन लाया? बाबर को भारत में इब्राहीम लोदी को हराने के लिए राणा सांगा लाया था।
मुसलमान बाबर की औलाद हैं तो तुम (हिंदू) गद्दार राणा सांगा की औलाद हो। यह हिंदुस्तान में तय हो जाना चाहिए। बाबर की आलोचना करते हैं, राणा सांगा की नहीं। देश की आजादी की लड़ाई में इन्होंने अंग्रेजों की गुलामी की थी। हिंदुस्तान का मुसलमान बाबर को अपना आदर्श नहीं मानता है। वो मोहम्मद साहब और सूफी परंपरा को आदर्श मानता है।
अब जानिए कौन हैं रामजी लाल सुमन
- रामजी लाल सुमन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं।
- 25 जुलाई 1950 को उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सादाबाद क्षेत्र के बहरदोई गांव में जन्मे सुमन वर्तमान में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं।
- मात्र 26 साल की उम्र में जनता पार्टी के टिकट पर फिरोजाबाद लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।
- 1989 में जनता दल से फिरोजाबाद सीट जीती।
- 1991 में चंद्रशेखर सरकार में वे श्रम, कल्याण, महिला कल्याण और बाल विकास जैसे मंत्रालयों के केंद्रीय राज्य मंत्री रहे।
- 1992 में समाजवादी पार्टी के गठन के बाद वे मुलायम सिंह यादव के करीबी सहयोगी बने और 1996 से लगातार सपा के राष्ट्रीय महासचिव पद पर हैं।
- 1999 और 2004 में सपा के टिकट पर फिरोजाबाद से लोकसभा चुनाव जीते।
- 2014 में वे हाथरस सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए।
- 2024 में सपा ने उन्हें राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाया। वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं।
- रामजी लाल सुमन और मुलायम सिंह यादव के बीच गहरी राजनीतिक और व्यक्तिगत करीबी रही है। सुमन को मुलायम का विश्वासपात्र माना जाता है।

