
लखनऊ की फूड फैक्ट्री में शनिवार शाम भीषण आग लग गई। हादसे में फैक्ट्री के मालिक और मजदूर की मौत हो गई। जबकि लाखों का सामान और एक कार जलकर राख हो गई। आग शाम करीब 4.30 बजे लगी। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया। करीब 40 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं। 2 किलोमीटर दूर से धुंए का गुबार दिख रहा था।
आग की सूचना फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों से बाहर भागे। आग का भयानक रूप देखकर लोग सहम गए। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम पहुंची। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद दमकल की 16 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
फैक्ट्री के मालिक 45 वर्षीय अखिलेश कुमार और मजदूर अबरार आग में फंस गए थे। आग पर काबू पाने के बाद डेढ़ घंटे सर्च आपरेशन चलाकर SDRF और दमकलकर्मियों ने दोनों के शवों को बरामद किया। घटना सरोजनी नगर इलाके के गंगानगर अमौसी स्थित स्वीटी फूड्स कंपनी की फैक्ट्री की है।



अपने घरों से सामान निकालने लगे लोग
अखिलेश आलमबाग के मवैया के रहने वाले थे। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मची रही। लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। आस-पास रहने वाले लोगों में चीख पुकार मच गई। तमाम लोग अपने-अपने घरों से कीमती सामान निकालने लगे।
इस बीच, ADCP दक्षिणी अमित कुमावत और ACP कृष्णा नगर विकास पांडेय भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने भीड़ को समझा-बुझाकर शांत कराया। ताकि रेस्क्यू में कोई दिक्कत न हो।

3 मंजिला बिल्डिंग में चल रही थी फैक्ट्री
फैक्ट्री 3 मंजिल बिल्डिंग में चल रही थी। आग तीनों मंजिल तक पहुंची थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के दौरान 10 मजदूर काम कर रहे थे। आग लगते ही वह बाहर भाग गए। तीसरी मंजिल पर केमिकल से भरा टैंक रखा था। आग की चपेट में आने से वह धमाके के साथ फटा। इससे आसपास के लोग दहशत में आ गए।
आग लगने के बाद क्षेत्र की बिजली काट दी गई। देर शाम वह चालू हुई। SDRF और दमकल कर्मियों ने टार्च की रोशनी में सर्च ऑपरेशन चलाया। आग लगने के दौरान कानपुर रोड स्थित हाइडिल चौराहे से अमौसी रेलवे स्टेशन जाने वाले रोड का यातायात रोक दिया गया था।

लोकबंधु अस्पताल पहुंचे परिजन
अखिलेश कुमार और अबरार के शव को लोकबंधु अस्पताल लाया गया। अखिलेश के परिजन अस्पताल पहुंच गए। वहीं, अबरार मूल रूप से टेडिया, नानपारा जिला बहराइच का रहने वाला था। वर्तमान में मस्जिद वाली गली जयराजपुरी कालोनी सरोजनी नगर में रहता था।

वेल्डिंग की चिंगारी से आग लगने की संभावना
ऋतिक ने पुलिस को बताया कि फैक्ट्री डेढ़ साल से बंद थी। ADCP दक्षिणी अमित कुमावत ने बताया कि तीन दिन पहले इसे खोला गया था। शनिवार को उसमें वेल्डिंग का काम चल रहा था। प्रारंभिक जांच में आया है कि वेल्डिंग के दौरान चिंगारी उठने से आग लगी थी।
अखिलेश के परिवार में पिता सवदन्तीराम, पत्नी पुष्पा, बेटी प्रियांशी और बेटा ऋतिक है। अबरार केक बनाने का कारीगर था। उसके परिवार में पत्नी कलीमुल निशां, 4 साल का बेटा इमरान और 13 साल की बेटी जैनब है।

आग बुझाने गए थे अखिलेश
प्रत्यक्षदर्शी इरशाद अहमद ने बताया कि वेल्डिंग के दौरान गैस कटर से पाइप काटी जा रही थी। उससे चिंगारी निकली और आग लग गई। बाहर बैठे अखिलेश कुमार और उनके बेटे ऋतिक आग बुझाने के लिए फैक्ट्री के अंदर घुस गए। ऋतिक तो निकल आया, लेकिन अखिलेश फंस गए। काम कर रहे मजदूर बाहर भाग आए।
प्रत्यक्षदर्शी रजनीश त्रिपाठी बताते हैं कि फैक्ट्री से 5-6 मजदूरों को भागते हुए देखा। उसके 2-4 मिनट बाद धमाके की आवाज आई। उन्होंने आग-आग कहकर चिल्लाना शुरू किया। दुकानदारों से आग बुझाने की अपील की। फायर स्टेशन का नंबर लेकर आग लगने की सूचना दी।

