अब तो रुपईडीहा के गली कूचों मे बिकने लगा नशा।
जिला व स्थानीय प्रशासन मौन।

नशे से हो रहा बरबाद नेपाली व भारतीय युवा।
नेपाली पुलिस दूसरे व तीसरे दिन पकड़ रही स्मैक व नशीली दवाएं।

रुपईडीहा। नेपाल सीमा से सटा कस्बा रुपईडीहा वर्तमान समय में नशीले पदार्थों का हब बन चुका है। यहां एक के बाद एक मेडिकल स्टोर खुलते जा रहे हैं। यहां लाइसेंस का भी कोई मतलब नही। सेल्समैन की योग्यता भी आवश्यक नही। ऊंची पगड़ी व भारी भरकम किराया दुकानों का देकर लोग मेडिकल स्टोर खोलते जा रहे हैं।
यहां ग्राहकों की कमी नही है। नशे की गिरफ्त में फंसे युवक दूसरे युवकों को फ्री नशा पिलाकर अपनी जमात बढाते जा रहे हैं। प्रमुख रूप से बिकने वाला नशा नशीली दवाएं, स्मैक व चिप्पड़ हैं। बेखौफ इस नशे की बिक्री रुपईडीहा मे भारी मात्रा में जारी है। कोई प्रतिबंध व भय नशा बेचने वालों को नही है। नशे की बिक्री दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ती जा रही है। हालांकि दर्जनों युवक कस्बे के ही नशे के कारण मौत को गले लगा चुके हैं। इनमें तीन युवतियां भी हैं। और तो और पड़ोसी नेपाली जिला बांके के 4 युवकों की मौत नशे के कारण ही यहां हो चुकी है। खबर मिलने पर इनके परिजन इनका शव लेकर गए हैं।
रुपईडीहा की इस नशे की बिक्री से पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल के सरकार, मादकपदार्थ नियंत्रण ब्यूरो व पुलिस परेशान हैं। हर दूसरे दिन नेपाली जिला बांके, बर्दिया, सुर्खेत, दैलेख, दांग, रुकुम, जाजरकोट व कंचनपुर आदि जिलों ने नेपाली युवक रुपईडीहा से स्मैक व नशीली गोलियां लेजाकर पकड़े गए व जेल की हवा खा रहे हैं।
जिले के नशे के अवैध कारोबार को रोकने हेतु यहां ड्रग इंस्पेक्टर की नियुक्ति कर रखी है। इसके पूर्व यहां ड्रग इंस्पेक्टर राजू प्रसाद थे। जो यहां निष्कंटक 6, 7 वर्षों तक राज करते रहे। ऊंची पहुंच के कारण तमाम शिकायतों के बावजूद उनका स्थानान्तरण हो गया। उनके स्थानान्तरण के बाद इस जिले का चार्ज विनय कृष्णा को दिया गया। विनय कृष्णा का भी वही हाल है।
इन्ही की सरपरस्ती मे यहां एक के बाद बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर नए खुल गए। जिनपर सुबह 6 बजे से ही नेपाली युवा युवतियों का मजमा लग जाता है। गोली, कैप्सूल व नशीली इंजेक्शन नेपाली युवा युवती आकर सेवन करते हैं व चले जाते हैं। कुछ अपना खर्च निकालने के लिए यहां से ड्रग्स व स्मैक लेकर नेपाल जाते समय पकड़ लिए जाते हैं।
स्मैक के कारण रुपईडीहा की मरजीना व नसरीन तथा पप्पू तेली, छोटे, बचऊ, टिल्लू, निसार, शेरू, शेरा, यादव, स्माइल, मेराज व रशीद अहमद पुत्र चांद की मौतें हो चुकी हैं।
रुपईडीहा के चिकवन टोला, नईबस्ती, बरथनवा, घसियारन टोला, रुपईडीहा गांव व केवलपुर मोड़ आदि क्षेत्रों मे नशा बेचा जा रहा है। रुपईडीहा का राम जानकी नगर वार्ड अब नशे की खरीद फरोख्त का नया केंद्र बन गया है। यहां 4, 5 नई नशे की दुकान खुल गयी है। इस वार्ड के निवासी जमाल अहमद ने बताया कि मुझसे कुछ नए लोग नशे की दुकान खोलने के लिए दुकान मांगने आये थे। मुंह मांगी पगड़ी व किराया दे रहे थे। परंतु मैंने नही दिया। हम वार्ड के निवासी नशेड़ियों से तंग आ चुके हैं। सुबह से देर रात तक मोहल्ले में नशेड़ियों का जमघट लगा रहता है।
महामना मालवीय मिशन के अवध प्रान्त के संयोजक व एडवोकेट तथा समाजसेवी संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि अब यह रोग ब्लॉक नवाबगंज के गांवों तक फैल चुका है। गांव का युवा जमीनें बेचकर नशा कर रहा है। क्षेत्र में नशे के कारण चोरियां व अनेकों अपराध बढ़ चुके हैं। डीआई की मिलीभगत से क्षेत्र में नशे का कारोबार चरम पर है। मैं और मेरी संस्था इसके लिए पिछले लगभग एक दशक से सेमिनार व गोष्ठियां आयोजित कर रहे हैं। परंतु जबतक पुलिस व ड्रग इंस्पेक्टर नही चाहेगा नशा रुकने वाला नही है।
मां राजेस्श्वरी चैरिटेबल ट्रस्ट के डायरेक्टर शिवपूजन सिंह ने बताया कि गत 11 व 12 जनवरी सन् 2022 को एनसीबी की लखनऊ टीम व तत्कालीन एसएसबी की रुपईडीहा बीओपी के सहायक कमांडेंट सुमित भारद्वाज ने रुपईडीहा के विभिन्न स्थानों पर छापा मारकर लगभग 8 करोड़ की नशीली दवाएं पकड़ कर 6 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कुछ दिन यह कारोबार थम सा गया था। परंतु अब दिनों दिन यह परवान चढ़ता जा रहा है। रुपईडीहा मे दिखावे के तौर पर लोग दूसरा व्यवसाय करते हैं व स्मैक का होलसेल कारोबार कर रहे हैं। नशा रोकने के लिए गुप्त रूप से सन् 2022 की तरह गुप्त छापेमारी करने से ही इस असमाजिक कृत्य को रोकना होगा।
क्या कहते हैं उपजिलाधिकारी नानपारा।
इस संबंध में जब उपजिलाधिकारी नानपारा लालधर यादव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि डीआई से कहकर फोर्स के साथ जांच करवाएंगे। नशे पर प्रभावी नियंत्रण किया जाएगा।
श्याम कुमार मिश्रा रुपईडीहा
30/7/2025

