
यूपी में विधानमंडल का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होगा। सरकार इस बार बांके बिहारी न्यास विधेयक-2025 लेकर आ रही है। विधेयक को सदन में पेश करके पास कराया जाएगा। हालांकि, बांके बिहारी न्यास का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। ऐसे में कोर्ट से अंतिम फैसला आने के बाद ही इसे लागू किया जाएगा।
13 अगस्त को सुबह 11 बजे से 14 अगस्त को सुबह 11 बजे यानी 24 घंटे लगातार सदन की कार्रवाई चलेगी। इसमें सभी मंत्री प्रदेश के 2047 तक के विकास का विजन डॉक्यूमेंट पेश करेंगे। सदन में उस पर चर्चा होगी।
विधायकों के सुझाव और प्रस्ताव को शामिल कर सभी मंत्री अपना प्रस्ताव तैयार करके केंद्र सरकार को भेजेंगे। रविवार सुबह 11 बजे विधानसभा में पहले कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई। इसमें विधानसभा सत्र संचालन का एजेंडा तय किया गया।
इसके बाद सीएम योगी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। योगी ने सभी दलों के नेताओं से सत्र के शांतिपूर्ण और सुचारू संचालन की अपील की। कहा- सरकार विपक्ष के हर मुद्दे और हर सवाल का जवाब देने को तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन में शोर शराबा और हंगामा न करे। सीएम ने विधान भवन के प्रवेश द्वार पर नए गुंबद, सभा मंडप का लोकार्पण भी किया।

बांके बिहारी न्यास विधेयक-2025 क्या है? 3 पाइंट में समझिए
- न्यास को श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्यास कहा जाएगा। न्यासी अपनी पहली बैठक में न्यास के स्थायी कार्यालय की पहचान और निर्धारण पर विचार-विमर्श करके फाइनल करेंगे। न्यास का मकसद होगा कि स्वामी हरिदास जी के समय से चले आ रहे परंपराओं और समारोहों को सुनिश्चित करना।
- न्यासी बोर्ड के दो सदस्य की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा की जाएंगी। बोर्ड में दो प्रकार के न्यासी होंगे- नामनिर्दिष्ट एवं पदेन न्यासी। नामनिर्दिष्ट न्यासी कुल ग्यारह (11) होंगे। इसमें पदेन न्यासियों की संख्या 7 से अधिक नहीं होगी। इसमें डीएम, एसएसपी, नगर आयुक्त के नाम होंगे।
- न्यासी बोर्ड मंदिर और भक्तों के लिए हित में निर्णय लेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने न्यास पर लगा रखी है रोक
सुप्रीम कोर्ट ने बांके बिहारी ट्रस्ट पर अस्थायी रोक लगा दी। शुक्रवार को कोर्ट ने कहा- बांके बिहारी मंदिर न्यास अध्यादेश, 2025 के तहत समिति के संचालन को सस्पेंड किया जा रहा। कोर्ट ने अध्यादेश की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट ट्रांसफर किया है।
दरअसल, 15 मई को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को मंदिर के धन का उपयोग कॉरिडोर विकास के लिए और मंदिर के आसपास की 5 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने की अनुमति दी। शर्त यह थी कि अधिगृहीत भूमि ठाकुरजी के नाम पर पंजीकृत होगी।
इसके बाद 26 मई को यूपी सरकार ने अध्यादेश- 2025 जारी किया। इसमें मंदिर की देखभाल के लिए ट्रस्ट (न्यास) बनाने की व्यवस्था की गई। इसमें मंदिर का प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की जिम्मेदारी ‘श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्यास’ द्वारा संभाली जानी थी। इसमें 11 सदस्य मनोनीत होने थे, जबकि 7 सदस्य पदेन हो सकते हैं।
इसके खिलाफ 27 मई को देवेंद्र गोस्वामी, सोहन मिश्रा, रजत गोस्वामी और व्यापारियों की तरफ से 4 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थीं। एडवोकेट एनके गोस्वामी के मुताबिक, चौथी तारीख में शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक हाईकोर्ट इस मामले पर फैसला नहीं ले लेता, तब तक समिति को स्थगित रखा जाएगा।
इस बीच, मंदिर की सुचारू व्यवस्था के लिए एक और समिति का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता हाईकोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश करेंगे। समिति में कुछ सरकारी अधिकारी और गोस्वामियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे, जो मंदिर के पारंपरिक संरक्षक हैं।
सर्वदलीय बैठक से पहले विधानसभा के प्रवेश द्वार पर नए गुंबद, सभा मंडप का लोकार्पण किया। फिर विधानसभा में कक्ष संख्या-15 के नए कक्ष का उद्घाटन किया।


सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा.
यूपी बहुत बड़ा प्रदेश है। हमने मांग थी कि 16 अगस्त के बाद भी सत्र चलना चाहिए। विभिन्न समस्याओं से जनता परेशान है। लेकिन अनुरोध के बाद भी सिर्फ इतना कहा गया कि इस पर विचार करेंगे।

विपक्ष ने बनाई सरकार को घेरने की रणनीति
विपक्ष विधानसभा सत्र को कम से कम 10 दिन चलाने की मांग कर रहा है। साथ ही स्कूलों के मर्जर, वाराणसी, प्रयागराज सहित बाढ़ प्रभावित दो दर्जन से अधिक जिलों में बदहाली, बेरोजगारी, महंगाई सहित अन्य मुद्दों पर हंगामा करने की रणनीति बना रहा है।
भाजपा विधानमंडल दल की बैठक
योगी की अध्यक्षता में शाम को भाजपा विधानमंडल दल की बैठक होगी। बैठक में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह और संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद रहेंगे।
बैठक में भाजपा के सहयोगी अपना दल (एस), सुभासपा, निषाद पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल के विधायक भी शामिल होंगे। बैठक में सीएम एनडीए के विधायकों से सदन में उपस्थित रहने और विपक्ष के आरोपों का तथ्यात्मक जवाब देने का आह्वान करेंगे।

