
लखनऊ की सरोजनी नगर पुलिस ने फर्जी तरीके से भारत आई थाई महिला को बिना FIR दर्ज किए ही छोड़ दिया। अमौसी एयरपोर्ट पर वही महिला दूसरे दिन ही फिर से पकड़ी गई। इस बार एयरपोर्ट के इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने उसे पुलिस को सौंपा। अब पुलिस ने FIR दर्ज कर उसे हिरासत में लिया है। महिला भारत में ब्लैकलिस्टेड है और उसने फर्जी पासपोर्ट बनवा रखे हैं।
फर्जी पासपोर्ट से भारत आई महिला का नाम थोंगफुन चायफा उर्फ दरिन चोकथनपट है। महिला को मार्च 2025 में एग्जिट परमिट पर भारत से भेजा गया था। इसके बाद वह 31 जुलाई 2025 को फर्जी पासपोर्ट से रक्सौल बॉर्डर से फिर भारत आ गई। लखनऊ निवासी जसविंदर सिंह ने अपने साथियों नवेंदु मित्तल और शुवेंदु निगम की मदद से महिला के लिए कई फर्जी पासपोर्ट बनवाए थे।
पुलिस ने छोड़ा तो दोबारा एयरपोर्ट पहुंची
20 अगस्त को इमिग्रेशन और खुफिया विभाग ने आरोपी जसविंदर और महिला को पकड़कर सरोजनी नगर पुलिस को सौंपा था। पुलिस ने न तो FIR दर्ज की और न ही कोई जांच की। आरोपियों को छोड़ दिया गया। यहां से महिला फिर से एयरपोर्ट पहुंच गई। इस बार फिर से इमिग्रेशन में उसे पकड़ लिया गया।
इमिग्रेशन अधिकारी महिला को लेकर सरोजनी नगर थाने पहुंचे। यहां थाई महिला, जसविंदर सिंह, नवेंदु मित्तल, शुवेंदु निगम के खिलाफ बीएनएस एक्ट और विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 14(b), 14(c) में FIR दर्ज करने की मांग की। थाना प्रभारी राजदेव राम प्रजापति ने बताया केस दर्ज किया है। जांच जारी है।
जसविंदर और उसके साथियों ने रची साजिश
शिकायत में साफ लिखा गया है कि लखनऊ निवासी जसविंदर सिंह ने इस पूरे फर्जी पासपोर्ट खेल में अहम भूमिका निभाई। आरोप है कि उसने अपने सहयोगियों नवेंदु मित्तल और शुवेंदु निगम की मदद से महिला के लिए कई फर्जी पासपोर्ट बनवाए और उसे लखनऊ लाकर अपने घर में छिपाकर रखा।
1 साल पहले पकड़ी गई थी, ब्लैकलिस्ट की गई
दस्तावेज बताते हैं कि महिला 29 जुलाई 2024 को थोंगफुन चायफा नाम से भारत आई थी। वीजा उल्लंघन के चलते ब्लैकलिस्ट किया गया और मार्च 2025 में एग्जिट परमिट पर भारत से भेज दिया गया। उसने 31 जुलाई 2025 को अपना नाम दरिन चोकथनपट करते हुए नया फर्जी पासपोर्ट बनवा लिया। उसके बाद रक्सौल (बिहार) के रास्ते भारत में घुस आई।
सरोजनी नगर पुलिस पर गंभीर आरोप
20 अगस्त को इमिग्रेशन और खुफिया विभाग ने महिला और जसविंदर सिंह को सरोजिनी नगर थाने में पकड़ा था। लेकिन आरोप है कि पुलिस ने गहन जांच करने और FIR दर्ज करने के बजाय दोनों को जाने दिया। इसके बाद जब महिला एयरपोर्ट से भागने की कोशिश कर रही थी, तो दोबारा इमिग्रेशन टीम के हत्थे चढ़ी और पूरा घोटाला उजागर हो गया।
3 पासपोर्ट, 2 थाई आईडी, बोर्डिंग पास मिले
इमिग्रेशन टीम ने जांच में महिला के पास 3 पासपोर्ट, 2 थाई आईडी, बोर्डिंग पास और 2 मोबाइल फोन मिले हैं। यही सबूत अब पुलिस की लापरवाही और आरोपियों की करतूतों की पोल खोल रहे हैं। इस फर्जी पासपोर्ट मामले में थाई महिला थोंगफुन चायफा उर्फ दरिन चोकथनपट, लखनऊ निवासी जसविंदर सिंह, और उसके सहयोगी नवेंदु मित्तल और शुवेंदु निगम के नाम सीधे तौर पर सामने आए हैं।

