
मेडिकल उपकरणों की सप्लाई करने वाले पीओसीटी साइंस हाउस ग्रुप के ठिकानों पर आयकर विभाग का छापा गुरुवार को भी जारी रहा। गोमतीनगर स्थित गर्ग हाउस में जांच के दौरान टीम को आलीशान बंगला और 100 से ज्यादा नौकर देखकर हैरानी हुई। इसके बाद विभाग ने अतिरिक्त अधिकारियों को भी जांच में शामिल कर लिया। शुरुआती जांच में करोड़ों की कमीशनखोरी के सुराग मिले हैं।
सूत्रों के मुताबिक छापे में मिले कच्चे बही-खातों में सरकारी अधिकारियों को लाखों रुपए देने का विवरण दर्ज है। आयकर टीम अब यह पता लगा रही है कि ये अफसर कब और कहां तैनात रहे।
खातों से लाखों रुपए नकद निकाले
कंपनी के खातों से लाखों रुपए नकद निकाले जाने के प्रमाण भी मिले हैं। आशंका है कि यह रकम कमीशन के तौर पर अधिकारियों में बांटी गई होगी। हालांकि अब तक विभाग ने बरामदगी का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।
कई शहरों में छापेमारी
आयकर विभाग की भोपाल यूनिट ने गुरुवार को लखनऊ समेत भोपाल, मुंबई और इंदौर में कंपनी के 30 से ज्यादा ठिकानों पर कार्रवाई की थी। लखनऊ में गोमतीनगर और ट्रांसपोर्टनगर स्थित दफ्तरों की गहनता से तलाशी ली जा रही है। बता दें कि बुधवार को भी लखनऊ के गोमती नगर में छापेमारी की कार्यवाही की गई थी।
कंपनी संचालक कई फर्मों से जुड़े
जांच में खुलासा हुआ है कि कंपनी के जितेंद्र तिवारी सात कंपनियों और सौरभ गर्ग एक दर्जन से ज्यादा कंपनियों में निदेशक हैं। इसके अलावा जितेंद्र की ‘जीवन उदय फाउंडेशन’ नाम से भी एक कंपनी है। आयकर विभाग यह पता लगाने की कोशिश में है कि ये फर्में मेडिकल कारोबार में सक्रिय हैं या फिर सिर्फ बोगस एंट्री और लेन-देन छिपाने के लिए बनाई गई हैं।

