
लखनऊ में सपा ऑफिस के बाहर एक युवक ने खुद को आग लगाकर आत्मदाह की कोशिश की। वह जेब में पेट्रोल भरी बोतल लेकर आया था। सपा ऑफिस के बाहर ही उसने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली।
युवक के आग लगाते ही वहां भगदड़ मच गई। मौके पर मौजूद लोग दौड़ते हुए आए और आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन, आग इतनी तेज थी कि बुझ नहीं पा रही थी। जैसे-तैसे कंबल डालकर आग बुझाई गई। तब तक युवक करीब 80% तक झुलस गया था।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी घायल युवक को ई-रिक्शा से सिविल अस्पताल ले गए। वहां उसकी हालत गंभीर है। घटना सपा ऑफिस के बाहर बुधवार दोपहर करीब 3 बजे हुई। वहीं, अखिलेश यादव ने भी को लेकर यूपी सरकार को घेरा है।



युवक बोला- सट्टेबाजों ने 6 लाख लिए, मांगने पर गाली देते हैं
युवक की पहचान अलीगढ़ के रहने वाले योगेंद्र उर्फ बॉबी (48) के रूप में हुई है। बुधवार को योगेंद्र अपने सगे भाई गुड्डू और गांव की ही अपनी परिचित महिला सबा परवीन के साथ लखनऊ आया था।
घायल हालत में अस्पताल में भर्ती योगेंद्र ने बताया- मेरे मोहल्ले में रहने वाले दानिश, वसीम, नाजिम और मास्टर सट्टेबाजी का काम करते हैं। उन लोगों ने मुझसे 6 लाख रुपए उधार लिए थे। जब मैंने अपने पैसे वापस मांगे, तो झगड़ा करने लगे। साथ ही गालियां देते हैं। वो लोग ऐसा बार-बार कर रहे हैं।
वहीं, सिविल अस्पताल के CMS डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा- युवक 80% जला है। उसकी स्थिति नाजुक है। लगभग पूरा शरीर जल गया है। सीने और चेहरे का कुछ हिस्सा ही बचा है। प्रारंभिक उपचार किया गया है। जरूरत पड़ने पर KGMU रेफर किया जाएगा।

अलीगढ़ में सपा नेत्री के घर रहता है योगेंद्र
योगेंद्र अलीगढ़ में सपा नेत्री सबा परवीन के घर पर ही रहता है। सबा के पास ही रहने वाले दानिश से उसका 6 लाख रुपए को लेकर विवाद था। इसको लेकर कई बार स्थानीय पुलिस से मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
इसको लेकर सबा परवीन कुछ लोगों के साथ अखिलेश यादव से मिलने आई थीं। सबा परवीन सहित कई लोग समाजवादी पार्टी कार्यालय के अंदर चले गए। योगेंद्र बाहर था। तभी उसने खुद को आग लगा ली।
अखिलेश बोले- सरकार घायल युवक का बेहतर इलाज कराए
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि निर्मम भाजपा सरकार से हताश होकर एक युवा ने आत्मदाह के द्वारा सरकार को जगाने के लिए जो कोशिश की है, वो बेहद दर्दनाक है। भाजपा सरकार घायल युवक को अच्छे से अच्छा इलाज सुनिश्चित करे और युवक को न्याय दे। नाइंसाफी, नाउम्मीदगी और निराशा भाजपा सरकार की पहचान बन गई है।

