अपर्णा यादव के भाई पर 14 करोड़ हड़पने का आरोप:22 बीघा जमीन का सौदा; एक दिन पहले मां पर हुई थी FIR

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लखनऊ में बीजेपी नेता अपर्णा यादव की मां के बाद अब उनके भाई चंद्रशेखर सिंह बिष्ट पर भी FIR दर्ज हो गई है। एक रियल एस्टेट कारोबारी ने 14 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।

कारोबारी ठाकुर सिंह मनराल का आरोप है कि चंद्रशेखर बिष्ट से 22.10 बीघा जमीन का सौदा हुआ था। पूरे पैसे लेने के बाद केवल 13450 वर्गफुट जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। पैसे वापस मांगने पर चंद्रशेखर और उनके सहयोगी हिमांशु राय ने जान से मारने की धमकी दी।

इस तस्वीर में अपर्णा यादव और मां अंबी बिष्ट के साथ चंद्रशेखर सिंह बिष्ट दिख रहे हैं। पूरा परिवार पूजा में शामिल हुआ था।
इस तस्वीर में अपर्णा यादव और मां अंबी बिष्ट के साथ चंद्रशेखर सिंह बिष्ट दिख रहे हैं। पूरा परिवार पूजा में शामिल हुआ था।

ठाकुर सिंह मनराल ने बताया कि चंद्रशेखर बिष्ट से उनके पिता के सरकारी आवास गुलिस्ता कॉलोनी में उनकी मुलाकात हुई थी। इस दौरान 22.10 बीघा जमीन को बेचने का सौदा हुआ था। रेट 1100 रुपए प्रति वर्गफुट के हिसाब से तय किया गया था। यह डील करीब 14 करोड़ रुपए में तय हुई थी।

इसके बाद उन्हें नकद और चेक के माध्यम से पूरी रकम दी गई, लेकिन बदले में सिर्फ 13450 वर्गफुट जमीन की रजिस्ट्री कराई गई, जो तय राशि और क्षेत्रफल का आधा भी नहीं था। पीड़ित ने बताया कि अपर्णा के भाई चंद्रशेखर बिष्ट की लखनऊ में मरर्चन्टास इन्फाहाइट्स प्रा. लि. के नाम से कंपनी है। हम कंपनी के विश्वास में आकर ठगी का शिकार हुए।

जब बाकी की रजिस्ट्री या पैसा वापस मांगा तो चंद्रशेखर और हिमांशु ने उन्हें धमकी दी। कहा- पैसा भूल जाओ, दोबारा मांगा तो जान से हाथ धो बैठोगे। पूरे लेन-देन की जानकारी अपर्णा यादव, उनकी मां अंबी बिष्ट और पिता अरबिंद सिंह बिष्ट को भी थी।

ये चंद्रशेखर बिष्ट की साइट की तस्वीर है।
ये चंद्रशेखर बिष्ट की साइट की तस्वीर है।

कई बार शिकायत के बाद भी नहीं दर्ज हुई थी FIR

पीड़ित के मुताबिक, इस मामले की शिकायत थाना गोमतीनगर, पुलिस आयुक्त लखनऊ और कई अधिकारियों से की। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब कोर्ट से गुहार लगाई तो कोर्ट के निर्देश पर गोमतीनगर थाने में FIR दर्ज कर ली गई।

यह तस्वीर दूसरे आरोपी हिमांशु राय की है।
यह तस्वीर दूसरे आरोपी हिमांशु राय की है।

एक दिन पहले अपर्णा की मां के खिलाफ हुई थी एफआईआर

इससे एक दिन पहले अपर्णा की मां अंबी बिष्ट के खिलाफ भी लखनऊ में विजिलेंस में मुकदमा दर्ज हुआ था। लखनऊ की प्रियदर्शनी-जानकीपुरम योजना में हुए भूखंड आवंटन घोटाले में अंबी सहित तत्कालीन 5 अफसर दोषी पाए गए।

शासन के आदेश पर लखनऊ स्थित विजिलेंस थाने में दोषियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। अंबी बिष्ट लखनऊ विकास प्राधिकरण में संपत्ति अधिकारी रहने के बाद लखनऊ नगर निगम में कर अधिकारी भी रहीं। करीब एक साल पहले 30 सितंबर 2024 को वह रिटायर हुई थीं।

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