
लखनऊ के कैंट में थार ने ई-रिक्शा सवार आठ युवकों को रौंद दिया था। हादसे में निगोहां के रहने वाले मोहित राजपूत (27) और उमेश साहू की मौत हो गई थी, छह लोग घायल हुए थे। रविवार को दोनों युवकों के शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। मोहित की गर्भवती पत्नी संध्या बेसुध हो गई। होश में आने पर लगाकर अपने पति के उठ जाने की उम्मीद में उसका चेहरा पोंछती रही। बार-बार बोलती- मेरे बच्चे का क्या होगा? परिजनों की चीत्कार सुनकर वहां मौजूद हर एक के आंखों में आंसू आ गए।
उमेश शनिवार को ई-ऑटो से दोस्तों को लेकर खाटू श्याम बंधे के पास दर्शन के लिए निकला था। कैंट इलाके में कमांड अस्पताल के पास तेज रफ्तार थार ने ई-रिक्शा में टक्कर मार दी थी। हादसे में निगोहां के करनपुर के रहने वाले भूपेंद्र यादव, अंश यादव, प्रमोद यादव, अनुज यादव, सुमित यादव भी घायल हुए थे। मामले में पुलिस ने रविवार को थार चालक अक्षय प्रताप सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है।


गांव में मातम, पत्नी-भाई हुए बेसुध
मोहित मजदूरी करता था। उसकी शादी 24 फरवरी को संध्या से हुई थी। शनिवार रात करीब साढ़े पांच बजे मोहित अपने स्पलेंडर से निगोहा बाजार गए। वहां से दोस्तों के साथ मंदिर जाने के लिए निकले थे। थोड़ी ही देर बाद हादसे की खबर संध्या तक पहुंची।
रविवार शाम मोहित का शव घर पहुँचा तो संध्या बेसुध हो गई। घर के बाहर महिलाएं उसे संभालने की कोशिश कर रही थीं। संध्या पति के शव के पास बैठकर उसका चेहरा पोंछ रही थी। वो लगातार पति को उठाने की कोशिश कर रही थी।

भाई भी हुआ बेहोश
मोहित का छोटा भाई राजेंद्र भी सबको संभलाते संभलाते खुद ही बेहोश हो गया। दोस्तों ने उन्हें पास के मकान के बाहर चारपाई पर लिटाकर पानी और सहारा दिया। मोहित की मां शिव देवी, पिता राम सनेही और बहन जानकी भी गहरे शोक में हैं। मोहित की अचानक मौत से घर में मातम पसरा है। सब एक दूसरे को सांत्वना दे रहे हैं।

2 साल का बेटा और 6 महीने की बेटी है
उमेश साहू के साले करण साहू ने बताया- कल शाम को बहन का फोन आया। उसने बताया कि तेलीबाग में जीजा का एक्सीडेंट हो गया है। वह घर से खाटू श्याम मंदिर दर्शन करने के लिए निकले थे। जब मौके पर पहुंचे तो पता चला कि किसी थार गाड़ी ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी।
उसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर के आए, जहां डॉक्टर ने बताया कि उनकी जान चली गई है। परिवार में उनकी मां, पत्नी कीर्ति साहू, 2 साल का बेटा स्वास्तिक और 6 महीने की बिटिया है।
5 माह पहले लोन पर खरीदा था ई-ऑटो
मृतक उमेश साहू की मां श्यामावती और एक भाई अनुज साहू भी है, जिसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। वर्तमान समय में मुंबई में हैं। उमेश के पिता जगदीश साहू का पांच साल पहले देहांत हो चुका है। उन्हें सांस की बीमारी थी।

उमेश की सभी पांच बहनों की शादी हो गई है। उमेश ने पांच माह पहले लोन पर ई-ऑटो खरीदा था। पोस्टमॉर्टम के बाद रविवार को उमेश का शव घर पहुंचा। गांव में कोहराम मच गया। गांव के बाहर ही उमेश का अंतिम संस्कार किया गया।
बिना डीएल दौड़ा रहा था थार
पुलिस ने गाड़ी नंबर के आधार पर चालक की तलाश शुरू की थी। गाड़ी मालिक की पहचान रायबरेली निवासी रिटायर्ड सैन्यकर्मी धर्मेंद्र के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि गाड़ी लड़के के पास है, जिसका नाम देवांश है। वो बीबीडी का छात्र है।
देवांश से संपर्क करने पर मालूम हुआ कि थार उसका दोस्त अक्षय प्रताप सिंह लेकर गया था। इस पर पुलिस ने अक्षय को हिरासत में लिया। उससे डीएल मांगा गया तो नहीं दिखा पाया। पूछताछ में बताया कि गाड़ी में अकेले ही था और रफ्तार काफी तेज थी। मामले में इंस्पेक्टर कैंट का कहना है कि अब धारा बढ़ाई जाएगी।

