
लखनऊ में रहने वाले कैब ड्राइवर की सीतापुर में हत्या करने वाले को पुलिस ने रविवार रात मार गिराया। वह कार से साथी के साथ जा रहा था। पुलिस ने करीब 1 किमी तक पीछा किया। उसने पुलिस जवानों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं।
इस दौरान दो पुलिसकर्मियों के बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी। पुलिस की गाड़ी पर भी बुलेट लगी। जवाबी कार्रवाई में बदमाश ढेर हो गया। उसका साथी फरार हो गया। उसके पास से 38 बोर की रिवॉल्वर, पिस्टल, कारतूस, खोखा और शाहजहांपुर में लूटी गई कार बरामद हुई है।
बदमाश पर दो जिलों में कुल 1.5 लाख रुपए का इनाम घोषित था। उसकी पहचान शाहजहांपुर के पटाई पुवायां के गुरुसेवक (29) के रूप में हुई। उस पर हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट के 8 मुकदमे दर्ज हैं। वह कार लूटकर हत्या कर देता था।



सीतापुर और शाहजहांपुर में 1-1 ड्राइवरों की हत्या की
पुलिस के अनुसार, बदमाश गुरुसेवक ने उन्नाव के ड्राइवर योगेश पाल और शाहजहांपुर के पुवायां में ड्राइवर अवनीश दीक्षित की हत्या कर कार लूट ली थी। उसकी तलाश में पुलिस जुटी थी।
दो पुलिसकर्मियों की बुलेट प्रूफ जाकेट में लगी गोली
फायरिंग में क्राइम ब्रांच प्रभारी और मड़ियांव शिवानंद मिश्रा और हेड कॉन्स्टेबल अतुल कुमार के बुलेट प्रूफ जाकेट में गोली लगी। एक गोली पुलिस की गाड़ी पर भी लगी। जवाबी कार्रवाई में बदमाश के सीने में एक गोली लगी है।

कैसे हुआ एनकाउंटर, डीसीपी ने बताया
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया- रविवार शाम को पारा थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि बदमाश हरदोई या सीतापुर रोड की ओर से भागने वाले हैं। इस पर पुलिस ने पारा थाना क्षेत्र में जीरो प्वाइंट के पास और आउटर रिंग रोड कट पर चेकिंग शुरू की।
थोड़ी देर बाद एक कार जीरो प्वाइंट पर पहुंची। पुलिस ने उसको रोकने का प्रयास किया, तो कार तेजी से आगरा एक्सप्रेस-वे की सर्विस लेन पर भागने लगी। तब तक सामने से पुलिस की दूसरी टीम आ गई। कार सड़क के किनारे खड़ी करके उसमें सवार दो बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई शुरू की। पुलिस की गोली लगने से एक बदमाश गिर गया। दूसरा फायरिंग करते हुए फरार हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान गुरुसेवक पुत्र बलिंद्र निवासी पटाई पुवायां शाहजहांपुर के रूप में हुई। उसे इलाज के लिए सरकारी हॉस्पिटल भिजवाया गया।

एक लाख का इनाम लखनऊ और 50 हजार का शाहजहांपुर में
क्राइम ब्रांच प्रभारी शिवानंद मिश्रा के मुताबिक, बदमाश पर एक लाख का इनाम लखनऊ पुलिस द्वारा घोषित किया गया था। 50 हजार का इनाम शाहजहांपुर पुलिस ने घोषित किया था।
10 सितंबर को जिस मुठभेड़ में अजय के पैर में गोली लगी थी, उस दिन गुरुसेवक भी उसके साथ था। अजय पकड़ा गया था। जबकि, गुरुसेवक फरार हो गया था। उस दिन मुठभेड़ किसानपथ मौंदा अंडरपास के पास हुई थी। उस दिन योगेश पाल की कार बरामद हुई थी।

जो कैब मालिक खुद चलाता था वही बनता टारगेट
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि गिरोह का सदस्य विकास कनौजिया (हाफ एनकाउंटर में पकड़ा गया) लूट का मास्टरमाइंड था। ये लोग पहले एक बार कार बुक कर यात्रा करते थे। यात्रा के दौरान यह जान लेते थे कि गाड़ी चलाने वाला चालक है या मालिक। उन्हीं कारों को टारगेट करते थे, जिन्हें मालिक खुद चलाता हो।
15 सितंबर के आसपास विकास ने योगेश की कार बुक कराई थी कहीं जाने के लिए। उसने यात्रा के दौरान सारी जानकारी ले ली थी। इसके बाद उसने कार को चिंह्नित कर अजय और गुरुसेवक को बताया। फिर 27, 28 सितंबर को योगेश को फोन कर सीतापुर के लिए बुक किया। वह खाली नहीं था तो उसने मना कर दिया।
29 को फिर फोन किया। खाली होने के कारण योगेश ने 3500 रुपए में बुकिंग ले ली थी। सीतापुर ले जाने के दौरान कानपुर बाईपास पर विकास उतर गया था। अजय, गुरुसेवक व एक अन्य ने रास्ते में योगेश की हत्या की और फिर शव सीतापुर के जंगल में फेंक दिया था। खून न बहे इस लिए उसके चेहरे और सिर पर टेप चिपका दिया था।

कैसे रडार पर आया गैंग
एक आरोपी के पैर में लगी थी गोली
उन्नाव के बांगरमऊ निवासी योगेश पाल (27) लखनऊ के पारा क्षेत्र के बुद्धेश्वर बादलखेड़ा में रहते थे। वह 29 सितंबर की शाम करीब छह बजे ओला बुकिंग पर कार लेकर सीतापुर के लिए निकले थे। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने अगले दिन पारा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
परिजनों ने बताया कि योगेश ने 29 सितंबर की रात करीब 9 बजे पत्नी बंदना से फोन पर बात की थी, जिसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया था। 3 अक्टूबर सुबह उनका शव सीतापुर में मिला था। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की थी।
शुक्रवार देर रात योगेश की हत्या में शामिल बदमाश पिहानी हरदोई निवासी अजय सिंह उर्फ अमरजीत की पारा इलाके के मौदा मोड़ के पास पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। पैर में गोली लगने के बाद वह पकड़ा गया था। उसका साथी गुरुसेवक मौके से फरार हो गया था।

शाहजहांपुर में भी की थी ट्रैवलर चालक की हत्या
पुलिस पूछताछ में घायल बदमाश जय सिंह उर्फ अमरजीत ने गुरुसेवक और अन्य सदस्यों के बारे में बताया था। उसने बताया था कि गुरुसेवक और अन्य साथियों के साथ मिलकर शाहजहांपुर के पुवायां में 6 अक्टूबर की शाम ड्राइवर अवनीश दीक्षित की हत्या करके कार लूट ली थी।
जानकारी मिलने पर पूरा गैंग पुलिस की रडार पर आ गया था। आज सुबह पारा थाना क्षेत्र के जागर्स पार्क के पास से इनका एक अन्य साथी बरहुआ थाना मल्लावा, जनपद हरदोई निवासी विकास कुमार पुत्र रूपनारायण कनौजिया पकड़ा गया था।

