
24 घंटे के अंदर नई तैनाती पर कार्यभार लेने को कहा गया। अल्टीमेटम भी दिया गया। यदि कार्यभार नहीं लिया तो शासन को पत्र भेज दिया जाएगा। प्रतिकूल प्रविष्टि की चेतावनी भी दी गई। ट्रांसफर रोकने के लिए पैरवी कराने पर भी कार्रवाई की हिदायत दी गई। वहीं, नगर निगम प्रशासन ने उन अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया है, जो लंबे समय से एक ही जगह जमे थे और जिनका रिकॉर्ड लगातार खराब रहा था।
बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले में सात जोनल अधिकारियों, 5 जोनल सेनेटरी ऑफिसर समेत कुल 20 से अधिक अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए। इसके लिए कोई लिस्ट जारी नहीं की गई। मेयर सुषमा खर्कवाल ने मामले को लेकर कहा- मुझे ट्रांसफर की जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि उन्होंने सख्त लहजे में कहा-जनता को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

मेयर के खास माने जाने वाले अधिकारियों को हटाया
सोमवार को जारी ट्रांसफर आदेश में तीन जोनल अधिकारियों को कर अधीक्षक और जोनल सेनेटरी ऑफिसर के पद पर भेज दिया गया है। शहर के आठ जोन में से 7 जोनल अधिकारी बदल दिए गए हैं।
चार जोनल अधिकारियों के जोन बदल दिए गए, जबकि तीन पीसीएस अधिकारियों को नया जोनल अधिकारी बनाया गया है। इसके साथ ही कर अधीक्षक और जोनल सेनेटरी ऑफिसर के पदों पर भी नई तैनाती दी गई है। नई तैनाती में पीसीएस अधिकारियों को तरजीह दी गई है, जबकि मेयर के खास माने जाने वाले अधिकारियों को हटाया गया है।
मनोज यादव और अजीत राय पर गिरी गाज
जोन- 6 में जोनल प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे मनोज कुमार यादव को कर अधीक्षक और जोनल सेनेटरी ऑफिसर के पद पर जोन-3 में भेजा गया है। जोनल अधिकारी जोन आठ अजीत कुमार राय को जोन सात में कर अधीक्षक और जोनल सेनेटरी अधिकारी बनाया गया है। इसके साथ ही जोनल सेनेटरी अधिकारी के पद पर जोन-3 में राजेश जोन-5 में जीतेंद्र गांधी और जोन-8 में जीतेंद्र गांधी को जोनल सेनेटरी ऑफिसर बनाया गया है।

20 से अधिक का ट्रांसफर
नगर आयुक्त की तरफ से कुल 20 से अधिक आरआई और टीएस के ट्रांसफर हुए हैं। नगर निगम में हुए ट्रांसफर पर फिलहाल कोई कुछ नहीं बोल रहा है। इस दौरान नगर निगम प्रशासन की तरफ से सीधे लिफाफे भेजकर ट्रांसफर की जानकारी दी गई। ट्रांसफर की जानकारी होते ही नगर निगम में हडकंप मच गया। इस दौरान पैरवी के लिए नेताओं और अधिकारियों के यहां कई लोग पहुंचे।

