
लखनऊ में मंदिरों-मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जा रहे हैं। यह अभियान राजधानी में 3 दिन चलेगा। हाईकोर्ट की गाइडलाइन पर UP सरकार के आदेश पर यह कार्रवाई की जा रही है। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों के साथ सभी धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए जाएंगे।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी धार्मिक स्थल पर निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर नहीं बजाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई हाईकोर्ट की ध्वनि नियंत्रण गाइडलाइन के तहत की जा रही है, ताकि लोगों की शांति और स्वास्थ्य पर इसका दुष्प्रभाव न पड़े।
ज्वाइंट सीपी बोले– “कानून का पालन प्राथमिकता”
लखनऊ के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर बबलू कुमार ने बताया कि यह अभियान पूरी तरह प्रशासनिक और कानूनसम्मत है। उन्होंने कहा, “यह किसी धर्म या समुदाय से जुड़ी कार्रवाई नहीं है, बल्कि न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने की प्रक्रिया है।” उन्होंने बताया कि टीमों को यह भी निर्देश दिया गया है कि धार्मिक स्थलों पर संवाद कायम करते हुए नियमों का पालन करवाया जाए।

भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
रविवार को लखनऊ पुलिस की कई टीमें पुराने लखनऊ, आलमबाग, ठाकुरगंज, बाजारखाला और महानगर क्षेत्र में सक्रिय रहीं। ध्वनि नियंत्रण टीमों ने स्थानीय प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से कई धार्मिक स्थलों पर साउंड सिस्टम हटवाए। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी रही, ताकि किसी तरह की अफवाह या विरोध की स्थिति न बने।
अगले दो दिन जारी रहेगा ऑपरेशन
अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान सोमवार और मंगलवार को भी चलेगा। पुलिस और प्रशासन ने सभी धार्मिक संस्थाओं को नोटिस जारी कर सख्त हिदायत दी है कि निर्धारित डेसीबल सीमा का पालन करें। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि दोबारा उल्लंघन की स्थिति में संबंधित संस्थाओं पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

