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अंतराष्ट्रीय

अखिलेश यादव के SIR फॉर्म भरने की अगली ही रात सपा नेताओं ने लखनऊ में SIR प्रक्रिया का विरोध कर दिया है।

By admin · November 29, 2025 · 1 min read

अखिलेश यादव के SIR फॉर्म भरने की अगली ही रात सपा नेताओं ने लखनऊ में SIR प्रक्रिया का विरोध कर दिया है। सपा नेता मोहम्मद इखलाक ने प्रदेश कार्यालय के बाहर एक होर्डिंग लगा दिया है। इसमें SIR का जिक्र करते हुए लिखा है- बीजेपी सरकार के हर बड़े फैसले की कीमत जनता ने जान देकर चुकाई।

इसके बाद SIR को नोटबंदी से जोड़ते हुए 4 मुद्दे लिखे गए हैं, जिनमें बताया गया है कि किस काम में कितने लोगों की मौत हुई। होर्डिंग सपा कार्यालय के पास शुक्रवार रात को लगाया गया। मालूम हो कि चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान चलाया है। पार्टी नेता इखलाक ने कहा- BJP अपने बड़े फैसले थोप रही है।

1- नोटबंदी – अव्यवस्था की मार

कई मासूम जानें बैंकों की लाइनों में खत्म हो गईं।

2- काला किसान कानून – अन्नदाताओं को दर्द

आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की शहादत, लेकिन सरकार का दिल नहीं पसीजा।

3- कोविड के दौरान शून्य तैयारियों के बीच अचानक लॉकडाउन

हजारों लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन? लॉकडाउन से उपजे पलायन के दौरान फैली भूख, बेबसी और निराशा से कई लोगों ने अपनी जान गंवाई।

4- SIR चुनाव ड्यूटी – कर्मचारियों की मजबूरी

काम के दबाव में 10 से अधिक BLO कर्मियों की जान चली गई।

यही होर्डिंग लगाया गया है। इसमें कुछ खबरों की कटिंग भी छपी है।
यही होर्डिंग लगाया गया है। इसमें कुछ खबरों की कटिंग भी छपी है।

होर्डिंग लगवाने वाले बोले- जनता के मुद्दे उठाएंगे

होर्डिंग लगवाने वाले सपा नेता मोहम्मद इखलाक ने कहा कि बीजेपी सरकार ने बिना जमीनी हकीकत समझे बड़े-बड़े फैसले लिए। उनका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा। होर्डिंग के जरिए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करते रहेंगे। आने वाले समय में जनता के मुद्दों को और मजबूती से उठाएंगे।

चुनाव आयोग की तरफ से विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Rivison- SIR) प्रक्रिया चल रही है। इसमें वोटर्स का सत्यापन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से वोटर लिस्ट से वे नाम हट जाएंगे जिनका कोई प्रमाण नहीं है। यानी जिनकी उम्र 18 साल हो गई है, जो जीवित हैं उनके नाम वोटर लिस्ट में रहेंगे। वहीं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है उनका हट जाएगा। एक से ज्यादा जगहों की वोटर लिस्ट में नाम है तो नाम केवल एक जगह बचेगा। इस प्रक्रिया का पहला चरण 4 नवंबर से शुरू हुआ है, जो 4 दिसंबर तक चलेगा। पहले चरण में वर्तमान मतदाताओं को एनुमरेशन फॉर्म BLO के जरिए प्रिंट कर दिया जा रहा है। वोटर्स उसकी सूचनाएं भरकर वापस BLO को दे रहे हैं। ये काम 4 दिसंबर तक चलेगा।

अखिलेश यादव ने 27 नवंबर को SIR फॉर्म भरा। उन्होंने अपने समर्थकों से इस फॉर्म को भरने की अपील की।
अखिलेश यादव ने 27 नवंबर को SIR फॉर्म भरा। उन्होंने अपने समर्थकों से इस फॉर्म को भरने की अपील की।

अखिलेश ने SIR फॉर्म भरा, कहा- BLO पर मानसिक दबाव

अखिलेश यादव ने गुरुवार को SIR फॉर्म भरा। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी फोटो शेयर की और लिखा कि सब अपना-अपना SIR कराएं, कुछ भी समस्या या गड़बड़ी दिखाई दे तो हमें सूचित करें। इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा था कि BLO के साथ SIR का इम्प्रैक्टिकल टारगेट देकर अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। उनके ऊपर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है, यह निंदनीय है।

भाजपा राज ने तरह-तरह की प्रताड़ना और अशांति के सिवाय किसी को कुछ नहीं दिया है। अखिलेश ने चुनाव आयोग से मांग कि SIR के दौरान जान गंवाने वाले BLO के आश्रितों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। समाजवादी पार्टी ऐसे मृतकों के परिजन को 2 लाख रुपए मुआवजा देगी।

इससे पहले भी होर्डिंग लगे

लखनऊ में होर्डिंग लगाकर पॉलिटिकल सवाल उठाना पहला मामला नहीं है। करीब 5 महीने पहले सपा दफ्तर के बाहर सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव (अमेठी) ने होर्डिंग लगवा दिया था। होर्डिंग में लिखा था- “ये कैसा रामराज्य? बंद करो पाठशाला, खोलो मधुशाला!” यह हमला सरकारी स्कूलों के मर्जर को लेकर था, जिसे विपक्ष गरीब बच्चों के शिक्षा अधिकार पर हमला बता रहा है।

यह होर्डिंग सपा कार्यालय के बाहर लगवाया गया था। (फाइल)
यह होर्डिंग सपा कार्यालय के बाहर लगवाया गया था।

सीएम आवास के पास जवाबी होर्डिंग

सपा के होर्डिंग के बाद सीएम आवास के पास जवाबी होर्डिंग लगाया गया था। उसमें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए लिखा गया चश्मा हटाइए अखिलेशजी, टोपी मत पहनाइए। इसके साथ ही योगी सरकार के आठ सालों की शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों का विस्तार से जिक्र किया गया।

इस पोस्टर के जवाब में मुख्यमंत्री आवास के पास जो होर्डिंग लगाई गई उसमें 2017 के बाद शिक्षा में हुए सुधारों की झलक दी गई। होर्डिंग में लिखा है- ज्यों-ज्यों बढ़ते गए वर्ष, स्कूलों का होता गया उत्कर्ष। नीचे योगी सरकार की 8 वर्षों की उपलब्धियों का ब्योरा दिया गया।

मुख्यमंत्री आवास के पास सपा के जवाब में यह होर्डिंग लगाया गया था। इसमें सरकारी स्कूलों के उत्कर्ष की बात प्वाइंट वाइज लिखी गई। (फाइल)
मुख्यमंत्री आवास के पास सपा के जवाब में यह होर्डिंग लगाया गया था। इसमें सरकारी स्कूलों के उत्कर्ष की बात प्वाइंट वाइज लिखी गई।

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