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‘भाजपा सरकार पैसों के लालच में’
सोशल मीडिया पर साझा किए गए पोस्ट में अखिलेश यादव ने साफ शब्दों में कहा कि जनेश्वर मिश्र पार्क जनता की सुविधा के लिए बनाया गया है और इसे उसी मकसद के लिए उपलब्ध रहना चाहिए। उन्होंने चेताया कि भाजपा सरकार पैसों के लालच में लखनऊ के इस हरित-हृदय को इवेंटबाजी का केंद्र बना रही है, जो शहर की स्वच्छ हवा और हरियाली के अधिकार के खिलाफ है।

‘राजनीतिक’ नहीं, नागरिक आंदोलन बनाने की रणनीति
अखिलेश यादव ने पोस्ट में यह भी लिखा कि अगर इस मुद्दे पर एकतरफा राजनीतिक विरोध हुआ तो सरकार इसे राजनीतिक आंदोलन बताकर अपने हित साध लेगी। इसलिए उन्होंने इसे नागरिक आंदोलन की शक्ल देने का आह्वान किया है। उन्होंने हर लखनऊ वासी, पर्यावरण प्रेमी, बुजुर्गों, परिवारों और हेल्थ-फिटनेस के प्रति सजग युवाओं से आगे आने की अपील की है।
भविष्य को लेकर जताई चिंता
सपा प्रमुख ने आशंका जताई कि जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजनों की अनुमति सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने लिखा कि आज एक पार्क इसका शिकार हो रहा है, कल को लखनऊ और उत्तर प्रदेश के हर मोहल्ले और कॉलोनी के पार्कों पर भाजपाई ठेकेदारों का कब्जा हो जाएगा। ऐसे आयोजनों के बाद स्थानीय लोगों के हिस्से सिर्फ कूड़ा-करकट, गंदगी और दुर्गंध ही बचेगी।

स्वच्छ हवा और सांस का सवाल
अपने संदेश में अखिलेश यादव ने इसे स्वास्थ्य और पर्यावरण से जोड़ते हुए कहा कि अगर समय रहते लखनऊवासी नहीं जागे, तो आने वाले समय में यहां सांस लेना दूभर हो जाएगा। पोस्ट में उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए लिखा-भाजपा पार्क को पार्किंग न बनाए
नारे के साथ सियासी संदेश पोस्ट के अंत में अखिलेश यादव ने तीखा राजनीतिक संदेश देते हुए लिखा “भाजपा जाए तो सांस आए!”।

