
KGMU में धर्मांतरण मामले को लेकर चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन ने पड़ताल शुरू कर दिया है।
KGMU में धर्मांतरण मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल ने जोरदार प्रदर्शन किया। बजरंग दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता KGMU के गेट पर जुटे। हाथ में बैनर-पोस्टर लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। इसके बाद पैदल मार्च करके कार्यकर्ता कुलपति कार्यालय के सामने जुटे। यहां पर भी जमकर नारेबाजी हुई। यहां कार्यकर्ताओं ने बैठकर धरना देना शुरू कर दिया।इसके बाद मौके पर पहुंचे KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने किसी तरह प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई का भरोसा देकर मनाने का प्रयास किया, पर कार्यकर्ता कुलपति से मिलने पर अड़े रहे। और फिर सभी कार्यकर्ताओं को ब्राउन हॉल ले जाया गया, जहां कुलपति से उनकी भेंट हुई और फिर उनके आश्वासन पर धरना और प्रदर्शन खत्म हुआ।
विशाखा कमेटी ने शुरू की जांच
वहीं, दूसरी तरफ KGMU कैंपस में सोमवार को काफी देर टालमटोल के बाद आखिरकार दोपहर बाद आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर पहुंचा। विशाखा कमेटी के सामने उसने खुद की बेगुनाही के तर्क दिए। उसके साथ में पिता भी मौजूद रहे। वहीं, पीड़ित रेजिडेंट ने भी जांच कमेटी के सामने अपना पक्ष रखा। उसने शुरू से अंत तक बात रखी और कई संगीन आरोप लगाए। पीड़िता का कहना था कि विभाग के कई साथी रेजिडेंट डॉक्टर भी मामले की सच्चाई जानते हैं। जांच टीम ने कई राउंड दोनों पक्षों से बात की।
दरअसल, KGMU की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर के पिता ने मुस्लिम रेजिडेंट डॉक्टर पर बेटी का धर्मांतरण कराने के प्रयास का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग के पास भेजी है। पीड़िता के पिता का यह भी कहना है कि आरोपी ने उनकी बेटी से शादी करने से पहले धर्म बदलने का दबाव बनाया। मना करने पर भी परेशान करने लगा। इससे आजिज आकर बेटी ने आत्महत्या का प्रयास किया। आरोपी ने फरवरी में एक अन्य लड़की का धर्म बदलवाकर उससे शादी कर चुका है।



KGMU कैंपस में भी तो छांगुर बाबा नहीं पल रहा है
विश्व हिंदू परिषद के समरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा- हमारे प्रदर्शन से मरीजों को कोई परेशानी नहीं हो रही है। हमारी मांग सिर्फ ऐसे दुष्ट प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ एक्शन लेने को लेकर है। जो एक हिंदू लड़की को फंसा कर, धर्म परिवर्तन करवाकर उससे शादी करता है। उससे भी उसका मन नहीं भरता तो फिर दूसरी छात्रा के साथ भी यही काम करता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन यह कहकर हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठ सकता है कि उसके पास कोई शिकायत नहीं आई है। उसको स्वतः संज्ञान लेना होगा और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करनी होगी।
उन्होंने कहा- यह देखना होगा कि KGMU कैंपस में भी तो कोई छांगुर बाबा (धर्मांतरण गिरोह का सरगना) नहीं पल रहा है। मुझे यह बताने की जरूरत नहीं है कि दिल्ली में जो विस्फोट हुआ था किस कौम के डॉक्टरों की संलिप्तता रही है। बावजूद इसके ऐसे मामलों में लापरवाही भरा रवैया अपनाया जा रहा है। ठोस कार्रवाई होने तक बजरंग दल प्रदर्शन करेगा।

और बड़ा प्रदर्शन करेंगे
बजरंग दल के जिला संयोजक दीपक साहू ने बताया कि KGMU में ये लव जिहाद का मामला है। चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन ने यदि ठोस कार्रवाई नहीं की तो हजारों की संख्या में कार्यकर्ता जुटेंगे। इससे बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। हम सिर्फ आश्वासन से नहीं मानेंगे, दोषी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की सहमति बनी
प्रदर्शनकारी गेट नंबर 2 से परिसर में पहुंच गए। अंदर उनकी कुलपति से वार्ता हुई। वार्ता के बाद आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर के खिलाफ एक्शन को लेकर बनी सहमति। कुलपति ने कहा कि आरोपी को दोपहर 2 बजे तक जांच टीम के समक्ष पेश होने को कहा गया है, यदि वो सामने नहीं आता है तो उसके खिलाफ शाम तक कार्रवाई होगी।

KGMU कैंपस को मुर्शिदाबाद बनने नहीं देंगे
बजरंग दल के प्रांतीय संगठन मंत्री विजय प्रताप ने कहा- मेन मुद्दा तो धर्मांतरण और लव जिहाद का है। KGMU के पैथोलॉजी और बायो केमिस्ट्री डिपार्टमेंट में जिस तरह से एक नेक्सस काम कर रहा है। हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसा कर धर्मांतरण करा रहा है। ये नहीं होने दिया जाएगा।
कैंपस के अंदर जो ठेकेदारी चल रही है, उसमें भी एक वर्ग विशेष के लोगों को ही तवज्जो दी जा रही है। ये ठीक बात नहीं है। यहां तक की कैंपस के अंदर संविदा या आउटसोर्स पर होने वाली नियुक्ति में भी एक ही वर्ग को वरीयता दी जा रही है।
ये बताना चाह रहा हूं कि ये बंगाल का मुर्शिदाबाद नहीं है, ये उत्तर प्रदेश है। KGMU लखनऊ में है। हम इसे मुर्शिदाबाद नहीं बनने देंगे। कुलपति ने हमें भरोसा दिया है कि हम कार्रवाई करेंगे और जब तक दोषी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती हम शांत नहीं बैठेंगे।
विजय प्रताप ने कहा- न्याय दिलाने के लिए विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल पीड़िता के साथ है।
KGMU प्रशासन ने शुरू की जांच
KGMU प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि फिलहाल कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। बावजूद इसके KGMU प्रशासन ने अपने स्तर पर छानबीन शुरू की है। शिकायत मिलने पर समिति बनाकर जांच शुरू की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित रेजिडेंट डॉक्टर कोलकाता की है। वहीं आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर उत्तराखंड का है। आरोप ये भी है कि पुरुष रेजिडेंट की पहले ही शादी हो चुकी है। KGMU को दिये एफिडेविट में उसने अनमैरिड होने की जानकारी दी है। सोमवार को दोनों के परिवारों को बुलाया गया है।

हरकत में आईं खुफिया एजेंसियां
रेजिडेंट डॉक्टर के धर्मांतरण के प्रयास और पूर्व में एक अन्य डॉक्टर का धर्मांतरण होने के मामले में खुफिया एजेंसियां भी हरकत में आ गई हैं। इनका पहला लक्ष्य धर्मांतरण के पुराने मामले की सच्चाई जांचनी है। खुफिया एजेंसियों ने आरोपी और पीड़ित रेजिडेंट डॉक्टर का ब्योरा जुटाया है।

