KGMU लव जिहाद आरोपी डॉ. रमीज के आतंकी कनेक्शन:दिल्ली बम धमाके के आरोपी डॉ. परवेज से तार, बनाया था इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप

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किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) लव जिहाद और धर्मांतरण के तार दिल्ली बम धमाके से जुड़ रहे हैं। इस मामले के आरोपी डॉ. रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज मलिक के कनेक्शन दिल्ली बम धमाके की मुख्य आरोपी डॉ. शाहीन के भाई सहआरोपी डॉ. परवेज से मिले हैं। STF ने इस दिशा में अपनी जांच तेज कर दी है।

इसी सिलसिले में STF की टीम मंगलवार को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंची थी। वहां जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों से जुड़ा 13 साल का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। डॉ. रमीज और डॉ. परवेज ने इसी कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। इस वजह से STF का यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दूसरी तरफ, STF ने लखनऊ पुलिस से अब तक की जांच की पूरी जानकारी मांगी है। इस मामले की जांच धर्मांतरण के बहुचर्चित मामले छांगुर बाबा प्रकरण की जांच करने वाले STF के डिप्टी एसपी प्रमेश शुक्ला कर रहे हैं।

डॉ. रमीज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
डॉ. रमीज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

13 साल के रेजिडेंट डॉक्टरों का रिकॉर्ड खंगालेगी STF

STF की स्थानीय यूनिट के इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा और हेड कॉन्स्टेबल अंकित गुप्ता मंगलवार दोपहर एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा पहुंचे। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता से वर्ष 2012 से अब तक के सभी जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का विस्तृत विवरण मांगा है। एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, रिकॉर्ड मिलने के बाद डॉ. रमीज की पूरी कुंडली तैयार की जाएगी, ताकि उसके संपर्कों, गतिविधियों और संभावित नेटवर्क की पहचान की जा सके।

जूनियर छात्रों के साथ हॉस्टल में रहता था

जांच में सामने आया है कि डॉ. रमीज ने वर्ष 2012 में एसएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस में प्रवेश लिया था और 2018 तक पढ़ाई की। वह वर्ष 2013 से 2018 के बीच हॉस्टल में रहा। पीजी में चयन न होने के बावजूद वह जूनियर छात्रों के साथ हॉस्टल में ही रह रहा था। एसटीएफ इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इस दौरान उसका किन-किन छात्रों से संपर्क रहा और उसका प्रभाव किस स्तर तक था।

डॉ. रमीज के मां-बाप भी गिरफ्तार हो चुके हैं।

डॉ. परवेज से कनेक्शन और इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप

एसटीएफ की जांच में एक अहम कड़ी डॉ. परवेज से जुड़कर सामने आई है। जिस वर्ष डॉ. रमीज ने एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था, उसी वर्ष दिल्ली बम धमाके के मामले में गिरफ्तार डॉ. परवेज ने यहां एमडी में दाखिला लिया था।

आरोप है कि दोनों ने मिलकर मेडिकल कॉलेज में ‘इस्लामिक मेडिकोज’ नाम से एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया और इसके जरिए मुस्लिम छात्रों को संगठित करने के साथ टॉपर छात्राओं को फंसाकर मतांतरण की साजिश रची।

डॉ. परवेज की है। दिल्ली बम धमाके के आरोप में यह गिरफ्तार हो चुका है।

एसटीएफ के डीएसपी प्रमेश शुक्ला को जांच की कमान

केजीएमयू लव जिहाद और मतांतरण मामले की जांच एसटीएफ के डिप्टी एसपी प्रमेश शुक्ला को सौंपी गई है। इससे पहले बलरामपुर में छांगुर के साम्राज्य को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभा चुके प्रमेश शुक्ला के नेतृत्व में टीम अब डॉ. रमीज के पूरे नेटवर्क की तह तक जाने में जुटी है। एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में उसके करीबियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

छांगुर बाबा धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है।
छांगुर बाबा धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है।

फरारी के दौरान संदिग्ध फंडिंग की जांच

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि फरारी के दौरान डॉ. रमीज दिल्ली, उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी समेत कई स्थानों पर होटलों और परिचितों के यहां रुका था। इस दौरान उसके बैंक खातों में लाखों रुपए का लेन-देन हुआ। तफ्तीश में सामने आया है कि उसने एक युवक के खाते में पांच से सात लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। एसटीएफ जल्द ही खाता धारक से पूछताछ करेगी और यह भी जांच की जा रही है कि डॉ. रमीज को यह फंडिंग कहां से और किस मकसद से मिली?

आगरा से लखनऊ तक सक्रिय हुई एसटीएफ

केजीएमयू मामले की जांच मिलने के बाद एसटीएफ की गतिविधियां आगरा से लेकर लखनऊ तक तेज हो गई हैं। कॉलेज रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य, बैंक ट्रांजैक्शन और पुराने संपर्कों को जोड़कर एसटीएफ एक-एक कड़ी को खंगाल रही है। अधिकारियों का दावा है कि जांच के अगले चरण में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े बड़े खुलासे हो सकते हैं।

केजीएमयू में धर्मांतरण को लेकर डॉक्टरों और हिंदू संगठनों ने कई बार प्रदर्शन किया है।
केजीएमयू में धर्मांतरण को लेकर डॉक्टरों और हिंदू संगठनों ने कई बार प्रदर्शन किया है।

पीड़ित महिला डॉक्टर ने सुसाइड की कोशिश की, तब सामने आया मामला

पीड़ित महिला डॉक्टर KGMU से एमडी पैथालॉजी की पढ़ाई कर रही है। 17 दिसंबर को उसने दवा की ओवरडोज लेकर सुसाइड की कोशिश की। उसे गंभीर हालत में KGMU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। 19 दिसंबर को उसे डिस्चार्ज किया गया।

पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि KGMU से एमडी पैथालॉजी की पढ़ाई कर रहे डॉ. रमीज ने बेटी को लव जिहाद में फंसाया। उस पर शादी करने के लिए इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। जबकि, वह पहले से शादीशुदा है। फरवरी में वह हिंदू लड़की का धर्मांतरण कराकर उससे शादी कर चुका है।

राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पीड़िता को मदद का आश्वासन दिया था।
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पीड़िता को मदद का आश्वासन दिया था।

मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग में शिकायत की

पीड़ित के पिता ने मामले की राज्य महिला आयोग और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी। इसके बाद 22 दिसंबर को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पीड़ित के साथ प्रेस वार्ता करके कार्रवाई का आश्वासन दिया।

24 दिसंबर को विशाखा कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद KGMU प्रशासन ने डॉ. रमीज को सस्पेंड करके परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दिया। आरोपी के खिलाफ के FIR भी दर्ज हो गई। 26 दिसंबर को कुलपति ने KGMU में कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनाई। आरोपी डॉ. के मां-बाप की संलिप्तता पाई गई है। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

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