
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने वर्ष 2020 के पुलस्त तिवारी कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों और पुलिस अधिकारियों को तलब किया है।
न्यायालय ने पुलिस महानिरीक्षक, स्थापना को आदेश दिया है कि वे सभी संबंधित पुलिसकर्मियों की 19 जनवरी को कोर्ट के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित करें। मामले की अगली सुनवाई भी इसी दिन होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकलपीठ ने पुलस्त तिवारी की मां मंजुला तिवारी की याचिका पर दिया है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि 9 अगस्त 2020 को निरीक्षक महेश दूबे और सिपाही मोहित सोनी पुलस्त को इंदिरानगर स्थित उसके आवास से ले गए थे। अगले दिन उसे फर्जी मुठभेड़ में पैर में गोली मारकर पुलिस टीम पर हमला करने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। याचिकाकर्ता ने पुलस्त को घर से ले जाने के वीडियो और ऑडियो साक्ष्य होने का दावा किया है।
इस मामले में निचली अदालत के आदेश पर आशियाना थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाकर मामले को बंद कर दिया था, जिसे निचली अदालत ने स्वीकार कर लिया था। याचिका में मुठभेड़ के फर्जी होने के स्पष्ट साक्ष्य मौजूद होने का दावा किया गया है। इसी आधार पर न्यायालय ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कृष्णा नगर महेश दूबे, प्रभारी निरीक्षक आशियाना संजय राय, हेड कांस्टेबल समीर जावेद खान व सगीर खान तथा सिपाहियों मोहित सोनी, बलवंत कुमार, सौरभ कुमार व राकेश सिंह को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है।

