
स्थानीय पार्षद ममता रावत के पति गौतम रावत भू-माफिया हैं। उन्होंने प्रॉपर्टी डीलर टी एस मनराल के साथ मिलकर अवैध रूप से सरकारी जमीनों को बेंच दिया है। मैंने सीएम योगी से मुलाकात कर भरवारा गंगोत्री विहार में अवैध प्रॉपर्टी डीलर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आरोप है- भू-माफिया पार्षद पति के गोमती नगर में एमजी ग्रैंड होटल और ममता पैलेस नाम से अवैध प्रॉपर्टी हैं। मौके पर नगर आयुक्त गौरव कुमार के नहीं होने से विधायक वापस लौट गए।

प्लाट के आसपास नाला नहीं
विधायक बेदी राम ने कहा- अगर कब्जा किया होता तो मुद्दा विधानसभा में नहीं उठाता। मेरा 1034 नंबर प्लाट है। मैंने जो लॉन बनाया है, उसे गरीब असहाय को कल्याण के लिए देता हूं। जिसको शादी करने की जगह नहीं है, उसको फ्री में देता हूं।
नगर निगम नहीं बदनाम कर रहा है। सपा के पार्षद ऐसा कर रहे हैं। स्थानीय भाजपा विधायक योगेश शुक्ला के मौके पर जाने पर उन्होंने कहा कि उनसे बात की गई। उन्हें गलत बताया गया था।
महिला पार्षद को नहीं दी गाली
विधायक का कहना है कि मौके पर चेक (चकरोट) मार्ग है। वह दुरुस्त है। महिला पार्षद को गाली देने पर विधायक बेदी राम ने कहाि- चेक किया जाए कि वीडियो किसने डाली थी? किसको फोन किया गया था? जहां तक वीडियो की बात है। वह मेरा नहीं है।
विधायक ने कहा- विधानसभा में उठाया मामला
विधायक ने कहा- उनकी तरफ से किसी भी नाले को नहीं कब्जाया गया है। सरकारी नाला कहीं और से है। न कि उनके मैरिज लॉन के बगल से। मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की है। पूरे घटनाक्रम की जानकारी सीएम को दी है। विपक्षी दल की पार्षद ममता रावत के पति बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं।
जमीन पर अतिक्रमण, नाले को बदलने कथित भू-माफिया, प्रापर्टी डीलर का मुद्दा विधान सभा नियम 51 के तहत जनता के समर्थन में उठा चुके हैं। लखनऊ के भरवारा क्षेत्र में गोमती नगर विस्तार, गंगोत्री विहार कालोनी फेस-1 में नाला, तालाब की जानकारी पर शासन को ध्यान दिलाने का मुद्दा उठाया था।
विधायक ने कहा- नगर निगम और LDA द्वारा की गई जांच और विभागीय पत्राचार से यह स्वीकार किया गया है कि कई स्थानों पर नाले की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है।
LDA-नगर निगम की रिपोर्ट में मिला अवैध कब्जा
विधायक ने कहा- नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा की गई जांच और विभागीय पत्राचार से यह स्वीकार किया गया है कि कई स्थानों पर नाले की जमीन पर अतिक्रमण किया गया। प्राकृतिक जल निकासी बाधित की गई है। जबकि कुछ मामलों में केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता निभाई गई है। प्रभावी सुधारात्मक कार्यवाही अब तक सुनिश्चित नहीं हो सकी है।
विधायक ने सीएम से शिकायत की, मुख्य मांग
- राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त जांच समिति का गठन कराकर नाला, तालाब, सरकारी भूमि की खरीद और बेंच की जांच कराई जाए।
- जहां व्यवहारिक रूप से संभव हो, वहां मूल नालों और जल निकासी व्यवस्था को पुर्नस्थापित कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं।
- दोषी पाए जाने वाले भू-माफियों, प्रापर्टी डीलर और अन्य निजी व्यक्तियों के विरूद्ध विधिक कार्यवाही सुनिश्चित कराने की कृपा करें।
- नगर निगम, LDA और राजस्व विभाग के उन अधिकारियों का उत्तरदायित्व तय कराने के आदेश देने की कृपा करें।
- विरोधी पार्टी, भू-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों के सांठ-गांठ तथा दुष्प्रचार अथवा प्रति शोधात्मक कार्यवाही से संरक्षण प्रदान कराए जाने के सम्बन्ध में उचित कार्यवाही करने और पूर्व में जल निकासी के लिए तैयार किए गए नक्शे के अनुसार काम किया जाए ।
गोमतीनगर के भरवारा के गंगोत्री विहार फेज-टू में नाले पर अवैध कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है। यहां सुभाषपा विधायक बेदीराम का मैरिज हॉल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विधायक ने नाले की जमीन पर कब्जा कर रखा है।
6 फरवरी को बेदीराम का एक वीडियो सामने आया था। आरोप है कि इस वीडियो में विधायक फोन पर लेखपाल कौशल को डांट-फटकार रहे हैं। कह रहे हैं कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई, वहां जाने की? नौकरी करना मुश्किल कर दूंगा।

इस पर जब लेखपाल स्थानीय महिला पार्षद ममता चौधरी के कहने पर कार्रवाई की बात कहते हैं तो विधायक महिला पार्षद को भी गालियां देते हैं। लेखपाल कौशल ने पुलिस से शिकायत कर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही थी।
वहीं, विधायक बेदीराम ने सभी आरोपों को नकारा था। उनका कहना है कि हमने अपने बच्चों से बात की थी। नगर आयुक्त ने कार्रवाई रुकवाई थी, हमने नहीं।

