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अंतराष्ट्रीय

बाराबंकी में माफिया मुख्तार अंसारी के शूटर शोएब किदवई उर्फ बॉबी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह 50 साल का था।

By admin · February 13, 2026 · 1 min read

बाराबंकी में माफिया मुख्तार अंसारी के शूटर शोएब किदवई उर्फ बॉबी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह 50 साल का था। वारदात शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे हुई, जब वह कार से लखनऊ से बाराबंकी जा रहा था।

हाईवे से 100 मीटर आगे बढ़ते ही दो बाइक सवार बदमाश आ गए। जब तक शोएब कुछ समझ पाता, उसकी कार पर पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शोएब पर 15 से ज्यादा गोलियां चलाई गईं। वारदात के बाद हमलावर अयोध्या की तरफ फरार हो गए।

सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल पहुंची और शोएब को अस्पताल ले आई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात कोतवाली क्षेत्र के लखनऊ–अयोध्या हाईवे पर असेनी मोड़ के पास हुई। कार पर जगह-जगह बुलेट के निशान हैं।

पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है। फॉरेंसिक टीम मौके से साक्ष्य जुटाया है। हत्याकांड की सूचना पर IG प्रवीण कुमार, डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे। बॉबी पर हत्या, रंगदारी और गैंगवार से जुड़े 12 मुकदमे दर्ज थे। सूत्रों के मुताबिक, मुख्तार की मौत के बाद गैंग के भीतर वर्चस्व की लड़ाई और आपसी रंजिश चल रही थी।

शोएब वकील भी था। करीब 15 साल से कचहरी में वकालत कर रहा था। हत्या के विरोध में वकीलों ने पहले जिला अस्पताल में हंगामा किया। काफी देर तक जिला अस्पताल में हंगामा करने के बाद वकीलों ने बस अड्‌डे के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। हंगामा बढ़ता देख एसपी ने वकीलों के प्रतिनिधिमंडल को कार्यालय बुलवाकर समझाया। वकीलों ने प्रार्थना पत्र देकर 48 घंटे में बॉबी के हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की।

शोएब पर बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की। 15 से ज्यादा गोलियां चलाई गईं। शोएब खुद कार ड्राइवर कर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ।
शोएब पर बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की। 15 से ज्यादा गोलियां चलाई गईं। शोएब खुद कार ड्राइवर कर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ।
हमलावरों को पता था कि शोएब ही कार चला रहा है, इसलिए ड्राइविंग सीट की तरफ अंधाधुंध फायरिंग की।
हमलावरों को पता था कि शोएब ही कार चला रहा है, इसलिए ड्राइविंग सीट की तरफ अंधाधुंध फायरिंग की।
कार के अलावा फ्लाईओवर की दीवारों पर भी बुलेट के निशान मिले हैं।
कार के अलावा फ्लाईओवर की दीवारों पर भी बुलेट के निशान मिले हैं।
पुलिस के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। क्राइम स्पॉट को सील कर दिया गया है।
पुलिस के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। क्राइम स्पॉट को सील कर दिया गया है।
वकीलों ने बस अड्‌डे के सामने जाम लगाकर हंगामा किया।
वकीलों ने बस अड्‌डे के सामने जाम लगाकर हंगामा किया।

शोएब का एक भाई इंग्लैंड में रहता है

शोएब का बाराबंकी में सिविल लाइन में मकान है। वह तीन भाईयों में दूसरे नंबर का था। परिवार में पत्नी शाजिया खान और 15 साल का बेटा अरमान किदवई है। अरमान लखनऊ के एक स्कूल में 9वीं क्लास का स्टूडेंट है। उसकी ससुराल लखनऊ के मलिहाबाद में है और गोमती नगर में भी एक मकान है।

बड़े भाई जावेद बाराबंकी में वकील हैं। छोटा भाई सोहेल किदवई इंग्लैंड में रहता है। एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। शोएब शूटर होने के साथ वकालत भी करता था। राजनीति में भी सक्रिय था। वह बाराबंकी के बंकी ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख का निर्दलीय चुनाव लड़ चुका था। लेकिन हार गया था। मुख्तार गैंग के लिए जमीन कब्जाने, ठेकेदारी में दखल देने और विरोधियों को ठिकाने लगाने में उसकी अहम भूमिका रहती थी।

शोएब किदवई उर्फ बॉबी मुख्तार अंसारी का शूटर था। वह बाराबंकी कचेहरी में वकील भी था। लखनऊ से बाराबंकी जा रहा था, तभी उसे गोलियां मारी गईं।
शोएब किदवई उर्फ बॉबी मुख्तार अंसारी का शूटर था। वह बाराबंकी कचेहरी में वकील भी था। लखनऊ से बाराबंकी जा रहा था, तभी उसे गोलियां मारी गईं।

लखनऊ से निकलते ही रेकी हुई

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शोएब लखनऊ से बाराबंकी आ रहा था। लखनऊ से निकलते ही उसकी रेकी शुरू हो गई। हाईवे पर तेज रफ्तार कार पर बदमाश हमला नहीं कर सके। जैसे ही बॉबी ने गाड़ी सर्विस लेन पर उतारी और रफ्तार कम हुई तो हमलावारों ने मौका पाकर वारदात को अंजाम दिया।

जावेद किदवई अपने भाई शोएब की हत्या पर फफककर रो पड़े। साथी वकीलों ने उन्हें ढांढस बंधाया।
जावेद किदवई अपने भाई शोएब की हत्या पर फफककर रो पड़े। साथी वकीलों ने उन्हें ढांढस बंधाया।

प्रत्यक्षदर्शी बोला- एक ने सामने से, दूसरे ने पास जाकर मारी गोली

एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, शोएब अपनी बलेनो कार से जैसे ही अयोध्या हाईवे से उतरकर बाराबंकी जाने के लिए सर्विस लेन पर आए। उनका पीछा कर रहे बाइक सवार दो हमलावर बगल से निकलकर सामने आए।

जब तक शोएब कुछ समझ पाते, तब तक एक ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। दूसरा हमलावर कार की ड्राइविंग सीट वाले गेट के पास पहुंचा, उसने पास जाकर कई गोलियां मारीं। दो मिनट में पूरे हत्याकांड को अंजाम देकर हमलावर फुल स्पीड में बाइक भगाकर अयोध्या की तरफ भाग गए।

वारदात के दौरान तीन गोलियां कार के फ्रंट वाले शीशे पर लगी हैं, एक गोली बोनट और एक गोली का निशान ड्राइविंग सीट वाले गेट पर भी लगी है।

कार की ड्राइविंग शीट वाली विंडो का शीशा टूटा था, अंदर कांच के टुकडे़े पड़े मिले।
कार की ड्राइविंग शीट वाली विंडो का शीशा टूटा था, अंदर कांच के टुकडे़े पड़े मिले।
एक गोली बलेनो कार के बोनट को चीरती हुई अंदर घुस गई, जबकि बाकी गोलियां शीशे पर लगीं।
एक गोली बलेनो कार के बोनट को चीरती हुई अंदर घुस गई, जबकि बाकी गोलियां शीशे पर लगीं।
शोएब के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
शोएब के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।

शोएब पर मुख्तार को बुलेटप्रूफ एंबुलेंस दिलाने का भी लगा था आरोप

बॉबी मुख्तार के गैंग IS 191 का सदस्य था। मुख्तार अंसारी की 28 मार्च 2024 को बांदा जेल में हार्ट अटैक से मौत हुई थी। इससे पहले वह पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था। पंजाब की मोहाली कोर्ट में पुलिस ने बाराबंकी नंबर (UP 41 AT 7171) की एम्बुलेंस से लाकर मुख्तार को पेश किया था।

एम्बुलेंस प्रकरण सामने आने के बाद पूर्व ADG बृजलाल ने बताया था- अंसारी जब यूपी विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने आता था, तब यह एम्बुलेंस भी आती थी। पंजाब की रोपड़ जेल के बाहर भी यही एंबुलेंस खड़ी रहती थी।

इसके बाद एम्बुलेंस रूपनगर जिले में रोपड़ जेल से 15 किमी दूर चंडीगढ़-नांगल हाइवे पर एक सड़क के किनारे ढाबे के पास लावारिस हालत में मिली थी। एम्बुलेंस में लग्जरी सुविधाएं थीं। वह बुलेटप्रूफ थी।

बाराबंकी परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने दस्तावेजों की पड़ताल की। इसमें पाया गया कि परिवहन विभाग में मऊ स्थित श्याम संजीवनी हॉस्पिटल का लेटर और डॉक्टर अलका राय का वोटर कार्ड लगाया गया था। लेकिन, रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट व मकान का पता फर्जी पाया गया।

तस्वीर 2013 की है। मुख्तार पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था। तब वह इसी एम्बुलेंस का इस्तेमाल करता था।
तस्वीर 2013 की है। मुख्तार पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था। तब वह इसी एम्बुलेंस का इस्तेमाल करता था।

इस केस में बाराबंकी के ARTO ने डॉक्टर अलका राय के नाम नगर कोतवाली में IPC की धारा 419, 420, 467, 468 और 471 की धाराओं में दर्ज कराया। तब आरोप था कि शोएब ने मुख्तार अंसारी को बाराबंकी में जाली दस्तावेजों का प्रयोग कर एम्बुलेंस रजिस्टर करने में मदद की थी।

जेल अधीक्षक हत्याकांड से सुर्खियों में आया था शोएब

यह जेलर रमाकांत तिवारी की तस्वीर है। इनकी हत्या 1999 में कर दी गई थी। शूटर शोएब बॉबी जेलर हत्याकांड में आरोपी था।
यह जेलर रमाकांत तिवारी की तस्वीर है। इनकी हत्या 1999 में कर दी गई थी। शूटर शोएब बॉबी जेलर हत्याकांड में आरोपी था।

शोएब बॉबी का नाम चर्चित जेल अधीक्षक रमाकांत तिवारी हत्याकांड में सामने आया था। रमाकांत तिवारी की हत्या चार फरवरी 1999 को की गई थी। वह तत्कालीन लखनऊ डीएम सदाकांत के आवास से बैठक कर शाम सात बजे लौट रहे थे।

राजभवन के पास पहुंचते ही बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस हत्याकांड में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी, सपा के बागी विधायक अभय सिंह, चंदन नेगी, बउवा तिवारी समेत दर्जन भर से अधिक लोग नामजद हुए थे।

चंदन नेगी की लखनऊ में 16 फरवरी 2002 को हत्या कर दी गई थी। इसके बाद बउवा तिवारी 13 मार्च, 2002 को पुलिस एनकाउंटर में कुकरैल के पास मारा गया था। बाकी आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया था।

हिस्ट्रीशीटर रहा, बाराबंकी में 5 केस दर्ज

हत्याकांड पर SP अर्पित विजयवर्गीय ने बताया-

एक से डेढ़ बजे के बीच ये वारदात हुई है। बॉबी अपनी बलेनो कार खुद ही ड्राइव कर रहे थे। तभी हमला हुआ। पुलिस टीम को कार में शोएब मृत मिला। ये हिस्ट्रीशीटर रहा है। बाराबंकी में ही पांच मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल हमलावरों की तलाश में टीमों को लगाया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।

हत्याकांड की बीच मुख्तार के चचेरे भाई ने वापस ली जमानत याचिका

शोएब किदवई की हत्या के बाद माफिया मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई गौस मोहिउद्दीन उर्फ तन्नू ने गुरुवार को गाजीपुर की MP-MLA कोर्ट से अपनी जमानत अर्जी वापस ले ली। कोर्ट में सुनवाई के दौरान उसकी इस मांग पर सभी हैरान रह गए।

माना जा रहा है कि अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकाओं के चलते उसने ऐसा किया है। मुहम्मदाबाद का निवासी गौस मोहिउद्दीन उर्फ तन्नू पर हत्या के एक मामले में 25 हजार रुपये का इनाम था। वह पिछले 2 साल से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे हाल ही में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

ये माफिया मुख्तार अंसारी का चचेरा भाई गौस मोहिउद्दीन उर्फ तन्नू है, आज, शुक्रवार को गाजीपुर कोर्ट में पेशी पर लाया गया था।
ये माफिया मुख्तार अंसारी का चचेरा भाई गौस मोहिउद्दीन उर्फ तन्नू है, आज, शुक्रवार को गाजीपुर कोर्ट में पेशी पर लाया गया था।

तन्नू का नाम 2001 के चर्चित उसरी गैंगवार के गवाह और मनोज राय अपहरण-हत्याकांड में वांछित होने के आरोपों से जुड़ा है। बक्सर निवासी शैलेंद्र राय ने अपने बेटे मनोज राय के अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कराया था। शुक्रवार को जज शक्ति सिंह की कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गौस मोहिउद्दीन के खिलाफ आरोप तय कर दिए। मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी। इसी केस में उसने जमानत अर्जी दाखिल की थी।

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