
दुबग्गा-आउटर रिंग रोड मार्ग पर चौड़ीकरण का काम राष्ट्र प्रेरणा स्थल के उद्घाटन कार्यक्रम से ठीक पहले कराया गया था, ताकि वीआईपी आवागमन और बढ़ते ट्रैफिक को आसान बनाया जा सके। हालांकि अब लोक निर्माण विभाग (PWD) ने आरोप लगाया है कि यह काम बिना विभागीय अनुमति और निर्धारित मानकों के विपरीत कराया गया।
3.6 किमी सड़क, ₹145.36 करोड़ की स्वीकृति
ये सड़क राज्य राजमार्ग-25 (एसएच-25) का हिस्सा है। पीडब्ल्यूडी के मुताबिक 3.600 किलोमीटर हिस्से को फोर-लेन विकसित करने के लिए 145.36 करोड़ रुपए स्वीकृत हैं। आरोप है कि एलडीए ने सड़क के दोनों ओर 2.50 से 3.00 मीटर तक चौड़ीकरण कराया, लेकिन निर्माण की मोटाई और गुणवत्ता तय तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं है। वही इस सड़क के एलडीए ने अपने फंड से 9 करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं।
संयुक्त तकनीकी जांच के आदेश
पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता (मध्य क्षेत्र) ने एलडीए के साथ संयुक्त जांच के लिए कहा था। जिस पर सचिव विवेक श्रीवास्तव ने अधीक्षण अभियंता नवनीत शर्मा को जांच करने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही इस कमेटी में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सत्येंद्र नाथ राजेश कुमार और सहायक अभियंता उपेंद्र पटेल को शामिल किया गया है। कमेटी मौके पर जाकर सड़क की चौड़ाई, मोटाई और गुणवत्ता की जांच करेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

