
बाराबंकी के कई परिवारों के सदस्य जिनमें छात्र और इस्लामिक स्कॉलर्स शामिल हैं, ईरान के कुम शहर में मौजूद हैं। अमरोहा के समाजसेवी और रालोद के वरिष्ठ युवा नेता प्रवीण पोनिया और उनका परिवार भी कतर से ठीक बगल स्थित ओमान में फंसा हुआ है।
इसके अलावा हाथरस के 3 लोग भी दुबई में फंसे हुए हैं। परिवार के लोग बेहद चिंतित हैं और लगातार उनसे फोन पर संपर्क बनाए हुए हैं। वहीं हमले के बाद से कुछ लोगों से संपर्क टूटने की वजह से परिजनों की बेचैनी काफी बढ़ गई है।

बाराबंकी के 7 इस्लामिक स्कॉलर्स और यात्री फंसे
बाराबंकी के 7 लोग भी ईरान के कुम शहर में फंसे हुए हैं। इनमें मौलाना जफर अब्बास उर्फ फैजी, मौलाना आबिद हुसैन काजमी, मौलाना अली मेहदी रिजवी, मौलाना सैयद काशिफ रिज़वी जैदपुरी, फातिमा रबाब, मोहम्मद रजा और मोहम्मद काज़िम, मौलाना फैज बाकरी साहब जौरास और मौलाना अली मेहदी शामिल हैं। इनमें से कुछ इस्लामिक स्कॉलर्स हैं तो कुछ ईरान में रमजान के दौरान घूमने गए हुए थे।
स्थानीय निवासी मौलाना अब्बास मेंहदी सदफ ने बताया- उनके बड़े भाई मौलाना जफर अब्बास फैजी कुम शहर में अध्ययनरत हैं. उन्होंने बताया, हमले के बाद हमारी उनसे बात हुई थी। उन्होंने जानकारी दी कि कुम शहर के बॉर्डर पर हमला हुआ है। हालांकि वहां फिलहाल हालात काबू में हैं और आम जनता सड़कों पर सामान्य रूप से आ-जा रही है।
कई परिजन मस्जिदों में एकत्र होकर अपने प्रियजनों की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से आवश्यकता पड़ने पर उनकी सुरक्षित वापसी के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
अमरोहा- 26 फरवरी को ओमान घूमने गया था परिवार
सादाबाद के युवा समाजसेवी और रालोद के वरिष्ठ युवा नेता प्रवीन पौनिया अपनी पत्नी, बहन और बेटी के साथ 26 फरवरी को ओमान घूमने गए थे। इसी दौरान ईरान पर एयरस्ट्राइक शुरू हो गई। जिसके बाद खाड़ी देशों से कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया गया।
फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण प्रवीण और उनका परिवार भारत नहीं लौट पा रहा है। परिवार के लोगों ने कहा- फिलहाल तो अब तक ओमान पर कोई हमला नहीं हुआ है, पर पड़ोसी देश कतर और बहरीन में एयर स्ट्राइक जारी है। जिसके कारण उनकी चिंता बढ़ गई है।
रमजान में कई लोग ईरान यात्रा पर
बता दें कि इस समय रमजान का पाक महीने चल रहा है। इस दौरान कई लोग ईरान की यात्रा के लिए रवाना हुए हैं। खासकर शिया समुदाय के लोगों के लिए रमजान की तिथियां ईरान से ही जारी होती हैं।

