
लखनऊ के हजरतगंज इलाके में इवेंट ऑर्गेनाइजर को बंधक बनाकर लूट करने वाले पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी काम देने के बहाने मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद बंधक बनाकर घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूट का सामान बरामद किया है।
निशातगंज न्यू हैदराबाद स्थित कलाकांकर कॉलोनी, ईसेंस रेजीडेंसी निवासी रोहित बंसल इवेंट ऑर्गेनाइजर हैं। पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने बताया कि 25 फरवरी को उनके मोबाइल पर अंजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने डेकोरेशन के सिलसिले में मिलने को कहा। गुरुवार शाम हजरतगंज स्थित बोट क्लब के पास पहुंच गए।
बातचीत के बहाने नदी किनारे ले जाकर पीटा
रोहित ने बताया वहां मिले युवक ने बातचीत के लिए उन्हें गोमती नदी किनारे चलने को कहा। वह उसके साथ वहां पहुंच गए, जहां पहले से मौजूद आरोपितों ने उन्हें बंधक बना लिया। आंखों पर पट्टी बांध दी और अंधेरा होने पर मोबाइल की टॉर्च जलाकर चेहरे पर कई वार किए।
आरोपितों ने रोहित की सोने की चेन और पर्स छीन लिया। उनका चश्मा भी तोड़ दिया और मोबाइल की कॉल हिस्ट्री डिलीट कर दी। इसके बाद हजारों रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। रोहित के मुताबिक, वह जान की गुहार लगाते रहे और मौका पाकर आरोपियों के चंगुल से भाग निकले। कैब से रात करीब 10 बजे घर पहुंचे और परिजनों को घटना की जानकारी दी।
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की तलाश में तीन टीमें लगी थीं। इस दौरान सर्विलांस सीसीटीवी की मदद से लक्ष्मण मेला मैदान से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों की पहचान पहली चली रहीमनगर निवासी नुरुद्दीन उर्फ समीर (21) पुत्र मोहम्मद समीर (सब्जी का ठेला), डंडिया बाजार निवासी आयुष यादव (28) पुत्र ओम प्रकाश यादव और रवि राजपूत (19) (दोनों कपड़े की दुकान पर काम), पांडेय टोला अलीगंज निवासी आयुष बाल्मिकी (19) पुत्र राकेश बाल्मिकी (सफाई कर्मी है) और बनारसी टोला अलीगंज निवासी गोपाल सोनी (18) पुत्र चन्द्रभान सोनी के रूप में हुई।
आरोपियों के कब्जे से वादी मुकदमा से लूटा गया पर्स, सोने की चेन तथा रुपये बरामद किया गया। आरोपियों ने बताया कि ग्राइंडर ऐप से आनलाइन ऐसे व्यक्तियों की डिटेल निकालते हैं। इसके बाद दोस्ती कर मिलने के बहाने बुलाते। अन्य साथी जो कि अलग सुनसान स्थान पर पहले से मौजूद रहते थे। उनके पास ले जाते थे। उसके बाद व्यक्तियों को डरा-धमका कर मारपीट कर उसकी सोने की चेन और कीमती चीजें लूट लेते। मोबाइल से पैसे ट्रान्सफर करा लेते थे।

