
युवक ने अपना नाम अमित कुमार बताया। कहा कि वह सिपाही है और पुलिसलाइन में तैनात है। वह सादे कपड़ों में था। सीओ सौरभ श्रीवास्तव ने बताया- ड्यूटी के लिए सादीवर्दी में अमित को लगाया गया था। करणी सेना ने चंद्रशेखर को बाराबंकी न आने की चेतावनी दी थी। इसे देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहले से ही पुलिस और प्रशासन अलर्ट था। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
चंद्रशेखर ने कहा- ईरान के लीडर अयातुल्ला खामेनेई का रिश्ता बाराबंकी की मिट्टी से रहा है। उन्होंने डरने या समझौता करने के बजाय शहादत के रास्ते को चुना। इसी तरह वे भी जुल्म के खिलाफ झुकने वाले नहीं हैं। भाजपा से लोग डरे नहीं, हमारे साथ आएं। हम 2027 में भाजपा की सरकार को उत्तर प्रदेश से उखाड़ फेंकेंगे।

भाईचारे के दम पर सरकार बदलने का भरोसा जताया
आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर रविवार दोपहर 2.30 बजे हैदरगढ़ रोड स्थित बडेल मैदान में पहुंचे। यहां कांशीराम की जयंती और पार्टी के छठें स्थापना दिवस पर उन्होंने कहा- जब तक हम मैदान में नहीं थे, तब तक लोग कहीं भी वोट दे रहे थे, लेकिन अब आजाद समाज पार्टी मजबूती से काम कर रही है।
उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र नगीना का उदाहरण देते हुए कहा, जिस तरह वहां की पांचों विधानसभाओं में भाजपा को धूल चटाई गई, वही इतिहास अब पूरे उत्तर प्रदेश में दोहराया जाएगा। उन्होंने भाईचारे के दम पर सरकार बदलने का भरोसा जताया।

महापुरुष किसी एक जाति या दल के नहीं होते
डॉ. अंबेडकर और कांशीराम साहब को सभी पार्टियों द्वारा अपना बताने के सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा- महापुरुष किसी एक जाति या दल के नहीं होते। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि साल 2006 से 2026 तक आखिर इन पार्टियों को महापुरुषों की याद क्यों नहीं आई।
उन्होंने दावा किया कि जब से ‘आजाद समाज पार्टी’ ने मोर्चा संभाला है, तभी से अन्य दलों में कांशीराम साहब को अपना बताने की होड़ लगी है।

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने करणी सेना की धमकी का जवाब दिया। कहा, वे संघर्ष करने वाले लोग हैं और धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। हम चमड़ा उतारना भी जानते हैं और उसका जूता बनाना भी जानते हैं। समय आने पर उसे सिर पर पटककर मारना भी जानते हैं।
सांसद चंद्रशेखर ने कहा, वे एक संवैधानिक व्यक्ति हैं और संविधान को मानने वाले सज्जन लोग हैं। वे किसी से नहीं डरते, बल्कि भारतीय संविधान के मूल्यों के खिलाफ जाने से डरते हैं।

