भरतपुर में खुशहाल जिन्दगी बसर करेंगे भरथापुर के विस्थापित परिवार।

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136 लाभार्थियों के खातों में पहुंची मुख्यमंत्री आवास की धनराशि

118 हित ग्राहियों के खातों में पहुंची 21 करोड़ 55 लाख 55 हज़ार 851 रूपये की धनराशि।


मुख्यमंत्री के प्रयास से साकार हुआ भरथापुर ग्रामवासियों के विस्थापन का सपना।

 

मिहींपुरवा बहराइच / बुधवार को तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) के ग्राम सेमरहना में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्री कृषि/प्रभारी मंत्री जनपद बहराइच सूर्य प्रताप शाही, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह, विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी, महसी के सुरेश्वर सिंह, बलहा की श्रीमती सरोज सोनकर, सदर की श्रीमती अनुपमा जायसवाल, नानपारा के राम निवास वर्मा, विधान परिषद सदस्य पदमसेन चौधरी व डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, पूर्व सांसद अक्षयवर लाल गोंड, पूर्व सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय, जिलाध्यक्ष अपना दल एस गिरीश पटेल, जिलाध्यक्ष निषाद पार्टी मनोज निषाद व जिलाध्यक्ष सुभासपा महामुनि राजभर के साथ 136 लाभार्थियों के खातों में रू. 1.20 लाख की दर से रू. 01 करोड़ 63 लाख 20 हज़ार की धनराशि तथा आवास के लिए प्रत्येक लाभार्थी को 748 वर्ग फिट के पट्टे तथा पात्रता के अनुसार आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, शौचालय आदि के स्वीकृति पत्र का वितरण किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जनपदवासियों को बसंतीय नवरात्र व रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्री राम के जन्म दिन से ठीक एक दिन पूर्व भरथापुर वासियों के विस्थापन का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने भरथापुर के स्थान पर विकसित होने वाली कालोनी का नाम भरतपुर रखने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे ग्राम सेमरहना व भरथापुर के निवासी इस बात की मिसाल बनेंगे कि भाई से भाई का प्यार कैसा होता है।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को मॉडल के अनुसार ही कालोनी विकसित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए अभियान संचालित कर शारदीय नवरात्रि से पूर्व निर्माण कार्य को पूरा कराया जाय ताकि ग्रामवासियों के गृह प्रवेश की शुभबेला के अवसर पर वह स्वयं भी साक्षी बन सकें। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए धन की कमी आड़े नहीं आयेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुरूह वनों तथा जलीय एवं जंगली जानवरों के बीच जिन्दगी गुज़ार कर बाहर आने वाले लोगों के लिए शिक्षा के साथ-साथ सभी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जाये ताकि इनका परिवार भी तरक्की कर सके।

उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी छः वन ग्रामों टेड़िया, ढकिया, गोकुलपुर, बिछिया, भवानीपुर व महबूबनगर को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया गया है। जिससे निवासरत परिवारों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद बहराइच महर्षि बालार्क की पावन साधना स्थली एवं महाराजा सुहेलदेव के शौर्य एवं पराक्रम की धरा है।

उन्होंने कहा कि ऋषि मुनियों एवं वीर योद्धाओं का शौर्य एवं पराक्रम एक हज़ार वर्ष बाद भी हमसब को नई प्रेरणा प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने सेवा एवं संवेदना के साथ कार्य करते हुए डबल इंजन की सरकार ने नवनिर्माण के 9 वर्ष पूर्ण किये है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार सेवा एवं संवेदना के साथ कार्य करती है तो लोगों के आवास का सपना पूरा होता है, लोगों को आयुष्मान कार्ड, रोज़गार, हाई-वे जैसी सौगात मिलती है तथा ऐसी शान्ति का माहौल होने से देश विदेश के निवेशक निवेश के लिए प्रदेश को तरजीह देते हैं।
इससे पूर्व कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर सांस्कृतिक विभाग के लोक कलाकारों द्वारा पारम्परिक नृत्य के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। जबकि जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने विस्थपित ग्राम के लिए प्रस्तावित ले आउट मॉडल के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की।

कार्यक्रम को मंत्री कृषि/प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पूर्व सांसद अक्षयवर लाल गोंड, एमएलसी डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, विधायक सदर श्रीमती अनुपमा जायसवाल व बलहा की श्रीमती सरोज सोनकर ने सम्बोधित किया। जबकि ग्राम भरथापुरवासी मुन्ना लाल मौर्या ने अपने मन की बात करते हुए अनुभवों को साझा किया तथा संगीता व आरती ने मुख्यमंत्री को हल व धनुष बाण भेंट किया। मुख्यमंत्री ने भरथापुर ग्रामवासियों का कुशल क्षेम जाना, बच्चों को दुलार करते हुए चाकलेट भेंट किया तथा लाभार्थियों के साथ फोटो सेशन में शामिल होने के पश्चात कार्यक्रम स्थल से प्रस्थान किया।

 

उल्लेखनीय है कि ग्राम-भरथापुर नेपाल राष्ट्र के समीप गेरूआ व कौडियाला नदी के बीच में बसा कर्तनियाघाट वन्य अभ्यरण के अन्तर्गत एक राजस्व ग्राम है जहां पर आने-जाने के लिए मात्र नाव ही एक साधन है, प्रायः यहा पर वन्य जीवो जैसे बाघ, हाथी आदि जानवरों द्वारा फसले नष्ट करने के साथ ही छोटे बच्चों, महिलाओं पर हमला किया जाता है। हाथियों द्वारा घरों को उजाड़ दिया जाता है।

 

जीवकोपार्जन की गांव में पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण गांव के 23 व्यक्ति 29 अक्टूबर 2025 को निकटतम स्थानीय बाजार से नाव पर सवार होकर सामान लेने गये थे जिसके उपरान्त वापस आने पर नाव पलटने कि घटना हो गई। जिसके क्रम में एसएसबी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमो द्वारा रेसक्यू करके 14 लोगो की जान बचाई गई तथा दुर्भाग्य से 09 लोगो की मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा जिलाधिकारी, बहराइच को पीडित व्यक्तियों/परिवार को हर सम्भव मदद दिये जाने का निर्देश दिया गया।

 

तदोपरान्त मुख्यमंत्री द्वारा 02 नवम्बर 2025 को घटना स्थल का हवाई सर्वेक्षण करते हुए पीडित परिवारों से मिहींपुरवा में भंेट करके उनका हाल जाना गया। जिस पर ग्रामवासियों द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि ग्राम-भरथापुर में आने-जाने का कोई साधन नहीं है, बच्चों के चिकित्सा, शिक्षा आदि के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है प्रायः जगली जानवरों के हमलों का खतरा बना रहता है। इस पर मुख्यमंत्री द्वारा हर सम्भव मदद दिलाये जाने का आश्वासन देते हुए जिलाधिकारी बहराइच को निर्देश दिया गया कि पीड़ित परिवारों को सभी प्रकार की सरकारी सहायता प्रदान कराते हुए उनको पुर्नस्थापित किये जाने की अतिशीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित कराये।

 

इसी क्रम में भरथापुर वासियों का वन विभाग द्वारा अभ्यारण्यों के अधिसूचित कोर/महत्वपूर्ण बाघ प्राकृत्वास में निवासरत् व्यक्तियों को स्वैच्छिक ग्राम पुनर्वास के हेतु वन स्वीकृत धनराशि से विस्थापित होने वाले 118 हितग्राहियों को 15 लाख प्रति परिवार की दर से एवं उसकी निजी परिसम्पत्तियों यथा-कृषि भूमि, मकान, कुंआ, हैण्ड पम्प एंव वृक्ष आदि के मूल्य के बराबर धनराशि मुआवजे के रूप में लगभग 21,55,55,851.00 (इक्कीस करोड़ पचपन लाख पचपन हजार आठ सौ इक्यावन रूपया) दिया गया है।

नाव हादसे के प्रभावित परिवारों तथा गांव में निवासित अन्य परिवारों को ग्राम पंचायत-सेमरहना में पुर्नः स्थापित करने हेतु 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, प्रत्येक परिवार को शौचालय, आवास निर्माण हेतु भूमि का पट्टा स्वीकृत किया गया है। जिसको कालोनी के रूप में बसाया जाना है।

जिसमें सड़क, ग्रीन बेल्ट, नाली, सीसीमार्ग, एलईडी, स्ट्रीट लाइट, इण्टरलांकिग टाईल्स, वाटर सप्लाई, आदि अवसंरचनात्मक सुविधाओ आदि के साथ कालोनी के ही निकट राशन की व्यवस्था हेतु अन्नपूर्णा भवन का निर्माण, बच्चों की शिक्षा के दृष्टिगत स्थापित प्राथमिक विद्यालय में 01 अतिरिक्त कक्ष एवं आंगनबाड़ी केन्द्र का भी निर्माण की स्वीकृत किया गया है।

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