गोरखपुर के चिलुआताल इलाके में 17 मार्च को भाजपा नेता राजकुमार चौहान की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दो और आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान चिलुआताल के बरगदवा निवासी मनीष यादव और गोरखनाथ क्षेत्र के लच्छीपुर के रहने वाले सचिन यादव के रूप में हुई है। इसमे मनीष यादव लारेंस विश्नोई गैंग के लिए भी काम करता है।
पुलिस के मुताबिक इस घटना में इस्तेमाल किया गया असलहा मनीष यादव ने ही राज चौहान उर्फ निरहू को दिया था। जबकि घटना के बाद हत्या में इस्तेमाल असलहा और चाकू सचिन यादव ने छिपाया था। घटना वाले दिन असलहे से गोली चलाकर दहशत फैलाई गई थी, जबकि हत्या मुर्गा काटने वाले चाकू से की गई थी।
हत्या करने के आरोपी राज चौहान और विपिन यादव के पकड़े जाने के बाद मनीष और सचिन बिहार भाग गए थे। इधर मामला ठंडा होने पर दोनों घर वापस आए थे, तभी दबोच लिए गए। पकड़े जाने पर पता चला कि मनीष यादव लारेंस विश्नोई गैंग के लिए काम करता है। पूछताछ के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों आरोपियों को देर शाम जेल भिजवा दिया।

मनीष यादव पर तीन मुकदमे चिलुआताल, गोरखनाथ और हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद थाने में दर्ज है। जबकि सचिन यादव पर पहला मुकदमा हत्या का दर्ज किया गया है। इससे पहले कोई मुकदमा नहीं था। इनके पास से पुलिस ने 32 बोर की पिस्टल, 2 मैगजीन और मोबाइल बरामद किया है। अभी इस राजकुमार हत्याकांड में 8 आरोपी गिरफ्तार कर जेल भिजवाए जा चुके हैं।

लारेंस विश्नोई गैंग का सदस्य है मनीष यादव
भाजपा नेता राजकुमार चौहान की हत्या में असलहा सप्लाई करने का आरोपी मनीष यादव लारेंस विश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य है। यह गैंग के लिए असलहा सप्लाई करता था। सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में मनीष यादव का भी नाम सामने आया था। साल 2024 के मई माह में गोरखपुर एसटीएफ ने चिलुआताल क्षेत्र से मनीष यादव को गिरफ्तार किया था।
एसटीएफ की पूछताछ में मनीष यादव ने बताया था कि वह गोरखपुर के ही शशांक पांडेय के माध्यम से लारेंस विश्नोई गैंग से जुड़ा था। वह इंदौर में रहकर असलहा सप्लाई का काम करता था। सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में पकड़े गए आरोपियों ने असलहा सप्लाई में मनीष यादव का नाम लिया था।
इस घटना के बाद से ही चुपचाप मनीष गोरखपुर स्थित घर पर आ गया था। लेकिन वह ज्यादातर बिहार में ही अपना ठिकाना बनाया हुआ था।
जबकि अंबाला एसटीएफ लगातार मनीष यादव की लोकेशन ट्रेस कर रही थी। इसी बीच उसकी लोकेशन गोरखपुर के बरगदवा में मिली। इसके बाद गोरखपुर एसटीएफ के साथ मिलकर मनीष यादव को गिरफ्तार कर अंबाला लेकर गई थी। इसके अलावा भी बिश्नोई गैंग द्वारा कई घटनाएं अंजाम दी गई थी। जिसमे मनीष यादव ने ही असलहा सप्लाई किया था।
इस संबंध में एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से पिस्टल, मैगजीन और गोलियां भी बरामद हुई हैं।

21 मार्च को पकड़े गए थे 6 आरोपी
हत्या की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने शनिवार को 06 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान चिलुआताल के बरगदवा निवासी दीपक गौड़, लालजी यादव उर्फ गट्टू, शेषनाथ यादव, अंकित यादव, देवव्रत यादव और एक बाल अपचारी के रूप में हुई। बाल अपचारी ने राज की खून से सनी जैकेट जलाई थी।
इसके अलावा हत्या की घटना को अंजाम देने के आरोपी राज चौहान उर्फ निरहुआ और विपिन यादव को पहले ही पकड़े जा चुके हैं। साजिश रचने के आरोपियों ने राज चौहान उर्फ निरहुआ को मारने के लिए उकसाया था। मृतक राजकुमार के भतीजे नीरज चौहान ने 21 फरवरी को राज के भाई को मारा-पीटा था। शिकायत करने गई राज की मां का गाली देकर भगा दिया था।

इसके बाद से ही राज चौहान नीरज को जान से मारना चाह रहा था। लेकिन सभी आरोपियों ने मिलकर उसे समझाया कि नीरज को मारोगे तो राजकुमार तुम्हें जिंदा नहीं छोड़ेगा, इसलिए राजा को मारो, मंत्री खुद ही खत्म हो जाएगा। राजकुमार को मारने के बाद नीरज को मारने का प्लान तैयार किया गया था।
इस संबंध में एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि गीडा सीओ योगेंद्र सिंह और कैंपियरगंज सीओ अनुराग सिंह ने मेहनत कर कड़ी से कड़ी जोड़ी है। तब जाकर साजिश करने वालों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य मिले हैं। सभी आरोपियों की राज चौहान उर्फ निरहुआ से कई बार बात हुई है। सीडीआर से पूरा डिटेल निकाल लिया गया है।
उन्होंने बताया कि एक साल से मारने की तैयारी चल रही थी। एक साल पहले असलहा भी खरीदा गया था। तभी से योजना बन रही थी, लेकिन घटना करने के लिए राज उर्फ निरहुआ हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। इसी बीच जब उसके भाई को मारा पीटा गया, तब उसके अंदर गुस्सा जागा। उसने कॉल करके दीपक से कहा कि किसी भी हाल में अब में राजकुमार को निपटाकर ही दम लूंगा।

एसपी नॉर्थ ने प्रेस कांफ्रेंस कर दी आरोपियों के बारे में जानकारी
सबसे पहले 14 मार्च को रेकी कर राज उर्फ निरहुआ अपने दोस्त विपिन के साथ घटना स्थल पर गया था। लेकिन उस दिन राजकुमार टहलने नहीं गया, इसलिए प्लान फेल हो गया था। इसके बाद से लगातार राज सुबह वहां जा रहा था। 17 मार्च को जैसे ही राजकुमार भोर में वहां पहुंचा। उसपर हमला कर दिया। चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई।
12 घंटे में पकड़े गए आरोपी
घटना के 12 घंटे बाद बाद बरगदवां के दो आरोपी राज चौहान और विपिन यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। हत्यारोपियों ने इस घटना में इस्तेमाल किया चाकू भी अब पुलिस का बरामद कराया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने मुर्गा काटने वाला चाकू से भाजपा नेता पर हमला किया था। दहशत फैलाने के लिए तमंचे से फायरिंग भी की थी।

घटना के बाद दोनों आरोपियों ने खून से सने कपड़े बंधे के पास जला दिए थे। वहीं अपने एक परिचित के पास तमंचा छिपाया था। जिसको पकड़ने पुलिस उसके घर पहुंची तो वह पहले से ही फरार था। अब उसकी तलाश चल रही है।

दीपक गौड़ और आरोपी के बीच 35 बार बात हुई
बरगदवां के रहने प्रापर्टी डीलर राजकुमार चौहान हत्याकांड की जांच में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे। जांच के दौरान सामने आया है कि नामजद आरोपी दीपक गौड़ और मुख्य हत्यारोपी राज चौहान के बीच पिछले 6 महीनों में करीब 35 बार फोन पर बातचीत हुई थी। इस खुलासे के बाद पुलिस का शक और गहरा गया है कि हत्या की काफी पहले से साजिश रची गई थी।
एपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार के अनुसार, राज चौहान 6 माह पहले तक दीपक गौड़ का डंपर चलाता था। दोनों के बीच पुराने संबंध रहे हैं। इस बीच वह किसी और का एक हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से डंपर चलाता था। वारदात की रात भी वह डंपर चलाने गया था।
देर रात जब उसकी मां निर्मला देवी ने उसके मोबाइल पर काॅल कर आने की बात पूछी तो उसके डंपर मिट्टी में फंसने का हवाला देते हुए अगले दिन आने की बात कहते हुए फोन काट दिया था।

मंगलवार यानी 17 मार्च की सुबह राज ने अपने दोस्त विपिन यादव के साथ मिलकर राजकुमार की हत्या कर मौके से भाग निकला था। पुलिस के अनुसार राज हाल ही में मछली पालन का व्यवसाय शुरू करने की तैयारी में था और इसी दौरान दोनों के बीच संपर्क फिर से बढ़ा।
कॉल डिटेल्स से यह स्पष्ट हुआ है कि बीते छह महीनों में दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही, जिससे पुलिस इस एंगल को गंभीरता से जांच रही है। पुलिस ने हत्यारोपी राज के निशानदेही पर उसके घर से हत्या में प्रयुक्त मुर्गा काटने वाला चाकू भी बरामद कर ली है। जिसे जांच के लिए फाॅरेंसिक लैब भेजा गया है।
सबूत मिटाने के लिए जला दिए थे खून से सने कपड़े
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों सबूत मिटाने की भी साजिश रची गई थी। जांच में यह बात सामने आई है कि वारदात के बाद राज और उसके साथी विपिन यादव ने खून से सने कपड़ों को नष्ट करने की योजना बनाई। दोनों ने एक परिचित के माध्यम से उन कपड़ों को जलवा दिया, ताकि पुलिस को कोई ठोस सबूत न मिल सके।
इस मामले में पुलिस ने कपड़े जलाने में मदद करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और हत्या के पीछे की असली वजह क्या थी।

गांव के युवक के पास रखा था तमंचा
पुलिस के अनुसार हत्यारोपियों ने प्रापर्टी डीलर पर पहले तमंचे से फायर किया था, लेकिन राजकुमार बचकर भागने लगे थे। इसके बाद दोनों हत्यारोपियों ने उन्हें 100 मीटर तक पीछा कर दबोच लिया।
इसके बाद ताबड़तोड़ सीने, सिर, चेहरे, पेट व पीठ पर वार कर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद वहां से भाग निकले थे। वारदात के बाद तमंचा उसने गांव के ही रहने वाले सचिन यादव को दे दिया था। मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस टीम सचिन की तलाश में दबिश देना शुरू किया था।

आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
भाजपा नेता राजकुमार चौहान की पत्नी सुशीला देवी ने कहा-
पति पर चाकू से हमला कर मारने वाले केवल मोहरा हैं। हमला कराने वाला असली खिलाड़ी कोई और है, जिसने पैसा देकर मेरे पति को मरवाया। मैंने गांव के 8 लोगों के नाम पुलिस को बताए थे, वही पति के असली कातिल हैं।
जब तक उन्हें सजा नहीं दिलाऊंगी, चैन से नहीं बैठूंगी। मेरा परिवार सड़क पर आ गया। सीएम योगी से मेरी अपील है कि आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलवाइए। जैसे मेरा पति मरा, वैसे ही उनका भी एनकाउंटर होना चाहिए। मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।’
परिवार की शिकायत पर पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की। 8 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। हालांकि, परिवार इस गिरफ्तारी पर खुश नहीं है। पत्नी और बहन का कहना है कि पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, वो केवल मोहरा हैं। साजिशकर्ता कोई और है। उकसा कर हमला कराया गया।

भाजपा नेता राजकुमार चौहान के घरवालों का कहना है कि हत्या कराई गई है, पुलिस असली आरोपी को पकड़े।
घर में मातम, पत्नी-बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल
गोरखपुर के बरगदवां में स्थित राजकुमार के घर पर मातम छाया है। पत्नी, दोनों बेटियां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी सुशीला कहती हैं- हमारा सब कुछ लुट गया। पति राजनीति में आगे बढ़ रहे थे। इससे जलने वालों ने उनके साथ पूरे परिवार को खत्म कर
पति चुनाव हारे, उसके बाद रंजिश बढ़ी
सुशीला कहती हैं- 3 साल पहले पार्षद का चुनाव हुआ था। उसमें पति हार गए थे, धर्मदेव चौहान जीत गए थे। उसके बाद से रंजिश बढ़ती गई। 2 साल पहले पार्षद धर्मदेव के लोगों ने भतीजे नीरज के साथ मारपीट की थी। इसमें भतीजे को पुलिस ने चौकी में बैठा लिया था।
पति जब उसे छुड़ाने गए, तो उनको भी फर्जी केस में फंसाकर जेल भेज दिया गया था। वह एक महीना जेल काटकर आए थे। तब से ही ये लोग दुश्मनी निकालने में जुटे थे।

परिवार बोला- अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई
पत्नी सुशीला ने बताया- बुधवार को डीएम और एसएसपी ने मिलने के लिए बुलाया था। उन्होंने कहा कि बच्चों को कहां पढ़ाना है, बताओ। बिजनेस के लिए लोन दिलाएंगे। मैंने उनसे कहा कि जब पति ही नहीं रहा, तो लोन लेकर क्या करेंगे? अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री ने अपराधियों को मिट्टी में मिलाने की बात कही थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। मंत्री दारा सिंह चौहान ने 10 लाख रुपए की मदद देने की बात कही है।

भतीजा बोला- चाचा ने दीपक का नाम लिया थ
राजकुमार के भतीजे नीरज ने बताया- हमने जिनका नाम दिया, उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। हम पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। कोई बड़ा विवाद नहीं था। लेकिन, चाचा की पहचान और दबदबे से लोग खुन्नस रखते थे। हमें यह तक नहीं पता कि आरोपी कहां रखे गए हैं? चाचा मरने से पहले दीपक का नाम लेकर चिल्ला रहे थे।

आरोपी की मां बोली- तंग आ गया था बेटा
राजकुमार के घर से करीब 100 मीटर दूर राज चौहान का घर है। उसके घर के सामने से ही रोज राजकुमार भोर में टहलने जाते थे। राज की मां निर्मला चौहान ने बताया- मेरे 3 बेटे हैं। राज डंपर चलाता था। राजकुमार का भतीजा नीरज मेरे बच्चों के साथ हमेशा मारपीट करता रहता था।
पुलिस भी हमारी शिकायत नहीं सुनती थी। राज लंबे समय से इस प्रताड़ना को झेल रहा था। उसने हत्या की या नहीं, यह मुझे नहीं मालूम। नीरज ने मेरे तीनों बेटों को कई बार मारा। राज को मछली पालन का काम मिल गया था।
घटना के दिन शाम 6 बजे उसने फोन कर बताया था कि वह मिट्टी गिराने का काम कर रहा है। लेकिन, उसकी गाड़ी कहीं फंस गई थी। इसलिए वह देर रात तक नहीं आया था।

डॉक्टर बोले- चाकू से गोदकर हत्या की गई
भाजपा नेता राजकुमार चौहान की हत्या धारदार हथियार से कई वार कर की गई थी। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर ने भी यह दावा किया है। उधर, पुलिस ने हत्याकांड में शामिल 2 आरोपियों राज चौहान और विपिन यादव को बुधवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस अभी तक हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद नहीं कर सकी है।

भाजपा नेता को 2 हमलावरों ने घेरकर ताबड़तोड़ चाकू मारे
गोरखपुर के भाजपा नेता और पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान (38) की 17 मार्च (मंगलवार) की सुबह करीब 5 बजे हत्या की गई थी। वह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे। करीब आधे घंटे बाद उनकी हत्या की सूचना मिली।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घर से 500 मीटर दूर 2 हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। जब तक वह कुछ समझ पाते, उन पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू लगने के बाद वे खुद को बचाकर भागे, लेकिन हमलावरों ने दौड़ाकर उन्हें पकड़ लिया।
करीब 100 मीटर दूर उन्हें पकड़कर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। उनके सिर, सीने और चेहरे पर 11 बार चाकू मारे गए। हमलावर कुछ देर तक वहीं रुककर उनके मरने का इंतजार करते रहे। तसल्ली होने के बाद वहां से भाग गए।
सूचना मिलते ही भाजपा नेता के घरवाले पहुंचे और उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही पत्नी सुशीला बेहोश हो गईं। बहन मोहनी ने कहा था- जान के बदले जान चाहिए। परिवार कौन चलाएगा? भतीजी को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए।


भीड़ का हंगामा, पुलिस ने लाठी फटकार कर हटाया
वारदात के बाद 500 से ज्यादा लोग जुट गए और गोरखपुर-सोनौली रोड जाम कर हंगामा किया। सूचना पर 10 थानों की फोर्स पहुंची और लोगों को लाठी फटकार कर हटाया। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब 5 बजे शव घर पहुंचा, जिसके बाद परिजन अपनी मांगों पर अड़ गए।
सांसद बोले- हत्यारों को बचाने वालों को राज्यसभा में नंगा कर दूंगा
राज्यसभा सदस्य डॉ. राधा मोहन अग्रवाल और कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के समझाने पर परिवार मान गया। देर रात मोहरीपुर के पास घाट पर दाह संस्कार किया गया। इस दौरान करीब 2000 से अधिक लोग मौजूद थे। डॉ. अग्रवाल ने कहा-पार्लियामेंट छोड़कर आया हूं, जो इस हत्याकांड के आरोपियों को बचाने आएगा, उसे राज्यसभा में नंगा कर दूंगा।

भाजपा ने विधानसभा का टिकट मांग रहे थे भाजपा नेता
राजकुमार चौहान बरगदवा इलाके में रहने वाले जंगी चौहान के इकलौते बेटे थे। उनकी 18 साल पहले शादी हुई थी। उनकी 2 बेटियां- सोनम (17) और प्रियंका (13) हैं, जबकि 12 साल का बेटा युवराज है। उनकी 4 बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है।
बताया जा रहा है कि ओबीसी समुदाय से आने वाले राजकुमार 2027 में बस्ती से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। वह भाजपा से टिकट मांग कर रहे थे। राजकुमार साल- 2018 से 2023 तक पार्षद प्रतिनिधि रहे।
उन्होंने अपने ड्राइवर वीरेंद्र चौहान की पत्नी रिंकी देवी को पार्षद बनवाया था। बाद में रिंकी देवी ने भाजपा को समर्थन दे दिया था। एक साल पहले राजकुमार मारपीट के मामले में जेल भी गए थे।

राजकुमार ने फेसबुक पर 18 घंटे पहले पोस्ट किया था
राजकुमार चौहान के फेसबुक पर 40K फॉलोअर्स हैं, जबकि वे 25 लोगों को फॉलो करते थे। उन्होंने 16 मार्च को सुबह 11 बजकर 5 मिनट पर आखिरी पोस्ट की थी। इसमें लिखा-अकेले चलने का हुनर रखता हूं, दिल और जिगर दोनों मजबूत रखता हूं।
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने अपने पिता के लिए लिखा था-पिता एक वट वृक्ष हैं, जो अपनी छांव में पूरे परिवार को सुरक्षित रखते हैं।

5 दिन पहले राज्यसभा सांसद के साथ रील पोस्ट की थी
राजकुमार ने 5 दिन पहले राज्यसभा सांसद राधामोहन अग्रवाल के साथ एक रील पोस्ट की थी। इसमें लिखा था- हमारे प्रिय गुरुजी, राज्यसभा सांसद जी। इससे पहले 9 मार्च को उन्होंने कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के साथ भी एक रील पोस्ट की थी।

16 मार्च को लाइव आए थे राजकुमार चौहान
राजकुमार चौहान 16 मार्च को फेसबुक पर लाइव आए थे। वह 28 मिनट तक लाइव रहे। इस दौरान उन्होंने कहा- आप सभी साथियों को जय-जय श्रीराम। लाइव के दौरान एक युवक ने सवाल किया था- चौहानों में एकता नहीं है। इस पर उन्होंने जवाब दिया- ऐसा कुछ नहीं है, आपके साथ जो भी किसी जाति के लोग हों, वही अपने हैं।

9 मार्च को राजकुमार ने कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के साथ रील पोस्ट की थी।

