
शोक में डूबा परिवार, मासूम बेटियां अनाथ
हिंसा में जान गंवाने वाले शिवम कश्यप के घर का माहौल बेहद मार्मिक है। पांच वर्ष पहले पिता को खोने के बाद शिवम ही चार भाइयों का सहारा था। चार साल पहले शादी हुई थी, लेकिन अब उसकी दो मासूम बेटियां—कीर्ति और अनाया—पिता के साए से वंचित हो गई हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार मामूली विवाद ने एक खुशहाल परिवार उजाड़ दिया।
तीन आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद रात में पहुंचे पुलिस महानिरीक्षक किरण यश ने मौके का सघन निरीक्षण किया और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस की पांच टीमें गठित की गईं।
मझिला पुल के पास चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर बाइक सवार आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। अपने को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में अनुप पांडेय और अतुल (पुत्र देवी सहाय) के पैर में गोली लगी, जबकि नीरज को पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस ने उनके पास से .315 बोर व 12 बोर तमंचा, कारतूस, हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और मोटरसाइकिल बरामद की।
गांव में कड़ी सुरक्षा, पीएसी तैनात
गांव में तनाव को देखते हुए चार थानों की पुलिस और पीएसी लगाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि हालात सामान्य होने तक सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सुबह हुए विवाद के बाद शाम की वारदात पूर्वनियोजित तो नहीं थी।
वाहन बरामद, रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने उस बोलेरो पिकअप को कब्जे में ले लिया है, जिससे 70 वर्षीय देवी सहाय को कुचला गया था। तीनों मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे।
ढोलिया में तीन अर्थियां उठीं, गांव में मातम पसरा
शनिवार दोपहर ढोलिया गांव में एक साथ तीन अर्थियां उठीं तो हर आंख नम हो गई। मासूम बेटियों की चीखें सुनकर लोग खुद को संभाल नहीं पाए। पुलिस की मौजूदगी में मेहंदीघाट पर अंतिम संस्कार कराया गया। गांव में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है।

