
सूचना मिलने के बाद मौके पर भारी पुलिस बल बुला लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर वापस घरों को भेज दिया। बता दें कि मल्हिया पासी द्वार को फिर से लगवाने की मांग के साथ द्वार स्थल पर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर और उनकी पत्नी विधायक जयदेवी धरने पर बैठे हैं।




क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात
धरना स्थल के चारों तरफ भारी संख्या में पुलिस मौजूद है। कई थानों की पुलिस पहुंची है। मलिहाबाद के चारों ओर पुलिस बल तैनात है। जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है। लखनऊ-हरदोई राष्ट्रीय राजमार्ग को पुलिस द्वारा समझाने पर संगठन के लोगों ने खोल दिया है। पूर्व सांसद कौशल किशोर और उनकी पत्नी जय देवी कौशल और उनके समर्थक स्मृति द्वार स्थल के पास शांतिपूर्वक धरना दे रहे हैं।
कौशल किशोर ने बताया कि गेट विधायक निधि द्वारा लगाया गया था। जिस ठेकेदार से गेट लगवाया गया था, वही उसे उखाड़कर ले गया था। इसका विरोध किया गया, जिसके बाद टूटा हुआ गेट दोबारा मंगाया गया। गेट आने के बाद अभी तक दोबारा लगाया नहीं गया।
मलिहाबाद को मल्हिया पासी द्वारा बसाया गया था। हमारे द्वारा शांति पूर्ण तरीके से धरना दिया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग को रोकने के सवाल पर उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुझे जानकारी नहीं है।
विधायक जयदेवी की निधि से लगवाया गया था द्वार
वह स्मृति द्वार विधायक जयदेवी की निधि से लगवाया गया था। बताया जा रहा है कि इसे बीते 22 अप्रैल को ठेकेदार ने काटकर हटा लिया था। घटना के बाद उसी दिन पासी समाज के सैकड़ों लोगों ने धरना-प्रदर्शन कर स्मृति द्वार को दोबारा स्थापित करने की मांग की थी। उस समय प्रशासन ने दो दिन का समय लेकर धरना समाप्त कराया था।
प्रशासन की ओर से दिया गया तय समय बीत जाने के बाद भी स्मृति द्वार दोबारा स्थापित नहीं किया गया। इससे लोगों में आक्रोश फैल गया। वो सड़क पर उतर आए। उनकी मांग है कि द्वार लगवाया जाए। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर और क्षेत्रीय विधायक जयदेवी कौशल के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरना भी 25 अप्रैल से चल रहा है।

पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और वीडियो मिले थे
मोहान रोड पर ‘महाराजा मल्हिया पासी स्वागत द्वार’ गिराए जाने के मामले में पुलिस को 25 अप्रैल को CCTV फुटेज और वीडियो मिले थे। इनमें कुछ लोग क्रेन और हाइड्रा मशीन से द्वार को गिराते दिख रहे हैं। इसके बाद उसे काट-काटकर डीसीएम से लादकर ढो ले गए। पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा में मुकदमा दर्ज किया है।
महिलाबाद थाने से जारी एक प्रेसनोट में बताया गया है- यह घटना 22 अप्रैल 2026 की रात करीब 3:14 बजे हुई। कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने क्रेन या हाइड्रा मशीन का उपयोग करके स्वागत द्वार को गिरा दिया। इसके बाद वो एक डीसीएम वाहन से द्वार के वहां से ढो ले गए। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिससे इसकी पुष्टि हुई है।

सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। थाना मलिहाबाद में इस मामले को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना में शामिल व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही उनको गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मलिहाबाद कस्बे में मोहान तिराहे पर विधायक निधि से महाराजा मल्हिया पासी स्मृति गेट लगवाया गया। उसे 21 अप्रैल को देर रात उखाड़ दिया गया। कुछ लोग उसे क्रेन से उखाड़ और काटकर डीसीएम में लादकर ले जाते दिखे। उस घटना के बाद 22 अप्रैल को क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पासी समाज के आक्रोशित लोगों ने सुबह करीब 11 बजे मोहन तिराहे पर मलिहाबाद जाने वाले मुख्य मार्ग को जामकर धरना शुरू कर दिया। उन्हें प्रशासन ने किसी तरह 2 दिन की मोहलत के साथ मना लिया। धरने में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर भी पहुंचे थे। 2 दिन बाद जब द्वार नहीं लगा तो खुद कौशल किशोर ने 25 अप्रैल को पत्नी विधायक जयदेवी के साथ धरना शुरू कर दिया। 26 अप्रैल को एक बार फिर सुहेलदेव आर्मी और लाखन पासी की टीम के लोगों ने प्रदर्शन कर स्टेट हाईवे जाम कर दिया।

